5 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पादहस्तासन: ऑफिस की थकान और पीठ की अकड़न से राहत दिलाए यह सरल योगासन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पादहस्तासन: ऑफिस की थकान और पीठ की अकड़न से राहत दिलाए यह सरल योगासन

सारांश

डेस्क जॉब की थकान और अकड़न से परेशान हैं? आयुष मंत्रालय के अनुसार, पादहस्तासन — एक सरल खड़े होकर किया जाने वाला योगासन — रोज़ाना 3 से 5 बार करने से रीढ़ को राहत, पाचन में सुधार और मानसिक शांति मिलती है।

मुख्य बातें

पादहस्तासन एक सरल योगासन है जिसमें खड़े होकर कमर से आगे झुककर पैरों को हाथों से छुआ जाता है।
आयुष मंत्रालय ने इस आसन को ऑफिस में बैठने से होने वाले तनाव, अकड़न और कमज़ोर पाचन के समाधान के रूप में सुझाया है।
नियमित अभ्यास से शरीर का लचीलापन बढ़ता है, पाचन तंत्र मज़बूत होता है और मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बेहतर होता है।
रोज़ाना 3 से 5 बार इस आसन का अभ्यास किया जा सकता है।
गर्भवती महिलाओं , हाल में सर्जरी करा चुके व्यक्तियों और गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को पहले योग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

पादहस्तासन उन कामकाजी लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी योगासन बताया गया है जो दिनभर डेस्क पर बैठकर काम करते हैं और जिन्हें पीठ की अकड़न, मानसिक तनाव तथा कमज़ोर पाचन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस आसन के नियमित अभ्यास को इन समस्याओं से निजात पाने का प्रभावी उपाय बताया है।

पादहस्तासन क्या है

यह आसन तीन संस्कृत शब्दों से मिलकर बना है — पाद (पैर), हस्त (हाथ) और आसन (मुद्रा)। इस आसन में खड़े होकर कमर से आगे की ओर झुकते हुए हाथों से पैरों को छुआ जाता है या पकड़ा जाता है, इसीलिए इसे हस्तपादासन भी कहते हैं। आधुनिक जीवनशैली में जहाँ अधिकतर समय मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन के सामने झुककर बिताया जाता है, यह आसन रीढ़ की हड्डी को राहत देता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ाता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार मुख्य लाभ

आयुष मंत्रालय के सुझावों के अनुसार, इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर का लचीलापन बढ़ता है और पाचन तंत्र मज़बूत होता है। आगे की ओर गहरे खिंचाव से शारीरिक तनाव दूर होता है और मन शांत रहता है। इसके अतिरिक्त, इस आसन को करने से सिर की ओर रक्त प्रवाह बढ़ता है, जिससे मस्तिष्क और आँखों को भी लाभ मिलता है। यह ऐसे समय में विशेष रूप से प्रासंगिक है जब कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

पादहस्तासन करने की विधि

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े होकर दोनों पैरों को आपस में मिलाएँ। इसके बाद धीरे-धीरे साँस छोड़ते हुए कमर से आगे की ओर झुकें और हाथों को पैरों के पास ज़मीन पर टिकाने का प्रयास करें। शुरुआती अभ्यासकर्ता घुटनों को हल्का मोड़ सकते हैं। कुछ सेकंड इस स्थिति में रुकने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें। रोज़ाना 3 से 5 बार इस आसन का अभ्यास किया जा सकता है।

सावधानियाँ और विशेषज्ञ सलाह

नए अभ्यासकर्ताओं को यह आसन किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही शुरू करना चाहिए। आवश्यकता से अधिक खिंचाव शरीर को नुकसान पहुँचा सकता है, इसलिए हमेशा अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखें। गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों, हाल ही में सर्जरी करा चुके लोगों और गर्भवती महिलाओं को इस आसन का अभ्यास करने से पहले योग विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

आगे की राह

आयुष मंत्रालय की ओर से योग को दैनिक जीवन में शामिल करने पर लगातार ज़ोर दिया जा रहा है। पादहस्तासन जैसे सरल आसन कार्यालय की व्यस्त दिनचर्या में भी आसानी से अपनाए जा सकते हैं और दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि सरकारी योग अनुशंसाएँ अक्सर नैदानिक परीक्षणों की बजाय पारंपरिक ज्ञान पर आधारित होती हैं। कार्यस्थल पर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की बढ़ती समस्याओं के बीच योग एक सुलभ विकल्प है, पर इसे कॉर्पोरेट एर्गोनॉमिक्स सुधार और मानसिक स्वास्थ्य नीतियों का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। व्यक्तिगत स्वास्थ्य की ज़िम्मेदारी कर्मचारी पर डालने से पहले नियोक्ताओं की भूमिका पर भी विमर्श ज़रूरी है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पादहस्तासन क्या है और इसे कैसे करते हैं?
पादहस्तासन एक खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है जिसमें कमर से आगे झुककर हाथों से पैरों को छुआ या पकड़ा जाता है। इसे करने के लिए सीधे खड़े हों, साँस छोड़ते हुए आगे झुकें और हाथों को ज़मीन पर या पैरों के पास टिकाएँ; रोज़ाना 3 से 5 बार अभ्यास की सलाह दी जाती है।
पादहस्तासन से ऑफिस वर्कर्स को क्या फायदा होता है?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस आसन के नियमित अभ्यास से पीठ और रीढ़ की अकड़न दूर होती है, पाचन तंत्र मज़बूत होता है और मानसिक तनाव कम होता है। साथ ही, सिर की ओर रक्त प्रवाह बढ़ने से मस्तिष्क और आँखों को भी लाभ मिलता है।
पादहस्तासन करते समय कौन-सी सावधानियाँ रखनी चाहिए?
शुरुआती अभ्यासकर्ताओं को किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही यह आसन शुरू करना चाहिए और ज़बरदस्ती खिंचाव से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं, हाल में सर्जरी करा चुके व्यक्तियों और गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को पहले चिकित्सक या योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना अनिवार्य है।
क्या आयुष मंत्रालय ने पादहस्तासन को आधिकारिक रूप से सुझाया है?
हाँ, केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने पादहस्तासन को आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं — जैसे तनाव, अकड़न और खराब पाचन — के समाधान के रूप में सुझाया है। मंत्रालय नियमित योग अभ्यास को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने पर ज़ोर देता है।
पादहस्तासन और हस्तपादासन में क्या अंतर है?
दोनों नाम मूलतः एक ही आसन के लिए प्रयुक्त होते हैं — शब्दों का क्रम बदलने से अर्थ नहीं बदलता। पाद (पैर) + हस्त (हाथ) + आसन = पादहस्तासन; हस्त + पाद + आसन = हस्तपादासन — दोनों में खड़े होकर आगे झुकने की एक ही मुद्रा अपनाई जाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले