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उपविष्ठ कोणासन: हर्निया से बचाव, साइटिका दर्द और मासिक धर्म में राहत देने वाला योगासन

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उपविष्ठ कोणासन: हर्निया से बचाव, साइटिका दर्द और मासिक धर्म में राहत देने वाला योगासन

सारांश

गतिहीन जीवनशैली से उत्पन्न हर्निया, साइटिका और मासिक धर्म की अनियमितता जैसी समस्याओं में उपविष्ठ कोणासन एक प्राकृतिक उपाय के रूप में उभरा है। यह आसन हैमस्ट्रिंग लचीलेपन से लेकर पेल्विक रक्त संचार तक, शरीर के निचले हिस्से की कई समस्याओं को एक साथ संबोधित करता है।

मुख्य बातें

उपविष्ठ कोणासन हैमस्ट्रिंग, पेल्विक क्षेत्र, पेट और रीढ़ की हड्डी पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों में मांसपेशियों की जकड़न कम करने में यह विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है।
हर्निया की रोकथाम के लिए यह आसन पेट और पेल्विक मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है।
साइटिका दर्द में नसों पर दबाव घटाकर राहत दिला सकता है — गंभीर मामलों में चिकित्सकीय सलाह ज़रूरी।
पेल्विक रक्त संचार सुधरने से हार्मोनल संतुलन बेहतर होता है, जो मासिक धर्म चक्र को नियमित करने में सहायक है।

उपविष्ठ कोणासन एक प्रभावशाली योगासन है जो शरीर के निचले हिस्से — विशेषकर हैमस्ट्रिंग, पेल्विक क्षेत्र, पेट और रीढ़ की हड्डी — को सीधे लाभ पहुँचाता है। आज की गतिहीन जीवनशैली में जब लंबे समय तक बैठकर काम करने से मांसपेशियों में जकड़न, कमर दर्द और हर्निया जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं, तो योग विशेषज्ञ इस आसन को एक प्राकृतिक और सुलभ उपाय के रूप में देखते हैं। इस आसन में शरीर को धीरे-धीरे फैलाकर आगे की ओर झुकाया जाता है, जिससे मांसपेशियों में सक्रिय खिंचाव उत्पन्न होता है।

हैमस्ट्रिंग में लचीलापन और संतुलन

जाँघों के पिछले हिस्से में स्थित हैमस्ट्रिंग मांसपेशियाँ लंबे समय तक बैठे रहने से धीरे-धीरे सख्त हो जाती हैं। उपविष्ठ कोणासन में पैरों को दोनों ओर फैलाकर आगे झुकने से इन मांसपेशियों पर नियंत्रित खिंचाव पड़ता है। यह खिंचाव उन्हें ढीला और लचीला बनाता है, जिससे चलने-फिरने में सहजता आती है और शरीर का समग्र संतुलन बेहतर होता है।

पेल्विक क्षेत्र में रक्त संचार और अंदरूनी स्वास्थ्य

पेल्विक क्षेत्र में शरीर के कई महत्वपूर्ण अंदरूनी अंग स्थित होते हैं। इस आसन के दौरान शरीर जब आगे की ओर झुकता है, तो इस क्षेत्र में हल्का दबाव और खिंचाव उत्पन्न होता है, जिससे रक्त का प्रवाह सुधरता है। बेहतर रक्त संचार से ये अंग अधिक सक्रिय और स्वस्थ रहते हैं, और कई अंदरूनी समस्याओं की संभावना घटती है।

हर्निया से बचाव में सहायक

योग विशेषज्ञों के अनुसार, उपविष्ठ कोणासन को हर्निया की रोकथाम में सहायक माना जाता है। हर्निया तब उत्पन्न होता है जब पेट की मांसपेशियाँ कमज़ोर पड़ जाती हैं और अंदरूनी अंग अपनी सामान्य स्थिति से बाहर दबाव डालने लगते हैं। यह आसन पेट और पेल्विक मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है, जिससे वे अंगों को उनकी सही जगह पर बनाए रखने में सक्षम होती हैं।

