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अधिक नमक सेवन के गंभीर नुकसान: हाई ब्लड प्रेशर से किडनी तक, जानें रोज़ाना की सुरक्षित मात्रा

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अधिक नमक सेवन के गंभीर नुकसान: हाई ब्लड प्रेशर से किडनी तक, जानें रोज़ाना की सुरक्षित मात्रा

सारांश

चटपटे भोजन की चाहत में हम अनजाने में ज़रूरत से कहीं अधिक नमक खा लेते हैं। NHM के अनुसार रोज़ाना 5 ग्राम से अधिक नमक हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और किडनी की समस्याओं को न्योता देता है — और पैक्ड फूड ने इस जोखिम को कई गुना बढ़ा दिया है।

मुख्य बातें

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, एक वयस्क को प्रतिदिन 5 ग्राम (एक चम्मच) से अधिक नमक नहीं लेना चाहिए।
अत्यधिक नमक से हाई ब्लड प्रेशर , हृदय रोग , किडनी की क्षति , वाटर रिटेंशन और सूजन जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
चिप्स, सॉस, अचार और प्रोसेस्ड फूड में छुपे नमक की मात्रा अधिक होती है — खरीदने से पहले लेबल पढ़ें ।
हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की समस्या वाले लोगों को नमक का सेवन सामान्य से भी कम रखना चाहिए।
नमक की जगह नींबू, जीरा, हल्दी, अदरक और पुदीना जैसे मसालों से स्वाद बढ़ाएँ।

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, भोजन में अत्यधिक नमक का सेवन धीरे-धीरे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और किडनी की गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि एक वयस्क को प्रतिदिन 5 ग्राम (लगभग एक चम्मच) से अधिक नमक नहीं लेना चाहिए। आधुनिक जीवनशैली और पैक्ड फूड के बढ़ते चलन ने इस समस्या को और विकराल बना दिया है।

नमक और सोडियम: शरीर को कितनी ज़रूरत है

नमक मुख्यतः सोडियम से बना होता है। शरीर को तंत्रिका संचालन और मांसपेशियों की कार्यप्रणाली के लिए सोडियम की एक सीमित मात्रा आवश्यक होती है। हालाँकि, NHM के आँकड़ों के अनुसार, ज़रूरत से अधिक सोडियम का सेवन शरीर की रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है और दीर्घकालिक बीमारियों का कारण बनता है। गौरतलब है कि भारत में पैक्ड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की खपत पिछले एक दशक में तेज़ी से बढ़ी है, जिससे अनजाने में नमक का सेवन कई गुना बढ़ गया है।

अधिक नमक से होने वाले प्रमुख नुकसान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक नमक के सेवन से निम्नलिखित गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं:

हाई ब्लड प्रेशर: अधिक सोडियम रक्त वाहिकाओं में तरल पदार्थ की मात्रा बढ़ाता है, जिससे रक्तचाप बढ़ता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। किडनी को नुकसान: किडनी अतिरिक्त सोडियम को छानने में अधिक मेहनत करती है, जिससे दीर्घकालिक क्षति का जोखिम बढ़ता है। इसके अलावा, अत्यधिक नमक से वाटर रिटेंशन, शरीर में सूजन और सिरदर्द जैसी समस्याएँ भी सामने आती हैं।

किन्हें है सबसे अधिक सतर्कता की ज़रूरत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की समस्या है, उन्हें नमक का सेवन सामान्य से भी कम रखना चाहिए। यह ऐसे समय में और महत्वपूर्ण हो जाता है जब भारत में हाइपरटेंशन के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। पैक्ड फूड जैसे चिप्स, नमकीन, बिस्किट, सॉस, अचार और प्रोसेस्ड फूड में छुपे नमक की मात्रा अक्सर उपभोक्ताओं को पता नहीं होती।

नमक कम करने के व्यावहारिक उपाय

विशेषज्ञों के अनुसार, नमक की आदत को अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे बदलना चाहिए। घर का ताज़ा खाना खाना सबसे सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि बाहर के भोजन में नमक की मात्रा अनियंत्रित होती है। बाज़ार में उपलब्ध कम सोडियम वाले नमक का उपयोग भी एक विकल्प है। पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय लेबल पढ़ना अनिवार्य आदत बनानी चाहिए।

स्वाद बनाए रखते हुए नमक घटाएँ

नमक की जगह नींबू, जीरा, काली मिर्च, हल्दी, धनिया, पुदीना, लहसुन, हींग और अदरक जैसे प्राकृतिक मसालों का उपयोग न केवल स्वाद बनाए रखता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। खाना परोसने से पहले एक बार चखकर देखें — बिना चखे ऊपर से नमक डालने की आदत छोड़ें। इस छोटे से बदलाव से दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी भारत में प्रोसेस्ड फूड की खपत बेरोकटोक बढ़ रही है। असली चुनौती जागरूकता नहीं, बल्कि पैक्ड खाद्य उद्योग पर सोडियम लेबलिंग की सख्त निगरानी है, जो अभी भी अपर्याप्त है। जब तक फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल अनिवार्य नहीं होते, उपभोक्ता अनजाने में तय सीमा से दोगुना-तिगुना नमक खाते रहेंगे।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोज़ाना कितना नमक खाना सुरक्षित है?
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, एक वयस्क को प्रतिदिन 5 ग्राम यानी लगभग एक चम्मच से कम नमक लेना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की समस्या वाले लोगों के लिए यह मात्रा और भी कम होनी चाहिए।
अधिक नमक खाने से कौन-सी बीमारियाँ हो सकती हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक नमक के सेवन से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, किडनी की क्षति, शरीर में सूजन, वाटर रिटेंशन और सिरदर्द जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। ये बीमारियाँ धीरे-धीरे विकसित होती हैं इसलिए शुरुआत में इनके लक्षण स्पष्ट नहीं होते।
पैक्ड फूड में कितना नमक होता है?
चिप्स, नमकीन, बिस्किट, सॉस, अचार और अन्य प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में छुपी नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन उत्पादों को खरीदने से पहले पैकेट पर सोडियम की मात्रा का लेबल ज़रूर पढ़ें।
नमक का सेवन कम करने के आसान तरीके क्या हैं?
घर का ताज़ा खाना खाएँ, पैक्ड फूड से परहेज़ करें और खाने में नमक की जगह नींबू, जीरा, काली मिर्च, हल्दी, अदरक और पुदीना जैसे मसालों का उपयोग करें। खाना परोसने से पहले एक बार चखकर देखें और ऊपर से नमक डालने की आदत छोड़ें।
क्या अचानक नमक पूरी तरह बंद कर देना सही है?
नहीं — स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नमक अचानक पूरी तरह बंद करने की बजाय धीरे-धीरे मात्रा घटानी चाहिए, ताकि स्वाद की आदत धीरे-धीरे बदले। शरीर को सोडियम की न्यूनतम मात्रा की ज़रूरत होती है, इसलिए पूरी तरह बंद करना भी उचित नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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