ऑपरेशन अमिस्ताद: भारत ने वेनेजुएला को भेजे 35 टन राहत सामग्री, 41 सदस्यीय मेडिकल दल रवाना
सारांश
मुख्य बातें
भारत ने ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत भूकंप की विभीषिका झेल रहे वेनेजुएला को तत्काल मानवीय सहायता भेजी है। भारतीय वायुसेना के दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों में 35 टन राहत सामग्री, एक फील्ड हॉस्पिटल दल और दो भीष्म क्यूब लेकर यह सहायता 28 जून को वेनेजुएला पहुँची। यह कदम तब उठाया गया जब वेनेजुएला में आए 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों में अब तक 1,430 लोगों की मौत हो चुकी है।
मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'भारत की मदद वेनेजुएला पहुंच गई है। हमें विश्वास है कि फील्ड हॉस्पिटल यूनिट, राहत सामग्री, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण वहां चल रहे राहत कार्यों को मजबूत करेंगे।' विमान कोट डी आइवर स्थित आबिदजान के रास्ते वेनेजुएला पहुँचे।
इस अभियान में भेजे गए 41 सदस्यीय दल में 9 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। दल के साथ विदेश मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई गई लगभग 6 टन दवाइयाँ और मानवीय राहत सामग्री भी भेजी गई है। इसके अतिरिक्त, आरोग्य मैत्री परियोजना के अंतर्गत भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित एवं मैत्री (भीष्म) क्यूब भी इस राहत खेप में शामिल है।
भूकंप की भयावहता
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, वेनेजुएला में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर पहले 7.1 तीव्रता और फिर एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का भूकंप आया। दोनों झटके राजधानी कराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम स्थित तटीय शहर मोरोन के निकट केंद्रित थे। भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे सतह पर विनाश की तीव्रता और बढ़ गई।
वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बताया कि मुख्य भूकंपों के बाद अब तक 430 आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस आपदा में 1,430 लोगों की मौत, 3,238 घायल और 3,142 परिवार प्रभावित हुए हैं।
मेडिकल दल की क्षमता
तैनात किया गया भारतीय सेना का फील्ड हॉस्पिटल दल आपातकालीन चिकित्सा सेवा, ट्रॉमा प्रबंधन, जीवनरक्षक सर्जरी और अन्य अत्यावश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ देने में सक्षम है। भीष्म क्यूब एक पोर्टेबल अस्पताल प्रणाली है जिसे आपदा-प्रभावित क्षेत्रों में तेज़ी से तैनात किया जा सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला की स्वास्थ्य प्रणाली पहले से ही दीर्घकालिक आर्थिक संकट के कारण दबाव में थी, जिससे भारत की इस त्वरित तैनाती का महत्व और बढ़ जाता है।
भारत की मानवीय कूटनीति
भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन अमिस्ताद मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। गौरतलब है कि भारत इससे पहले तुर्किये, सीरिया, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में भी इसी तरह की त्वरित राहत तैनाती कर चुका है। यह अभियान वैश्विक दक्षिण में भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।
आने वाले दिनों में राहत कार्यों की प्रगति और आफ्टरशॉक की स्थिति के आधार पर भारत अतिरिक्त सहायता पर विचार कर सकता है।