गर्मियों में मिट्टी के बर्तन का पानी: स्वास्थ्य का अमृत
सारांश
Key Takeaways
- मटके का पानी प्राकृतिक और ताजगी भरा होता है।
- इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।
- पाचन तंत्र के लिए लाभकारी है।
- गर्मियों में हाइड्रेटेड रहने का बेहतरीन उपाय है।
- फ्रिज के पानी से बेहतर विकल्प।
नई दिल्ली, 28 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गर्मी, लू और उमस के इस मौसम में ठंडे पानी की खुशबू हर किसी को सताने लगी है। अधिकतर लोग राहत के लिए फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार इससे गला खराब हो सकता है या पेट संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में मिट्टी से बने मटके या घड़े का पानी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।
स्वाद और ठंडक के साथ मटके का पानी सेहत को भी कई महत्वपूर्ण लाभ देता है। मिट्टी के घड़े में रखा पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है और इसके गुण भी बरकरार रहते हैं। आयुर्वेद में इसे अमृत के समान माना गया है।
आधुनिक चिकित्सक भी मटके के पानी को फ्रिज के पानी से बेहतर मानते हैं। मटके के पानी में मिट्टी की हल्की खुशबू होती है, जो पीने में मनभावन लगती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह पानी गले से लेकर आंतों तक के लिए फायदेमंद है। बीमार व्यक्ति भी इसे बिना किसी चिंता के पी सकते हैं। मिट्टी की वजह से इसमें प्राकृतिक पोषक तत्व मिल जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी होते हैं।
मटके में रखे पानी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि मिट्टी पानी की अशुद्धियों को सोख लेती है। इससे शरीर में जमा विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। फ्रिज का पानी अक्सर गले में खराश, घमौरी या अन्य समस्याएं पैदा कर सकता है, जबकि मटके का पानी इन सब से बचाता है।
आयुष मंत्रालय भी सुबह गुनगुना पानी पीने की सलाह देता है। बेहतर है कि इसे मिट्टी या तांबे के बर्तन में रखकर पीया जाए। इससे पाचन तंत्र सक्रिय रहता है और शरीर से हानिकारक पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते हैं। गर्मियों में हाइड्रेटेड रहने का यह सबसे सस्ता, सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।
मटके के पानी में मिनरल्स की मात्रा बढ़ जाती है, जबकि फ्रिज के पानी में ये कम हो जाते हैं। मिट्टी के क्षारीय गुण शरीर के पीएच लेवल को संतुलित रखते हैं। इससे पाचन क्रिया सुधरती है, इम्युनिटी बढ़ती है और शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। मटके का पानी पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल मुक्त होता है। गर्मी के मौसम में रोजाना इसका सेवन करने से शरीर स्वस्थ और तरोताजा रहता है।