क्या आप जीभ की सफाई करना भूल जाते हैं? यह आदत आपके स्वास्थ्य के लिए हो सकती है हानिकारक

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क्या आप जीभ की सफाई करना भूल जाते हैं? यह आदत आपके स्वास्थ्य के लिए हो सकती है हानिकारक

सारांश

सुबह उठते ही दांतों की सफाई तो कर लेते हैं, लेकिन जीभ की सफाई करना भूल जाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। जानें इसके दुष्प्रभाव और इसे सही करने के उपाय।

मुख्य बातें

सुबह जीभ की सफाई करें ।
टॉक्सिन्स को बाहर निकालें ।
दांतों की सफाई के साथ जीभ की सफाई भी जरूरी है ।
आयुर्वेदिक विधियों का पालन करें ।
पाचन स्वास्थ्य को सुधारें ।

नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सुबह का समय हमारे शरीर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस समय शरीर विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने के लिए कार्यरत होता है। ऐसे में अधिकांश लोग सबसे पहले दांतों की सफाई करते हैं। लेकिन कुछ लोग रोजाना जीभ की सफाई करना भूल जाते हैं। यदि आप भी इसी गलती में शामिल हैं, तो यह आदत आपकी सेहत के लिए धीरे-धीरे हानिकारक साबित हो सकती है।

सुबह उठने पर जीभ पर दिखाई देने वाली सफेद परत टॉक्सिन्स को दर्शाती है। दांतों की सफाई के साथ-साथ रोजाना जीभ को साफ करना भी आवश्यक है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो ये टॉक्सिन्स पेट में चले जाते हैं, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसके अलावा, मुंह से दुर्गंध आना, स्वाद को ठीक से अनुभव न कर पाना, शरीर में बैक्टीरिया का बढ़ना, पाचन में दिक्कतें होना, और दांतों में कमजोरी जैसी समस्याएँ सामने आ सकती हैं।

आयुर्वेद में जीभ की सफाई को भले ही एक साधारण आदत माना गया हो, लेकिन यह छोटी सी आदत पूरे शरीर को कई बीमारियों से बचा सकती है। आयुर्वेद में जीभ की सफाई के लिए कुछ सरल विधियाँ सुझाई गई हैं। पहले जीभ को टंग क्लिनर से हलके हाथों से साफ करें और यह प्रक्रिया दो से तीन बार करें। फिर दांतों को ब्रश करें और कुल्ला करके मुंह को साफ करें। अंत में, ऑयल पुलिंग करें। मुंह में नारियल का तेल भरकर कुछ समय तक घुमाएं और बाद में कुल्ला करें। इससे मुंह पूरी तरह साफ हो जाएगा और जीभ पर लगे बैक्टीरिया भी कम हो जाएंगे।

इससे मुंह की दुर्गंध में सुधार होगा, बैक्टीरिया की संख्या कम होगी और धीरे-धीरे पाचन में सुधार आएगा। इस साधारण आदत के जरिए आपको कुछ ही दिनों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। जीभ हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है और इसका पाचन से गहरा संबंध है। मुंह की स्वच्छता पाचन प्रक्रिया से जुड़ी होती है, क्योंकि मुंह में बनने वाली स्वस्थ लार खाने को पचाने में मदद करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीभ की सफाई क्यों जरूरी है?
जीभ की सफाई से मुंह की दुर्गंध कम होती है और बैक्टीरिया की संख्या नियंत्रित रहती है, जिससे पाचन में सुधार होता है।
जीभ साफ करने के लिए कौन सी विधि सबसे प्रभावी है?
टंग क्लिनर का उपयोग करके जीभ को हल्के हाथों से साफ करना और उसके बाद ऑयल पुलिंग करना सबसे प्रभावी विधि है।
क्या जीभ की सफाई न करने से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है?
जीभ की सफाई न करने से मुंह से दुर्गंध, स्वाद में कमी, और पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
कितनी बार जीभ की सफाई करनी चाहिए?
रोजाना सुबह जीभ की सफाई करना सबसे अच्छा होता है।
क्या आयुर्वेद में जीभ की सफाई के लिए विशेष विधियाँ हैं?
हाँ, आयुर्वेद में जीभ की सफाई के लिए कई सरल और प्रभावी विधियाँ बताई गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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