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पादहस्तासन: ऑफिस की थकान और पीठ की अकड़न से राहत, आयुष मंत्रालय ने बताए फायदे

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पादहस्तासन: ऑफिस की थकान और पीठ की अकड़न से राहत, आयुष मंत्रालय ने बताए फायदे

सारांश

डेस्क पर घंटों बैठने से जमने वाली अकड़न और तनाव के लिए आयुष मंत्रालय ने पादहस्तासन को कारगर बताया है। रोज़ाना 3 से 5 बार इस सरल फॉरवर्ड-बेंड आसन से रीढ़ में लचीलापन, बेहतर पाचन और मानसिक शांति मिल सकती है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने पादहस्तासन को कामकाजी लोगों के लिए तनाव और अकड़न से राहत हेतु उपयोगी बताया है।
यह आसन रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाता है, पाचन तंत्र को मज़बूत करता है और मस्तिष्क में रक्त-प्रवाह बेहतर करता है।
रोज़ाना 3 से 5 बार अभ्यास पर्याप्त; शुरुआत में घुटनों को हल्का मोड़ा जा सकता है।
गर्भवती महिलाओं , हाल में सर्जरी कराने वालों और गंभीर रोगियों को पहले विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
किसी उपकरण की ज़रूरत नहीं — ऑफिस के ब्रेक में भी किया जा सकता है।

पादहस्तासन उन कामकाजी लोगों के लिए एक कारगर योगाभ्यास बताया गया है जो दिन के अधिकांश घंटे डेस्क पर बैठकर काम करते हैं। केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस आसन के नियमित अभ्यास से तनाव, शारीरिक अकड़न, कमज़ोर पाचन और ऊर्जा की कमी जैसी समस्याओं में उल्लेखनीय राहत मिल सकती है। आधुनिक जीवनशैली में जहाँ स्क्रीन के सामने झुके रहना आम हो गया है, वहाँ यह आसन रीढ़ की हड्डी को राहत देने और पूरे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

पादहस्तासन क्या है और यह नाम कहाँ से आया

पादहस्तासन तीन संस्कृत शब्दों — पाद (पैर), हस्त (हाथ) और आसन (मुद्रा) — से मिलकर बना है। इस आसन में खड़े होकर कमर से आगे झुकते हुए हाथों से पैरों को छुआ जाता है, इसीलिए इसे हस्तपादासन भी कहते हैं। यह एक सरल किंतु प्रभावशाली फॉरवर्ड-बेंड आसन है जिसे किसी भी उम्र का व्यक्ति कर सकता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार मुख्य लाभ

आयुष मंत्रालय के सुझावों के अनुसार, पादहस्तासन के नियमित अभ्यास से शरीर में निम्नलिखित सकारात्मक बदलाव देखे जा सकते हैं:

इस आसन में आगे की ओर गहरे खिंचाव से रीढ़ की हड्डी और हैमस्ट्रिंग में लचीलापन बढ़ता है। साथ ही, सिर की तरफ रक्त-प्रवाह बढ़ने से मस्तिष्क और आँखों को पोषण मिलता है। पाचन तंत्र पर पड़ने वाले दबाव से पाचन क्रिया बेहतर होती है और मन शांत रहता है।

सही विधि: कैसे करें पादहस्तासन

आयुष मंत्रालय द्वारा सुझाई गई विधि के अनुसार, सबसे पहले सीधे खड़े होकर दोनों पैरों को आपस में मिला लें। इसके बाद साँस छोड़ते हुए कमर से धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और हाथों को पैरों के पास ज़मीन पर टिकाने का प्रयास करें। शुरुआती अभ्यासकर्ता घुटनों को हल्का मोड़ सकते हैं — यह सामान्य है। कुछ सेकंड इस स्थिति में रुककर साँस लेते हुए धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें। रोज़ाना 3 से 5 बार इस आसन का अभ्यास पर्याप्त बताया गया है।

किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए

योग विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भवती महिलाओं, हाल ही में सर्जरी करा चुके व्यक्तियों और किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को यह आसन करने से पहले किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। जबरदस्ती या क्षमता से अधिक खिंचाव शरीर को नुकसान पहुँचा सकता है, इसलिए अभ्यास हमेशा अपनी शारीरिक सीमाओं को ध्यान में रखकर करें।

डेस्क वर्कर्स के लिए क्यों है यह विशेष रूप से उपयोगी

यह ऐसे समय में आया है जब वर्क-फ्रॉम-ऑफिस और लंबे स्क्रीन-टाइम के कारण पीठ दर्द और गर्दन की अकड़न की शिकायतें तेज़ी से बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि आयुष मंत्रालय लगातार सरल योगासनों को कामकाजी वर्ग की दिनचर्या में शामिल करने पर ज़ोर देता रहा है। पादहस्तासन को इसलिए भी उपयुक्त माना जाता है क्योंकि इसके लिए किसी उपकरण या बड़ी जगह की ज़रूरत नहीं — इसे ऑफिस के ब्रेक में भी किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'नियमित अभ्यास से आराम मिलता है' जैसे सामान्य दावों के साथ यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि ये लाभ किन परिस्थितियों में और कितने समय में दिखते हैं। भारत में कामकाजी वर्ग में मस्कुलोस्केलेटल समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं, फिर भी कार्यस्थल-स्वास्थ्य नीति में योग को औपचारिक स्थान नहीं मिला है। मंत्रालय के सुझाव तब अधिक प्रभावशाली होंगे जब इनके साथ सत्यापित क्लिनिकल डेटा और कॉर्पोरेट वेलनेस कार्यक्रमों से जुड़ाव भी हो।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पादहस्तासन क्या है और इसे क्यों करना चाहिए?
पादहस्तासन एक फॉरवर्ड-बेंड योगासन है जिसमें खड़े होकर कमर से झुककर हाथों से पैरों को छुआ जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार यह रीढ़ में लचीलापन लाता है, तनाव घटाता है और पाचन सुधारता है — खासतौर पर उन लोगों के लिए जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं।
पादहस्तासन को सही तरीके से कैसे करें?
सीधे खड़े होकर दोनों पैर मिलाएँ, साँस छोड़ते हुए कमर से आगे झुकें और हाथों को पैरों के पास ज़मीन पर रखने की कोशिश करें। शुरुआत में घुटने हल्के मोड़ सकते हैं। कुछ सेकंड रुककर साँस लेते हुए वापस आएँ। रोज़ाना 3 से 5 बार अभ्यास पर्याप्त है।
क्या ऑफिस में पादहस्तासन किया जा सकता है?
हाँ, इस आसन के लिए किसी उपकरण या बड़ी जगह की ज़रूरत नहीं होती। इसे ऑफिस के लंच ब्रेक या छोटे विराम के दौरान भी किया जा सकता है। बस ध्यान रहे कि फिसलन-रहित सतह पर अभ्यास करें।
किन्हें पादहस्तासन नहीं करना चाहिए?
गर्भवती महिलाओं, हाल ही में सर्जरी करा चुके व्यक्तियों और किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को यह आसन करने से पहले योग विशेषज्ञ या चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। क्षमता से अधिक खिंचाव से चोट लग सकती है।
पादहस्तासन के फायदे दिखने में कितना समय लगता है?
यह व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और नियमितता पर निर्भर करता है। आयुष मंत्रालय के सुझावों के अनुसार नियमित अभ्यास से धीरे-धीरे लाभ मिलता है। किसी निश्चित समयसीमा का उल्लेख स्रोत में नहीं किया गया है, इसलिए विशेषज्ञ से व्यक्तिगत मार्गदर्शन लेना उचित रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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