क्या रविवार को इन तरीकों से बॉडी को रीसेट कर सकते हैं? जानें शरीर के दर्द मिटाने के सरल उपाय
सारांश
Key Takeaways
- अभ्यंग से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
- गुनगुने पानी से स्नान करने से दर्द में राहत मिलती है।
- दर्द कम करने वाले पेय का सेवन फायदेमंद होता है।
- स्ट्रेचिंग से मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ता है।
- हल्का भोजन शरीर को मजबूत बनाता है।
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। सामान्यतः रविवार का दिन अधिकांश लोगों के लिए विश्राम का समय होता है। इस दिन का उपयोग अपने शरीर को आगामी सप्ताह के लिए तैयार करने में किया जा सकता है। इसके लिए कुछ सरल उपायों से अपनी मानसिक और शारीरिक ऊर्जा को रीसेट करने के साथ-साथ दर्द से राहत पाई जा सकती है।
आयुर्वेद के अनुसार, सप्ताह में एक दिन अपने शरीर को पूरा आराम देना आवश्यक है। इससे सप्ताहभर की थकान और दर्द से निजात मिलती है और शरीर अपनी मरम्मत का कार्य आसानी से कर पाता है। इसके लिए रविवार या अपने अवकाश के दिन कुछ विशेष रूटीन का अनुसरण करना होगा।
सबसे पहले, अभ्यंग करें। सर्दियों में गर्म तेल से मालिश करना फायदेमंद होता है। तेल की मालिश से वात संतुलित रहता है और पूरे शरीर में रक्त संचार ठीक रहता है। इसके लिए सरसों के तेल में अजवाइन या अदरक मिलाकर गर्म करें और फिर इस तेल से पूरे शरीर की धीरे-धीरे मालिश करें। इससे थकान कम होगी और शरीर की जकड़न में भी आराम मिलेगा।
दूसरा कदम है, गुनगुने पानी से स्नान करना। तेल की मालिश के आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से स्नान करना चाहिए। कंधों और गर्दन पर गुनगुने पानी का प्रभाव सर्दियों में होने वाली जकड़न और मांसपेशियों के दर्द से राहत दिलाएगा। लंबे समय तक बैठने और लगातार कंप्यूटर का उपयोग करने से गर्दन और कंधों में जकड़न हो जाती है। इसके लिए तेल की मालिश और गुनगुने पानी से स्नान करना सहायक है।
तीसरा कदम है दर्द कम करने वाले पेय का सेवन करना। इसके लिए हल्दी वाला गर्म दूध, शहद और अदरक का रस, और दालचीनी के साथ गर्म पानी का सेवन फायदेमंद होगा। हल्दी शरीर की सूजन को कम करती है और दालचीनी हॉर्मोन्स को संतुलित करती है। इन सभी का सेवन शरीर के दर्द को कम करने और शरीर में जमा वसा को घटाने में मदद करेगा।
चौथा कदम है स्ट्रेचिंग करना। इसमें हाथ-पैर, गर्दन, कंधे और पूरे शरीर की हल्की स्ट्रेचिंग करनी चाहिए। सांस से जुड़ी एक्सरसाइज भी करें।
पाँचवा कदम है हल्का भोजन करना। शरीर को अंदर से मजबूत करना भी आवश्यक है। इसके लिए हल्का और पौष्टिक भोजन करें। ठंडे, बासी और बाहर के खाने से बचें।