साइटिका दर्द में राहत

साइटिका दर्द कमर से शुरू होकर पैरों तक फैलता है और नसों पर दबाव के कारण होता है। उपविष्ठ कोणासन में पैरों पर पड़ने वाला खिंचाव धीरे-धीरे इस दबाव को कम करने में मदद कर सकता है। इससे नसों पर तनाव घटता है और साइटिका दर्द में राहत महसूस हो सकती है — हालाँकि गंभीर मामलों में चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है।

मासिक धर्म नियमितता में भूमिका

पेल्विक क्षेत्र में बेहतर रक्त संचार और मांसपेशियों के संतुलन से शरीर का हार्मोनल संतुलन भी बेहतर होता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, यही संतुलन मासिक धर्म चक्र को नियमित करने में भूमिका निभाता है। इसके साथ ही यह आसन मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन को भी कम करने में सहायक हो सकता है। नियमित अभ्यास और सही तकनीक से इस आसन का पूरा लाभ उठाया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सावधानी भी माँगता है। हर्निया और साइटिका जैसी स्थितियाँ संरचनात्मक और तंत्रिका-संबंधी हो सकती हैं, जिनमें योग सहायक भूमिका निभा सकता है, पर प्रतिस्थापन नहीं। पाठकों को स्पष्ट संदेश देना ज़रूरी है कि 'राहत मिल सकती है' और 'इलाज हो सकता है' — दोनों में फ़र्क है। मीडिया की ज़िम्मेदारी है कि योग के लाभ बताते हुए चिकित्सकीय परामर्श की अनिवार्यता को भी रेखांकित करे।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपविष्ठ कोणासन क्या है और इसे कैसे किया जाता है?
उपविष्ठ कोणासन एक बैठकर किया जाने वाला योगासन है जिसमें दोनों पैरों को दोनों ओर चौड़ा फैलाकर धीरे-धीरे आगे की ओर झुका जाता है। यह आसन हैमस्ट्रिंग, पेल्विक क्षेत्र और रीढ़ की हड्डी पर खिंचाव उत्पन्न करता है।
उपविष्ठ कोणासन हर्निया में कैसे मददगार है?
यह आसन पेट और पेल्विक मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है, जिससे अंदरूनी अंगों को उनकी सही जगह पर बनाए रखने में मदद मिलती है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, मज़बूत मांसपेशियाँ हर्निया की संभावना को कम कर सकती हैं — हालाँकि पहले से हर्निया होने पर चिकित्सकीय सलाह ज़रूरी है।
क्या उपविष्ठ कोणासन साइटिका दर्द में राहत दे सकता है?
साइटिका दर्द नसों पर दबाव के कारण होता है, और इस आसन में पैरों पर पड़ने वाला खिंचाव उस दबाव को धीरे-धीरे कम करने में सहायक हो सकता है। गंभीर साइटिका के मामलों में इसे केवल चिकित्सकीय परामर्श के साथ ही अपनाना चाहिए।
यह आसन मासिक धर्म को नियमित करने में कैसे सहायक है?
पेल्विक क्षेत्र में बेहतर रक्त संचार और मांसपेशियों के संतुलन से शरीर का हार्मोनल संतुलन बेहतर होता है, जो मासिक धर्म चक्र को नियमित करने में भूमिका निभाता है। यह आसन मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन को भी कम करने में सहायक हो सकता है।
उपविष्ठ कोणासन किन लोगों के लिए सबसे ज़्यादा फायदेमंद है?
यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं और जिनकी हैमस्ट्रिंग व पेल्विक मांसपेशियाँ सख्त हो गई हैं। इसके अलावा, साइटिका दर्द और मासिक धर्म की अनियमितता से जूझ रहे लोग भी इससे लाभ उठा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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