ऑपरेशन अमिस्ताद: वेनेजुएला भूकंप पीड़ितों ने भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल को बताया 'बेहतरीन'
सारांश
मुख्य बातें
ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत वेनेजुएला पहुँची भारतीय सेना की मेडिकल टीम ने भूकंप पीड़ितों के बीच विश्वास और कृतज्ञता अर्जित की है। 24 जून 2026 को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दोहरे भूकंपों में 2,954 से अधिक लोगों की मौत और हज़ारों के घायल होने के बाद भारत ने तत्परता से मानवीय सहायता का हाथ बढ़ाया। फील्ड अस्पताल चौबीसों घंटे सर्जरी, ट्रॉमा केयर और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर रहा है।
पीड़ितों की ज़बानी: भारतीय टीम की तारीफ
एक घायल मरीज की माँ लिजेट रोड्रिगेज ने भारतीय मेडिकल टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'मैंने अपने बेटे एंथनी अगिलार्ते को फीमर फ्रैक्चर के इलाज के लिए भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल में भर्ती कराया। सोच यही थी कि बेहतरीन मेडिकल टीम मेरे बच्चे को अच्छी तरह ट्रीट करेगी और ऐसा हुआ। भारत सरकार और मेडिकल टीम का धन्यवाद कि उन्होंने इस कठिन समय में हमें मदद पहुँचाई।'
एक अन्य घायल योए गार्सिया ने बताया कि भूकंप में हाथ और पैर में गंभीर चोट लगने के बाद भारतीय मेडिकल टीम ने उनका सफल ऑपरेशन किया, जिसके बाद वह अब स्वस्थ हो रहे हैं।
सरकार और सेना की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि भारतीय सेना का फील्ड अस्पताल 'मानवता और सेवा' का प्रतीक बनकर काम कर रहा है। भारतीय सेना की एडीजीपीआई ने बताया कि यह मिशन भारत की मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) के प्रति मज़बूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
गौरतलब है कि भारत ने पहले भी तुर्किये, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में आपदा के समय त्वरित राहत भेजी है — ऑपरेशन अमिस्ताद इसी परंपरा की अगली कड़ी है।
वेनेजुएला में तबाही का पैमाना
24 जून 2026 को आए दोहरे भूकंपों ने वेनेजुएला में भारी तबाही मचाई। अब तक 2,954 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि हज़ारों लोग घायल और बेघर हैं। वेनेजुएला सरकार ने राहत कार्यों के लिए 80 अस्थायी शिविर स्थापित किए हैं और हज़ारों बचावकर्मी खोज एवं राहत अभियान में जुटे हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला की स्वास्थ्य प्रणाली पहले से ही आर्थिक संकट के कारण दबाव में है। भारतीय फील्ड अस्पताल स्थानीय चिकित्सा ढाँचे की कमी को पाटने में अहम भूमिका निभा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार राहत अभियान जारी रहेगा और ज़रूरत के अनुसार सहायता बढ़ाई जाएगी।