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मंडूकासन: लिवर और किडनी को सक्रिय रखने वाला योगासन, तनाव भी होता है कम

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मंडूकासन: लिवर और किडनी को सक्रिय रखने वाला योगासन, तनाव भी होता है कम

सारांश

भागदौड़ भरी जिंदगी में लिवर और किडनी सबसे पहले प्रभावित होते हैं। मंडूकासन — एक सरल वज्रासन-आधारित योगाभ्यास — पेट पर हल्का दबाव बनाकर इन अंगों में रक्त संचार बेहतर करता है और साथ में तनाव भी घटाता है।

मुख्य बातें

मंडूकासन वज्रासन में बैठकर मुट्ठी से पेट पर हल्का दबाव बनाने वाला सरल योगासन है।
पेट पर नियंत्रित दबाव से लिवर के आसपास रक्त संचार सक्रिय होता है, जिससे डिटॉक्सिफिकेशन में सहायता मिलती है।
किडनी के निकट रक्त प्रवाह बढ़ने से रक्त फिल्टरेशन और जल-लवण संतुलन बेहतर होता है।
गहरी सांस के साथ यह आसन तनाव कम करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।
घुटनों में दर्द या पेट की सर्जरी की स्थिति में योग विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श आवश्यक है।

आधुनिक जीवनशैली की अनियमितता और खान-पान की बिगड़ती आदतों ने शरीर के दो सबसे महत्वपूर्ण अंगों — लिवर और किडनी — को सबसे अधिक प्रभावित किया है। लिवर शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने (डिटॉक्सिफिकेशन) का कार्य करता है, जबकि किडनी रक्त को फिल्टर कर अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर करती है। इन्हीं दोनों अंगों की कार्यक्षमता को बनाए रखने में मंडूकासन को एक उपयोगी योगाभ्यास माना जाता है।

मंडूकासन क्या है और इसे कैसे करें

मंडूकासन एक सरल और प्रभावी योगासन है, जिसे करने के लिए सर्वप्रथम वज्रासन में बैठना होता है। इसके बाद दोनों हाथों की मुट्ठी इस प्रकार बंद करें कि अंगूठा उंगलियों के भीतर दब जाए। फिर दोनों मुट्ठियों को नाभि के दोनों ओर पेट पर रखकर धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। इस स्थिति में कुछ क्षण रुककर गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएं। यह आसन पेट पर हल्का और नियंत्रित दबाव बनाता है।

लिवर पर प्रभाव

जब मंडूकासन में पेट पर हल्का दबाव पड़ता है, तो लिवर के आसपास की रक्त वाहिकाएं और नसें सक्रिय होती हैं। इससे उस क्षेत्र में रक्त संचार बेहतर होता है और लिवर को अधिक ऑक्सीजन एवं पोषक तत्व मिलते हैं। बेहतर रक्त प्रवाह से लिवर की डिटॉक्सिफिकेशन क्षमता में सुधार माना जाता है। इसके अतिरिक्त, लिवर पाचन रस के निर्माण में भी सहायक होता है — जब पाचन क्रिया सुचारु होती है, तो लिवर पर अनावश्यक भार नहीं पड़ता।

किडनी पर प्रभाव

किडनी के लिए भी मंडूकासन लाभकारी माना जाता है। इस आसन में पेट और कमर के निचले हिस्से पर जो हल्का दबाव बनता है, उससे उस क्षेत्र में रक्त का प्रवाह बढ़ता है। इससे किडनी को रक्त फिल्टर करने और शरीर में जल व लवण का संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलती है। यह प्रक्रिया किडनी की समग्र कार्यक्षमता को बनाए रखने में उपयोगी मानी जाती है।

तनाव में कमी और मानसिक शांति

मंडूकासन का एक अन्य उल्लेखनीय लाभ यह है कि यह तनाव कम करने में सहायक है। इस आसन के दौरान गहरी और नियमित सांस लेने से शरीर और मस्तिष्क दोनों शांत होते हैं। तनाव में कमी का सकारात्मक प्रभाव शरीर के आंतरिक अंगों पर भी पड़ता है, क्योंकि मानसिक तनाव की स्थिति में अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

सावधानी और विशेषज्ञ परामर्श

यद्यपि मंडूकासन को सरल और सुरक्षित माना जाता है, तथापि जिन लोगों को घुटनों में दर्द, पेट की सर्जरी या किसी गंभीर बीमारी की स्थिति हो, उन्हें इसे करने से पहले किसी योग विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। नियमित योगाभ्यास और संतुलित जीवनशैली मिलकर लिवर और किडनी को दीर्घकाल तक स्वस्थ बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे शरीर-क्रिया विज्ञान की दृष्टि से तार्किक हैं — बेहतर रक्त संचार अंगों की कार्यक्षमता में सहायक होता है, यह स्थापित तथ्य है। हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि योगासनों पर केंद्रित बड़े पैमाने के नैदानिक परीक्षण अभी भी सीमित हैं, और अधिकांश दावे पारंपरिक अनुभव पर आधारित हैं। लिवर या किडनी की गंभीर बीमारी में योग को चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं, बल्कि पूरक माना जाना चाहिए। मुख्यधारा की स्वास्थ्य कवरेज अक्सर इस अंतर को स्पष्ट नहीं करती, जो पाठकों को भ्रमित कर सकती है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंडूकासन क्या है और इसे कैसे करते हैं?
मंडूकासन एक सरल योगासन है जिसमें वज्रासन में बैठकर दोनों हाथों की मुट्ठी (अंगूठा अंदर दबाकर) पेट पर रखते हुए आगे झुका जाता है। इस स्थिति में कुछ क्षण रुककर गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें।
मंडूकासन लिवर के लिए कैसे फायदेमंद है?
मंडूकासन में पेट पर पड़ने वाले हल्के दबाव से लिवर के आसपास रक्त संचार बेहतर होता है। इससे लिवर को अधिक ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं, जो उसकी डिटॉक्सिफिकेशन क्षमता और पाचन रस निर्माण में सहायक माना जाता है।
क्या मंडूकासन किडनी के लिए भी उपयोगी है?
हाँ, मंडूकासन को किडनी के लिए भी लाभकारी माना जाता है। पेट और कमर के निचले हिस्से में बनने वाले दबाव से किडनी क्षेत्र में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जिससे रक्त फिल्टरेशन और शरीर में जल-लवण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
मंडूकासन तनाव कम करने में कैसे मदद करता है?
इस आसन के दौरान गहरी और नियमित सांस लेने से तंत्रिका तंत्र शांत होता है और मस्तिष्क को आराम मिलता है। तनाव कम होने का सकारात्मक प्रभाव शरीर के आंतरिक अंगों की कार्यक्षमता पर भी पड़ता है।
मंडूकासन करते समय किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए?
घुटनों में दर्द, पेट की सर्जरी या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को मंडूकासन करने से पहले किसी योग विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। यह आसन चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का पूरक है।
राष्ट्र प्रेस
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