क्या गर्भावस्था में मां और शिशु के लिए शरीफा बेहद फायदेमंद है?

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क्या गर्भावस्था में मां और शिशु के लिए शरीफा बेहद फायदेमंद है?

सारांश

गर्भावस्था के दौरान मां के शरीर को शक्ति और पोषण की आवश्यकता होती है। शरीफा, जो आयुर्वेद में बल्य फल माना जाता है, गर्भवती महिलाओं के लिए ऊर्जा, कब्ज, और तनाव को कम करने में मदद करता है। जानें कैसे यह फल आपके और आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

Key Takeaways

  • शरीफा
  • कब्ज से राहत
  • मूड को संतुलित करता है
  • मस्तिष्क के विकास में सहायक
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गर्भावस्था एक महिला के जीवन में एक संवेदनशील और आनंदमय चरण है। इस समय, मां का शरीर न केवल अपनी आवश्यकताओं को पूरा करता है, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु की जरूरतों को भी ध्यान में रखता है। इस दौरान आहार के संदर्भ में कई सवाल स्वाभाविक रूप से उठते हैं - हमें क्या खाना चाहिए, कितना खाना चाहिए, और ऐसा क्या भोजन लेना चाहिए जो मां को ऊर्जा प्रदान करे और शिशु के स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास में सहायक हो।

इन पोषक तत्वों में से एक महत्वपूर्ण फल है शरीफा, जिसे कस्टर्ड एप्पल या सीताफल भी कहा जाता है।

आयुर्वेद में शरीफा को बल्य अर्थात् शक्ति प्रदान करने वाला फल माना गया है। विज्ञान भी इसे पोषण का भंडार मानता है। इसका स्वाद मीठा होता है और यह शरीर को बिना नुकसान पहुंचाए धीरे-धीरे ताकत देता है। गर्भावस्था के दौरान जब महिला का शरीर जल्दी थक जाता है और पाचन कमजोर हो जाता है, तब शरीफा बेहद फायदेमंद होता है।

शरीफा में प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर में जाकर धीरे-धीरे ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। गर्भावस्था में मां को अक्सर कमजोरी और चक्कर आने की समस्या होती है। शरीफा का सेवन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है, जिससे मां खुद को हल्का और मजबूत महसूस करती है। यह ऊर्जा रक्त के माध्यम से गर्भ में पल रहे बच्चे तक भी पहुंचती है।

आयुर्वेद के अनुसार, शरीफा वात को शान्त करता है। गर्भावस्था में वात के बढ़ने से पेट दर्द, गैस, बेचैनी और नींद की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीफा का गूदा पेट में जाकर ठंडक प्रदान करता है, आंतों को मुलायम बनाता है और पाचन को आसान करता है।

विज्ञान भी यह मानता है कि शरीफा में भरपूर फाइबर होता है, जो कब्ज को दूर करने में मदद करता है। गर्भावस्था के दौरान कब्ज एक सामान्य समस्या है, और शरीफा इसे बिना दवा के ठीक करने में मदद करता है।

शरीफा में विटामिन बी6

शरीफा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण भी होते हैं, जो मां की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इसका अर्थ है कि मां का शरीर संक्रमण से अच्छी तरह लड़ सकता है और बीमारियों का खतरा कम होता है। जब मां स्वस्थ रहती है, तो बच्चा भी सुरक्षित रहता है। एंटीऑक्सीडेंट शरीर की आंतरिक सफाई करते हैं, जिससे रक्त शुद्ध रहता है और बच्चे तक शुद्ध पोषण पहुंचता है।

शरीफा में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे तत्व भी होते हैं। आयरन खून बनाने में मदद करता है, जिससे एनीमिया का खतरा कम होता है। कैल्शियम बच्चे की हड्डियों और दांतों को मजबूत करता है। मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देता है और पोटैशियम रक्तदाब को संतुलित रखता है। ये सभी तत्व मिलकर मां के शरीर को संतुलित रखते हैं और बच्चे के विकास को सही दिशा देते हैं।

Point of View

बल्कि यह गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास में भी सहायक है। हमें हमेशा अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए, ताकि हम अपने बच्चों को एक स्वस्थ भविष्य दे सकें।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

शरीफा खाने के क्या लाभ हैं?
शरीफा गर्भावस्था में मां को ऊर्जा, कब्ज से राहत, और तनाव कम करने में मदद करता है।
क्या शरीफा कब्ज दूर करने में मदद करता है?
हाँ, शरीफा में फाइबर होता है, जो कब्ज को दूर करने में सहायक है।
क्या शरीफा मां के मूड को बेहतर बनाता है?
जी हाँ, शरीफा में मौजूद विटामिन बी6 मां के मूड को संतुलित करता है।
क्या शरीफा बच्चे के विकास में मदद करता है?
बिल्कुल! शरीफा बच्चे के मस्तिष्क के विकास में सहायक होता है।
गर्भावस्था में शरीफा का सेवन कब करना चाहिए?
गर्भावस्था के किसी भी चरण में शरीफा का सेवन फायदेमंद है।
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