राष्ट्रपति मुर्मु ने बुखारेस्ट में 'टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर' पर दी श्रद्धांजलि, भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम में निवेश का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 25 जुलाई 2025 को अपनी तीन देशों की यूरोप यात्रा के अंतिम चरण में रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट स्थित ऐतिहासिक 'टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर' पर पुष्पांजलि अर्पित की। इससे पहले उन्होंने भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए रोमानियाई कंपनियों से विकसित भारत 2047 की यात्रा में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।
सैनिक स्मारक पर श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति सचिवालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति मुर्मु ने बुखारेस्ट में 'टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर' पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। सचिवालय के अनुसार, "यह स्मारक अपने देश के लिए शहीद हुए सैनिकों के प्रति रोमानिया की कृतज्ञता का प्रतीक है और देशभक्ति, एकता तथा शांति का राष्ट्रीय प्रतीक माना जाता है।" यह यात्रा भारत-रोमानिया के बीच कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।
भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम में संबोधन
इससे पहले दिन में राष्ट्रपति मुर्मु ने बुखारेस्ट में आयोजित भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डैन, रोमानियाई सरकार के सदस्य, तथा दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधि और उद्योग संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति ने कहा, "'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य भारत को आज़ादी के 100 साल पूरे होने तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इस सफर में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए कई बड़े अवसर हैं।" उन्होंने रोमानिया की कंपनियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर ज़ोर
राष्ट्रपति सचिवालय ने फोरम के बाद बताया कि मुर्मु ने भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ज़ोर दिया। उनके अनुसार, "करीब दो अरब लोगों के साझा बाज़ार और लगभग 25 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ यह FTA दुनिया की सबसे अहम आर्थिक साझेदारियों में से एक है।" इस समझौते का उद्देश्य व्यापार को बढ़ावा देना, निवेश बढ़ाना और मज़बूत व विविध सप्लाई चेन तैयार करना बताया गया।
राष्ट्रपति ने यह भी रेखांकित किया कि FTA के लागू होने से MSME, स्टार्टअप और नवोन्मेषकों के लिए नए द्वार खुलेंगे तथा दोनों पक्षों के बीच वैल्यू चेन में बेहतर तालमेल स्थापित होगा।
तकनीकी सहयोग की संभावनाएँ
राष्ट्रपति मुर्मु ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत का विश्व-प्रशंसित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज़ी से उभरता स्टार्टअप इकोसिस्टम और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) में उसकी सुदृढ़ पहचान, रोमानिया की सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, अनुसंधान और एडवांस टेक्नोलॉजी की क्षमताओं के साथ मिलकर एक सशक्त द्विपक्षीय सहयोग का आधार बन सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के कारोबारी इन अवसरों को सफल व्यावसायिक साझेदारियों में परिवर्तित करेंगे।
यात्रा का महत्व और आगे की राह
यह यूरोप यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच FTA वार्ता निर्णायक दौर में है। गौरतलब है कि रोमानिया EU का एक महत्वपूर्ण सदस्य देश है और पूर्वी यूरोप में भारत के लिए एक उभरते आर्थिक प्रवेश द्वार के रूप में देखा जाता है। राष्ट्रपति मुर्मु की यह यात्रा भारत की 'विकसित भारत 2047' महत्वाकांक्षा को वैश्विक समर्थन दिलाने की व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है।