30 जून 2026
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ऑपरेशन अमिस्ताद: वेनेजुएला के भूकंप पीड़ितों ने भारतीय फील्ड अस्पताल को बताया '60 साल में बेहतरीन इलाज'

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ऑपरेशन अमिस्ताद: वेनेजुएला के भूकंप पीड़ितों ने भारतीय फील्ड अस्पताल को बताया '60 साल में बेहतरीन इलाज'

सारांश

वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप में 1,400 से अधिक मौतों के बाद भारत का 'ऑपरेशन अमिस्ताद' मानवता की मिसाल बन गया। 41 सदस्यीय भारतीय मेडिकल टीम और भीष्म क्यूब तकनीक से इलाज पा रहे स्थानीय लोग बोले — 'हम सब एक ही परिवार हैं।'

मुख्य बातें

24 जून 2026 को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए, जिनमें 1,400 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई।
भारत ने ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत 41 सदस्यीय चिकित्सा दल (जिसमें 9 डॉक्टर शामिल हैं) और 6 टन दवाइयाँ वेनेजुएला भेजीं।
भारतीय वायुसेना के दो सी-17 विमान अबिदजान होते हुए वेनेजुएला पहुँचे, जिनमें दो भीष्म क्यूब भी शामिल थे।
स्थानीय महिला ने कहा — ' 60 वर्षों में ऐसी मेडिकल देखभाल नहीं देखी'; इलाज और एंबुलेंस सेवा निःशुल्क दी गई।
जयशंकर ने एक्स पर पुष्टि की कि भारतीय सहायता वेनेजुएला पहुँच चुकी है।

ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत वेनेजुएला में स्थापित भारतीय सेना के फील्ड अस्पताल में इलाज करा रहे स्थानीय नागरिकों ने भारतीय मेडिकल टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। 24 जून 2026 को आए विनाशकारी भूकंपों के बाद भारत ने त्वरित मानवीय सहायता भेजी, जिसमें 41 सदस्यीय चिकित्सा दल, 6 टन दवाइयाँ और राहत सामग्री शामिल है।

मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्रालय ने मंगलवार, 30 जून को कई वीडियो साझा किए, जिनमें वेनेजुएला के नागरिक भारतीय चिकित्सकों और रक्षा कर्मियों का धन्यवाद करते दिखाई दिए। एक स्थानीय महिला ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, 'मैं दिल से आपका धन्यवाद करती हूँ। पिछले 60 वर्षों में ऐसी मेडिकल देखभाल नहीं देखी।' उन्होंने यह भी बताया कि इलाज के बाद भारतीय टीम ने उनके घर वापस जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की।

उसी महिला ने आगे कहा, 'मैं किसी तरह लोगों की मदद से यहाँ तक पहुँची थी और अब आप लोग हमें घर छोड़ने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कर रहे हैं। यहाँ सब लोग कहते हैं कि धन्यवाद कहने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि हम सब एक ही परिवार हैं।' एक अन्य स्थानीय महिला ने बताया कि उन्हें दवाइयों के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ा और फील्ड अस्पताल से पूरे इलाके को लाभ हो रहा है।

भूकंप की तबाही और भारत की त्वरित प्रतिक्रिया

24 जून 2026 को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए, जिनमें 1,400 से अधिक लोगों की जान चली गई और देश के कई हिस्सों में व्यापक तबाही हुई। इसके तत्काल बाद भारत ने 'ऑपरेशन अमिस्ताद' के तहत राहत अभियान शुरू किया। भारतीय वायुसेना के दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमान कोटे डी आइवर के अबिदजान होते हुए वेनेजुएला पहुँचे।

गौरतलब है कि यह ऑपरेशन भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' नीति का व्यावहारिक प्रतिबिंब है, जिसके तहत भारत ने अतीत में तुर्किये, सीरिया और नेपाल जैसे देशों में भी आपदा राहत प्रदान की है।

भारतीय दल की क्षमता और संसाधन

भारत की ओर से भेजे गए दल में 41 सदस्य हैं, जिनमें 9 डॉक्टर शामिल हैं। यह टीम आपातकालीन उपचार, गंभीर चोटों का इलाज, जीवनरक्षक सर्जरी और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम है। दल के साथ लगभग 6 टन दवाइयाँ और मानवीय राहत सामग्री भी भेजी गई है।

