ऑपरेशन अमिस्ताद: वेनेजुएला के भूकंप पीड़ितों की सेवा में भारतीय सेना का फील्ड अस्पताल, बुजुर्ग महिला बोलीं — 'हिंदुस्तानी दोस्त, यह साथ यादगार है'
सारांश
मुख्य बातें
ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत वेनेजुएला में तैनात भारतीय सेना का फील्ड अस्पताल 1 जुलाई 2026 को भी पूरी क्षमता से कार्यरत है, जहाँ 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों में 1,400 से अधिक लोगों की जान गँवा चुके इस देश के पीड़ितों को आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ दी जा रही हैं। भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए वीडियो में एक भावुक बुजुर्ग महिला को भारतीय दल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते देखा जा सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
24 जून 2026 को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भयंकर भूकंप आए, जिनसे देश के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई और 1,400 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई। इसके तत्काल बाद भारत ने मानवीय सहायता और बचाव कार्यों के लिए ऑपरेशन अमिस्ताद की शुरुआत की। भारतीय वायुसेना के दो सी-17 विमान कोटे डी आइवर के अबिदजान होते हुए वेनेजुएला पहुँचे, जिनमें राहत सामग्री, भारतीय सेना की फील्ड अस्पताल टीम और दो 'भीष्म क्यूब' भेजे गए।
भारतीय दल की संरचना और सेवाएँ
कोटे डी आइवर में भारतीय दूतावास द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस मिशन में कुल 41 सदस्य हैं, जिनमें 9 डॉक्टर शामिल हैं। यह टीम आपातकालीन उपचार, गंभीर चोटों की सर्जरी और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम है। फील्ड अस्पताल में पीड़ित पंक्ति में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे, जबकि मेडिकल टीम उन्हें ढाँढस बँधाती और उपचार करती नज़र आई।
भावुक पल: बुजुर्ग महिला का आभार
भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी वीडियो क्लिप में एक बुजुर्ग वेनेजुएलाई महिला फील्ड अस्पताल में अपना अनुभव साझा करते हुए भावुक हो गईं। आँखों में आँसू लिए उन्होंने कहा, "मेरे हिंदुस्तानी दोस्तों, इस मुश्किल समय में आप हमारे साथ खड़े हैं, ये यादगार है और इसके लिए हम आपको दिल से धन्यवाद देते हैं। आपकी सेवाएँ लाजवाब और वाकई काबिल-ए-तारीफ हैं। आप जितने प्यार और सम्मान से हमारी देखभाल कर रहे हैं, वो वाकई सर्वोत्तम है। मेरी दुआएँ आपके साथ हैं, ऊपर वाला हमेशा आपके साथ रहे।" यह भावनात्मक क्षण इस मिशन की मानवीय गहराई को रेखांकित करता है।
विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राहत सामग्री के वेनेजुएला पहुँचने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत की सहायता वेनेजुएला पहुँच गई है। हमें भरोसा है कि फील्ड अस्पताल यूनिट, राहत सामग्री, दवाइयाँ और मेडिकल उपकरण वहाँ भूकंप के बाद चल रहे राहत कार्यों को और मजबूती देंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत की फील्ड अस्पताल यूनिट, दवाइयाँ और मेडिकल उपकरण राहत अभियान को और सुदृढ़ करेंगे।
आगे क्या
भारतीय सेना की 41 सदस्यीय टीम फिलहाल काराकस में तैनात है और जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, राहत कार्य जारी रखने की उम्मीद है। यह मिशन भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' की विदेश नीति का व्यावहारिक उदाहरण है — जहाँ भौगोलिक दूरी मानवीय सहायता में बाधा नहीं बनती।