सिद्धारमैया की स्वास्थ्यकर्मियों से अपील: जाति-धर्म को छोड़कर मानवता की सेवा करें
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बेंगलुरु, 21 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे लोगों से अपील की कि वे जाति और धर्म को भुलाकर मानवता की सेवा करें।
वे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित अभय हस्त कार्यक्रम के तहत नियुक्ति पत्र वितरण के अवसर पर बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन में विभिन्न पदों पर भर्ती के तहत नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि एक हजार लोगों को नियुक्ति पत्र मिलने से स्वास्थ्य विभाग में कार्यभार संभालने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य करना केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि यह जीवन बचाने और बीमारियों की रोकथाम का एक सार्थक कार्य है।
सिद्धारमैया ने बताया कि उनकी सरकार के दूसरी बार सत्ता में आने पर रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने के प्रयास किए जा रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया में कई समस्याओं का समाधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिसिंग जैसे जन कल्याण से जुड़े क्षेत्र सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं, और इन क्षेत्रों में रिक्त पदों को भरने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में विभिन्न सरकारी विभागों में 25 लाख से अधिक पद रिक्त हैं, जिन्हें क्रमशः भरा जाएगा।
सीएम ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काउंसलिंग के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। डॉक्टरों सहित लगभग 5,700 पदों का स्थानांतरण काउंसलिंग के माध्यम से किया गया है। भर्ती और स्थानांतरण प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार को रोकना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को तबादलों से संबंधित मामलों में शामिल बिचौलियों के झांसे में न आने की चेतावनी दी।
सिद्धारमैया ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि गैर-चिकित्सा कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें मानवता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "जब मरीजों के इलाज के लिए खून की आवश्यकता होती है, तो कोई जाति या धर्म को नहीं देखता। लेकिन एक बार जब लोग स्वस्थ हो जाते हैं, तो वे फिर से जाति और धार्मिक विभाजन के चक्र में फंस जाते हैं।"
सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि बीमारियों की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए और स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में सक्रिय कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है।