क्या जम्मू-कश्मीर के रामबन में 'एनीमिया मुक्त भारत' अभियान की ट्रेनिंग से स्थिति में सुधार होगा?
सारांश
Key Takeaways
- एनीमिया की रोकथाम के लिए जागरूकता आवश्यक है।
- आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
- सामूहिक प्रयासों से रामबन को एनीमिया मुक्त बनाया जा सकता है।
रामबन, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को 'एनीमिया मुक्त भारत' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षित चिकित्सकों, आशा कार्यकर्ताओं और विभाग की अन्य महिला कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी उपायों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षित चिकित्सकों ने प्रतिभागियों को एनीमिया की पहचान, रोकथाम और प्रबंधन के तरीके बताए। इसके साथ ही, समुदाय में आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
चिकित्सकों ने इस बात पर जोर दिया कि आशा कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जागरूकता फैलानी चाहिए, और शुरुआती चरण में एनीमिया के मामलों की पहचान करनी चाहिए, ताकि उचित मार्गदर्शन और फॉलो-अप सुनिश्चित किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर हस्तक्षेप को मजबूत करना है, ताकि रामबन जिले को सामूहिक और लगातार प्रयासों से एनीमिया मुक्त बनाया जा सके।
डॉक्टर रेयाज ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि जिले में 'एनीमिया मुक्त भारत' अभियान पर लगातार काम किया जा रहा है और इस संबंध में खामियों का पता लगाने का कार्य किया जा रहा है। रामबन में कार्यक्रम के दौरान खुली चर्चा की गई। अभियान को धरातल पर लागू करने का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स आयरन फोलिक एसिड की सिरप छह महीने से पांच साल तक के बच्चों को पिलाएंगी। यह सिरप हफ्ते में एक बार देनी है। आशा वर्कर्स इसका लगातार मॉनिटरिंग करेंगी और एक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। जब मां इसे समझ जाएगी, तो वह स्वयं यह कार्य कर सकेगी। इसके बाद 5 से 9 साल तक के बच्चों के लिए पिंक टैबलेट और फिर 10 से 19 साल तक के बच्चों के लिए ब्लू टैबलेट दी जाएगी।
डॉक्टर अंकुला ने कहा कि हमने कार्यक्रम के दौरान आशा वर्कर्स को 'एनीमिया मुक्त भारत' कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी है। आशा वर्कर्स को बताया गया है कि उन्हें घर-घर जाकर बच्चों को दवा देने की प्रक्रिया को समझाना है।