क्या शकरकंद सर्दियों में सेहत की सबसे मीठी ढाल है?
सारांश
Key Takeaways
- विटामिन ए आंखों की सेहत के लिए आवश्यक है।
- इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार।
- फाइबर पाचन में सुधार करता है।
- डायबिटीज में सीमित मात्रा में लाभकारी।
- सर्दियों में ऊर्जा का अच्छा स्रोत।
नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जैसे ही सर्दियों का मौसम आता है, बाजारों में एक खास चीज देखने को मिलती है, वो है भुना हुआ गरमा-गरम शकरकंद। ठंडी हवा में हाथों में शकरकंद पकड़े उसका स्वाद लेना अपने आप में एक अलग अनुभव है। लेकिन, स्वाद के साथ-साथ शकरकंद सेहत के लिए भी एक वरदान है। इसलिए इसे सर्दियों में सेहत की सबसे मीठी ढाल कहा जाता है।
शकरकंद का आकार भले ही आलू जैसा हो, लेकिन इसमें पोषण का खजाना छिपा है और यह हजारों वर्षों से मानव आहार का हिस्सा रहा है। खासकर उपवास के दौरान इसे इसलिए खाया जाता है क्योंकि यह जल्दी ऊर्जा प्रदान करता है और पेट को भारी नहीं करता।
अब बात करते हैं आंखों की सेहत की। शकरकंद में विटामिन ए की भरपूर मात्रा होती है, जो आंखों की रोशनी के लिए अत्यंत आवश्यक है। सर्दियों में जब आंखों में जलन या सूखापन होता है, तब शकरकंद उनकी देखभाल करता है। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों के लिए भी बेहद लाभकारी है।
शकरकंद इम्यूनिटी बढ़ाने में भी अद्वितीय है। इसमें मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। सर्दियों में सर्दी, खांसी और वायरल इंफेक्शन से बचने के लिए शकरकंद एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है। यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है।
शकरकंद फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को सुधारता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत प्रदान करता है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए शकरकंद एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है।
डायबिटीज के मरीज भी इसे सीमित मात्रा में खा सकते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स सफेद आलू से कम होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ती। लेकिन ध्यान रहे कि इसे उबालकर या भूनकर ही खाएं और अधिक तेल या चीनी से बचें।