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ऑपरेशन अमिस्ताद: भारत ने वेनेजुएला को भेजे 35 टन राहत सामग्री, 41 सदस्यीय मेडिकल दल रवाना

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ऑपरेशन अमिस्ताद: भारत ने वेनेजुएला को भेजे 35 टन राहत सामग्री, 41 सदस्यीय मेडिकल दल रवाना

सारांश

भारत ने ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत वेनेजुएला में 7.5 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद 35 टन राहत सामग्री और 41 सदस्यीय मेडिकल दल भेजा है। 1,430 मौतों और 3,238 घायलों के बीच यह भारत की आपदा-कूटनीति का ताज़ा उदाहरण है।

मुख्य बातें

भारत ने ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत वेनेजुएला को 35 टन राहत सामग्री और 41 सदस्यीय मेडिकल दल भेजा।
भारतीय वायुसेना के दो सी-17 विमान आबिदजान के रास्ते वेनेजुएला पहुँचे; साथ में दो भीष्म क्यूब भी।
दल में 9 चिकित्सा अधिकारी शामिल; लगभग 6 टन दवाइयाँ भी भेजी गईं।
यूएसजीएस के अनुसार 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप मोरोन के पास, 10 किमी गहराई पर आए।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार 1,430 मौतें , 3,238 घायल , 3,142 परिवार प्रभावित; 430 आफ्टरशॉक दर्ज।
जयशंकर ने एक्स पर राहत पहुँचने की पुष्टि की।

भारत ने ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत भूकंप की विभीषिका झेल रहे वेनेजुएला को तत्काल मानवीय सहायता भेजी है। भारतीय वायुसेना के दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों में 35 टन राहत सामग्री, एक फील्ड हॉस्पिटल दल और दो भीष्म क्यूब लेकर यह सहायता 28 जून को वेनेजुएला पहुँची। यह कदम तब उठाया गया जब वेनेजुएला में आए 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों में अब तक 1,430 लोगों की मौत हो चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'भारत की मदद वेनेजुएला पहुंच गई है। हमें विश्वास है कि फील्ड हॉस्पिटल यूनिट, राहत सामग्री, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण वहां चल रहे राहत कार्यों को मजबूत करेंगे।' विमान कोट डी आइवर स्थित आबिदजान के रास्ते वेनेजुएला पहुँचे।

इस अभियान में भेजे गए 41 सदस्यीय दल में 9 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। दल के साथ विदेश मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई गई लगभग 6 टन दवाइयाँ और मानवीय राहत सामग्री भी भेजी गई है। इसके अतिरिक्त, आरोग्य मैत्री परियोजना के अंतर्गत भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित एवं मैत्री (भीष्म) क्यूब भी इस राहत खेप में शामिल है।

भूकंप की भयावहता

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, वेनेजुएला में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर पहले 7.1 तीव्रता और फिर एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का भूकंप आया। दोनों झटके राजधानी कराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम स्थित तटीय शहर मोरोन के निकट केंद्रित थे। भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे सतह पर विनाश की तीव्रता और बढ़ गई।

वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बताया कि मुख्य भूकंपों के बाद अब तक 430 आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस आपदा में 1,430 लोगों की मौत, 3,238 घायल और 3,142 परिवार प्रभावित हुए हैं।

मेडिकल दल की क्षमता

तैनात किया गया भारतीय सेना का फील्ड हॉस्पिटल दल आपातकालीन चिकित्सा सेवा, ट्रॉमा प्रबंधन, जीवनरक्षक सर्जरी और अन्य अत्यावश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ देने में सक्षम है। भीष्म क्यूब एक पोर्टेबल अस्पताल प्रणाली है जिसे आपदा-प्रभावित क्षेत्रों में तेज़ी से तैनात किया जा सकता है।

यह ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला की स्वास्थ्य प्रणाली पहले से ही दीर्घकालिक आर्थिक संकट के कारण दबाव में थी, जिससे भारत की इस त्वरित तैनाती का महत्व और बढ़ जाता है।

भारत की मानवीय कूटनीति

भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन अमिस्ताद मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। गौरतलब है कि भारत इससे पहले तुर्किये, सीरिया, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में भी इसी तरह की त्वरित राहत तैनाती कर चुका है। यह अभियान वैश्विक दक्षिण में भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।

आने वाले दिनों में राहत कार्यों की प्रगति और आफ्टरशॉक की स्थिति के आधार पर भारत अतिरिक्त सहायता पर विचार कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की उस रणनीतिक सोच का विस्तार है जो 'वसुधैव कुटुम्बकम' को व्यावहारिक कूटनीति में बदलती है — खासकर लैटिन अमेरिका जैसे उन क्षेत्रों में जहाँ भारत की पारंपरिक उपस्थिति सीमित रही है। भीष्म क्यूब जैसी स्वदेशी तकनीक का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन भारत के HADR सामर्थ्य को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की कोशिश भी है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि वेनेजुएला के साथ भारत के राजनयिक संबंध जटिल रहे हैं, और यह देखना होगा कि यह सहायता दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंधों में कोई ठोस बदलाव लाती है या नहीं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन अमिस्ताद क्या है?
ऑपरेशन अमिस्ताद भारत का वह मानवीय राहत अभियान है जिसके तहत वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद 35 टन राहत सामग्री, एक फील्ड हॉस्पिटल दल और भीष्म क्यूब भेजे गए। यह अभियान भारत की आपदा राहत और मानवीय सहायता नीति का हिस्सा है।
वेनेजुएला में भूकंप कितना तीव्र था और कितना नुकसान हुआ?
यूएसजीएस के अनुसार वेनेजुएला में 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप कराकस से लगभग 160 किलोमीटर दूर मोरोन के पास आए। सरकारी आँकड़ों के अनुसार 1,430 लोगों की मौत, 3,238 घायल और 3,142 परिवार प्रभावित हुए हैं।
भारत ने वेनेजुएला को क्या-क्या भेजा?
भारत ने भारतीय वायुसेना के दो सी-17 विमानों के ज़रिए 35 टन राहत सामग्री, 41 सदस्यीय मेडिकल दल (जिसमें 9 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं), लगभग 6 टन दवाइयाँ और दो भीष्म क्यूब भेजे।
भीष्म क्यूब क्या होता है?
भीष्म क्यूब 'आरोग्य मैत्री परियोजना' के तहत विकसित एक पोर्टेबल अस्पताल प्रणाली है जिसे आपदा-प्रभावित क्षेत्रों में तेज़ी से तैनात किया जा सकता है। इसका पूरा नाम 'भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित एवं मैत्री (भीष्म)' है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने वेनेजुएला राहत पर क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि 'भारत की मदद वेनेजुएला पहुंच गई है' और विश्वास जताया कि फील्ड हॉस्पिटल यूनिट, राहत सामग्री, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण वहाँ चल रहे राहत कार्यों को मजबूत करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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