क्या सुबह-सुबह खाली पेट गर्म चाय या कॉफी पीना एसोफैजियल कैंसर का खतरा बढ़ाता है?

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क्या सुबह-सुबह खाली पेट गर्म चाय या कॉफी पीना एसोफैजियल कैंसर का खतरा बढ़ाता है?

सारांश

सुबह की चाय या कॉफी की आदत से एसोफैजियल कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। जानिए रिसर्च में क्या खुलासा हुआ है। क्या यह आपकी सेहत को प्रभावित कर सकती है? पढ़ें पूरी जानकारी इस महत्वपूर्ण अध्ययन के बारे में।

मुख्य बातें

खाली पेट गर्म पेय का सेवन कैंसर का खतरा बढ़ाता है।
अत्यधिक गर्म पेय पदार्थों से कोशिकाओं को नुकसान होता है।
रिसर्च में 5 लाख लोगों का अध्ययन किया गया है।
कैंसर के लक्षणों को अनदेखा न करें।
स्वास्थ्य के लिए सही आदतें अपनाएं।

नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बहुत से लोग सुबह की शुरुआत एक कप गर्म चाय या कॉफी से करते हैं। यह दिनभर की थकान को मिटाने का एक आदर्श तरीका बन चुका है और कई लोगों के लिए यह एक अनिवार्य आदत बन गई है। लेकिन, यदि आप भी रोजाना खाली पेट गर्म चाय या कॉफी का सेवन करते हैं, तो यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है। वैज्ञानिकों की एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि खाली पेट गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने से एसोफैजियल कैंसर अर्थात् फूड पाइप का कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

इस अध्ययन में यह पाया गया है कि अत्यधिक गर्म पेय, जैसे कि उबलती चाय या कॉफी, यदि लंबे समय तक रोजाना पी जाए तो यह फूड पाइप की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है। ये कोशिकाएं बार-बार गर्मी के संपर्क में आने से धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होती जाती हैं और यही नुकसान आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकता है।

यूके बायोबैंक द्वारा किए गए इस अध्ययन में लगभग 5 लाख लोगों पर शोध किया गया, जिसे अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट का भी समर्थन मिला। इसमें बताया गया कि जो लोग रोजाना 8 से 10 कप गर्म पेय का सेवन करते हैं, उन्हें एसोफैजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा नामक कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।

इस रिसर्च में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जितनी अधिक गर्म ड्रिंक आप पीते हैं, खतरा उतना ही बढ़ता है। इससे फूड पाइप में सूजन आने लगती है और वहां के टिश्यू टूटने लगते हैं, जिससे कैंसर का खतरा उत्पन्न होता है।

एसोफैजियल कैंसर गले और पेट के बीच की उस नली में होता है, जिससे होकर हमारा खाना और पेय पदार्थ पेट तक पहुँचता है। यह नली बेहद नाजुक होती है और गर्म चीजें इसे सीधे नुकसान पहुंचाती हैं। लंबे समय तक यह नुकसान चलता रहे तो वहां की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और कैंसर का रूप ले लेती हैं।

इस कैंसर की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसके लक्षण शुरुआत में स्पष्ट नहीं होते। अक्सर लोग इसे केवल सीने की जलन, एसिडिटी या खांसी समझकर अनदेखा कर देते हैं, और जब तक सही पहचान होती है, तब तक यह बीमारी गंभीर रूप ले चुकी होती है।

इस कैंसर के कुछ प्रमुख लक्षणों में भोजन निगलने में कठिनाई, सीने में दर्द या दबाव महसूस होना, बार-बार खांसी आना और आवाज में बदलाव शामिल हैं। इससे बचने का सबसे सरल तरीका है चाय या कॉफी को थोड़ा ठंडा करके पीना। इसके अलावा, तंबाकू, सिगरेट और शराब जैसी चीजों से भी दूरी बनाएं, क्योंकि ये सभी एसोफैजियल कैंसर के खतरे को और बढ़ा सकते हैं। अधिक एसिडिटी की समस्या हो, तो डॉक्टर से समय पर परामर्श लें। मोटापा भी एक बड़ा कारण हो सकता है, इसलिए हेल्दी डाइट और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह जरूरी है कि हम अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर हमें अपने दैनिक आदतों पर ध्यान देना चाहिए। एसोफैजियल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए हमें जागरूकता फैलानी चाहिए।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खाली पेट चाय या कॉफी पीने से क्या स्वास्थ्य पर असर पड़ता है?
खाली पेट गर्म पेय पदार्थों का सेवन एसोफैजियल कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है।
एसोफैजियल कैंसर के लक्षण क्या हैं?
इसमें भोजन निगलने में कठिनाई, सीने में दर्द और खांसी शामिल हैं।
क्या सुबह की चाय को ठंडा करके पीना सुरक्षित है?
हाँ, ठंडी चाय पीने से एसोफैजियल कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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