हनुमानासन: पेल्विक मसल्स, जांघों और कूल्हों की जकड़न दूर करने वाला उन्नत योगासन
सारांश
मुख्य बातें
हनुमानासन (Splits Pose) हठयोग की उन्नत श्रेणी का एक ऐसा आसन है जो पैरों, कूल्हों और जांघों की जकड़न को प्रभावी ढंग से दूर करता है और पेल्विक मसल्स को विशेष रूप से मजबूत बनाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह आसन शरीर के लचीलेपन और संतुलन को बढ़ाने में सहायक है। दफ्तर में घंटों डेस्क पर बैठे रहने से कमर दर्द और कमज़ोर मांसपेशियों की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह आसन विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
हनुमानासन का पौराणिक और ऐतिहासिक संदर्भ
मान्यता है कि इस आसन का नाम भगवान हनुमान की उस ऐतिहासिक छलांग से लिया गया है, जो उन्होंने सीता माता की खोज में लंका जाने के लिए लगाई थी। यह आसन उसी विशाल और शक्तिशाली छलांग की मुद्रा को प्रतिबिंबित करता है। हठयोग परंपरा में इसे उन्नत श्रेणी में रखा गया है, जो इसकी शारीरिक माँग और दीर्घकालिक लाभ दोनों को रेखांकित करता है।
हनुमानासन के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर को कई स्तरों पर लाभ मिलता है। यह पेल्विक मसल्स को ताकत देता है और शरीर के निचले भाग में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है — जो उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जिनका रक्त संचार बाधित रहता है।
इसके अतिरिक्त, यह आसन पेट की मांसपेशियों को सुदृढ़ करता है और नितंबों तथा जांघों की अतिरिक्त चर्बी घटाने में सहायक है। मानसिक स्तर पर, नियमित अभ्यास से एकाग्रता और धैर्य में भी वृद्धि होती है।
हनुमानासन करने की सही विधि
इस आसन का अभ्यास निम्नलिखित चरणों में करें:
चरण 1: जमीन पर घुटनों के बल बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी सीधी रखें।
चरण 2: दाएं पैर को आगे की ओर सीधा बढ़ाएं और हाथों को जमीन पर टिकाकर सहारा लें।
चरण 3: धीरे-धीरे दाएं पैर को आगे और बाएं पैर को पीछे खिसकाएं। शरीर का वजन हाथों पर संतुलित रखें।
चरण 4: कूल्हों को धीरे-धीरे नीचे जमीन की ओर लाएं। दोनों पैर जमीन पर पूरी तरह सीधे और एक सीध में होने चाहिए।
चरण 5: संतुलन स्थापित हो जाने पर हथेलियों को छाती के सामने नमस्कार मुद्रा में जोड़ लें और 10-15 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें।
किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए
यह उन्नत आसन है, इसलिए कुछ स्थितियों में इसे करने से बचना चाहिए। जांघ या घुटने में चोट होने पर इसका अभ्यास न करें। पैरों को झटके के साथ या जबरदस्ती फैलाने से मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है। शुरुआती अभ्यासकर्ता योगा ब्लॉक या तकिए का सहारा लेकर इस आसन का अभ्यास करें।
किसके लिए है यह आसन सबसे उपयोगी
लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले कार्यालय कर्मचारियों, खिलाड़ियों और उन लोगों के लिए यह आसन विशेष रूप से अनुशंसित है जो शरीर के निचले हिस्से में लचीलापन बढ़ाना चाहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित और सही तकनीक से किया गया अभ्यास दीर्घकालिक शारीरिक और मानसिक लाभ देता है।