रोज़ाना एक ड्रिंक भी बढ़ाती है हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा: 'हाइपरटेंशन' जर्नल में नया अध्ययन
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल 'हाइपरटेंशन' में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, प्रतिदिन केवल एक मादक पेय का सेवन भी रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल स्तर को बढ़ा सकता है, जो दीर्घकाल में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को गंभीर रूप से बढ़ाता है। शोध में अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के 19,548 से अधिक प्रतिभागियों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य आँकड़ों का विश्लेषण किया गया, जो इस विषय पर अब तक के सबसे बड़े अध्ययनों में से एक है।
अध्ययन की मुख्य खोज
शोधकर्ताओं ने पाया कि शराब की मात्रा और सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर (हृदय द्वारा शरीर में रक्त पंप करने का दबाव) के बीच सीधा और स्पष्ट संबंध है। जो लोग प्रतिदिन लगभग 12 ग्राम शराब का सेवन करते थे — जो लगभग एक मानक ड्रिंक के बराबर है — उनमें सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर औसतन 1.25 एमएमएचजी तक बढ़ा। वहीं, प्रतिदिन 48 ग्राम शराब का सेवन करने वालों में यह वृद्धि औसतन 4.9 एमएमएचजी तक पहुँच गई।
अध्ययन में यह भी देखा गया कि 48 ग्राम प्रतिदिन का सेवन करने वाले पुरुषों में डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर (हृदय की धड़कनों के बीच रक्त वाहिकाओं में दबाव) में भी लगभग 3.1 एमएमएचजी की वृद्धि दर्ज हुई। महिलाओं में यह प्रभाव उतना स्पष्ट नहीं देखा गया।
विशेषज्ञों की राय
अध्ययन के प्रमुख लेखक प्रोफेसर मार्को विंसेटी, जो यूनिवर्सिटी ऑफ मोडेना एंड रेजियो एमिलिया से जुड़े हैं और बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में एडजंक्ट प्रोफेसर भी हैं, ने कहा कि उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि कम मात्रा में शराब का सेवन भी रक्तचाप पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उनके अनुसार, "हमें कम स्तर पर शराब पीने से कोई लाभकारी प्रभाव नहीं मिला, जब इसकी तुलना शराब न पीने वालों से की गई।"
प्रोफेसर विंसेटी ने स्वीकार किया कि शराब रक्तचाप बढ़ाने का एकमात्र कारण नहीं है, परंतु इसका प्रभाव महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया कि शराब का सेवन सीमित रखना चाहिए और यदि संभव हो तो इसे पूरी तरह छोड़ देना और भी बेहतर है।
ट्यूलाने यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के प्रोफेसर पॉल व्हेलन, जो वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग के अध्यक्ष भी हैं, ने इस शोध की व्याख्या करते हुए बताया कि जिन प्रतिभागियों का शुरुआती रक्तचाप पहले से थोड़ा अधिक था, उनमें शराब के नकारात्मक प्रभाव और अधिक स्पष्ट रूप से दिखे।
स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक असर
अध्ययन के अनुसार, कम मात्रा में शराब पीने वालों में भी रक्तचाप में हल्की लेकिन निरंतर वृद्धि दर्ज की गई। भले ही शुरुआत में यह बदलाव मामूली लगे, लेकिन लंबे समय तक यह स्थिति हृदय और रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव बनाती है। गौरतलब है कि ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के अनुसार, वयस्कों में उच्च रक्तचाप सामान्यतः 140/90 एमएमएचजी या उससे अधिक माना जाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर हृदय रोगों की दर बढ़ रही है और 'कम मात्रा में शराब सुरक्षित है' की धारणा को पिछले कई शोध पहले ही चुनौती दे चुके हैं। यह अध्ययन उस बहस को और मजबूत आधार देता है।
जीवनशैली में बदलाव ज़रूरी
शोधकर्ताओं ने ज़ोर दिया कि केवल शराब ही नहीं, बल्कि कई जीवनशैली कारक मिलकर रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान से परहेज़, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण और संतुलित शरीर भार — ये सभी उपाय मिलकर हृदय रोग और स्ट्रोक के खतरे को उल्लेखनीय रूप से कम कर सकते हैं। अध्ययन के निष्कर्ष यह संकेत देते हैं कि हृदय स्वास्थ्य के लिए शराब की कोई भी 'सुरक्षित' न्यूनतम मात्रा नहीं है।