इसके अतिरिक्त, आरोग्य मैत्री परियोजना के अंतर्गत दो भीष्म क्यूब (भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित और मैत्री) भी भेजे गए हैं, जो आपदा क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए विशेष रूप से तैयार मॉड्यूलर इकाइयाँ हैं।

विदेश मंत्री जयशंकर का बयान

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भारत की सहायता वेनेजुएला पहुँच गई है। हमें भरोसा है कि फील्ड अस्पताल यूनिट, राहत सामग्री, दवाइयाँ और मेडिकल उपकरण वहाँ भूकंप के बाद चल रहे राहत कार्यों को और मज़बूती देंगे।' कोटे डी आइवर स्थित भारतीय दूतावास ने भी मिशन की विस्तृत जानकारी साझा की।

आगे की राह

भारतीय फील्ड अस्पताल वर्तमान में वेनेजुएला के प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर सेवाएँ दे रहा है। यह ऑपरेशन भारत की बढ़ती वैश्विक मानवीय भूमिका को रेखांकित करता है और लैटिन अमेरिका में भारत के कूटनीतिक संबंधों को नई गहराई देता है। आने वाले दिनों में राहत कार्यों के विस्तार और टीम की वापसी की समयसीमा पर आधिकारिक घोषणा अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ परंपरागत रूप से अमेरिका और चीन का दबदबा रहा है। भीष्म क्यूब जैसी स्वदेशी तकनीक का वैश्विक मंच पर प्रदर्शन भारत की 'सॉफ्ट पावर' को ठोस रूप देता है। हालाँकि, आलोचकों का यह भी कहना है कि 1,400 से अधिक मौतों वाले इस विनाश में दीर्घकालिक पुनर्निर्माण सहायता की ज़रूरत है, जो एकमुश्त राहत अभियान से परे है। असली परीक्षा यह होगी कि भारत इस मानवीय पूँजी को स्थायी द्विपक्षीय संबंधों में कैसे बदलता है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन अमिस्ताद क्या है?
ऑपरेशन अमिस्ताद वेनेजुएला में 24 जून 2026 को आए विनाशकारी भूकंपों के बाद भारत द्वारा शुरू किया गया मानवीय राहत अभियान है। इसके तहत भारत ने 41 सदस्यीय चिकित्सा दल, फील्ड अस्पताल, 6 टन दवाइयाँ और भीष्म क्यूब इकाइयाँ वेनेजुएला भेजी हैं।
वेनेजुएला में आए भूकंप कितने तीव्र थे और कितना नुकसान हुआ?
24 जून 2026 को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। इन भूकंपों में 1,400 से अधिक लोगों की जान गई और देश के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई।
भारतीय मेडिकल टीम में कितने सदस्य हैं और वे क्या सेवाएँ दे रहे हैं?
भारतीय दल में कुल 41 सदस्य हैं, जिनमें 9 डॉक्टर शामिल हैं। यह टीम आपातकालीन उपचार, गंभीर चोटों का इलाज, जीवनरक्षक सर्जरी और अन्य ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएँ निःशुल्क प्रदान कर रही है।
भीष्म क्यूब क्या है और इसे क्यों भेजा गया?
भीष्म क्यूब 'भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित और मैत्री' (BHISHM) के अंतर्गत विकसित एक मॉड्यूलर आपदा-राहत चिकित्सा इकाई है। इसे आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत वेनेजुएला भेजा गया है ताकि दूरदराज़ के प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सहायता पहुँचाई जा सके।
भारतीय राहत सामग्री वेनेजुएला कैसे पहुँची?
भारतीय वायुसेना के दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमान कोटे डी आइवर के अबिदजान होते हुए वेनेजुएला पहुँचे। इन विमानों में राहत सामग्री, चिकित्सा दल और भीष्म क्यूब इकाइयाँ शामिल थीं। भारतीय सहायता रविवार को वेनेजुएला पहुँची, जिसकी पुष्टि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने की।
राष्ट्र प्रेस
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