उपविष्ठ कोणासन: स्वस्थ जीवन के लिए अनिवार्य योगासन

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उपविष्ठ कोणासन: स्वस्थ जीवन के लिए अनिवार्य योगासन

सारांश

योग का अभ्यास न केवल शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक शांति भी देता है। जानिए उपविष्ठ कोणासन के फायदों के बारे में, जो आपके स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।

मुख्य बातें

उपविष्ठ कोणासन शारीरिक लचीलापन बढ़ाता है।
यह मानसिक शांति प्रदान करता है।
पाचन तंत्र को सुधारने में मदद करता है।
मासिक धर्म संबंधी समस्याओं में लाभकारी है।
अभ्यास के लिए योग विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है।

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनस)। सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए योग एक सरल और प्रभावी उपाय बन चुका है। प्रतिदिन थोड़े समय के लिए योगाभ्यास करने से शरीर लचीला और मन शांत रहता है, साथ ही कई बीमारियों से भी बचाव होता है। इनमें से 'उपविष्ठ कोणासन' एक महत्वपूर्ण योगासन है, जो शरीर को अनेक लाभ प्रदान करता है।

'उपविष्ठ कोणासन' संस्कृत से आया शब्द है। 'उपविष्ठ' का अर्थ है 'बैठा हुआ' और 'कोण' का अर्थ है 'फैलाव'। इस आसन को करते समय व्यक्ति जमीन पर बैठकर अपने दोनों पैरों को चौड़ा फैलाता है और शरीर को आगे की ओर झुकाता है। यह आसन न केवल पैरों की मांसपेशियों को गहरी खिंचाव देता है, बल्कि यह रीढ़ की हड्डी को फैलाने और कूल्हों के जोड़ को खोलने में भी मदद करता है। इसे अंग्रेजी में 'सीटेड वाइड-एंगल स्ट्रैडल पोज' कहा जाता है।

आयुष मंत्रालय ने इस आसन के महत्व को उजागर किया है। उनके अनुसार, उपविष्ठ कोणासन एक प्रमुख योगासन है जो जांघों, कूल्हों और रीढ़ को गहरे खिंचाव प्रदान करता है, शरीर को लचीला बनाता है और मानसिक शांति देता है।

इस आसन के अभ्यास से पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन प्रणाली में सुधार होता है और यह शरीर में अतिरिक्त चर्बी को कम करने में भी सहायक है। इसके अतिरिक्त, यह मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं में भी लाभदायक माना जाता है।

उपविष्ठ कोणासन के नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और व्यक्ति तरोताजा महसूस करता है। हालाँकि, यह आसन देखने में सरल लगता है, लेकिन इसे करते समय प्रारंभ में असुविधा हो सकती है, इसलिए इसे योग विशेषज्ञ की देखरेख में करना बेहतर है।

इस आसन को करना काफी सरल है। यदि आपको घुटने, कूल्हे या कमर में कोई पुरानी चोट है, तो अभ्यास करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। गर्भवती महिलाएं इसे संशोधित रूप में करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन और ऊर्जा का संतुलन बना रहता है। हालांकि, इसे करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है, विशेषकर यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपविष्ठ कोणासन करने का सही तरीका क्या है?
उपविष्ठ कोणासन में जमीन पर बैठकर दोनों पैरों को फैलाना और शरीर को आगे की ओर झुकाना होता है।
क्या उपविष्ठ कोणासन से वजन कम किया जा सकता है?
हाँ, उपविष्ठ कोणासन शरीर में अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद करता है।
क्या गर्भवती महिलाएं उपविष्ठ कोणासन कर सकती हैं?
गर्भवती महिलाएं इस आसन को संशोधित रूप में करें और योग विशेषज्ञ की सलाह लें।
उपविष्ठ कोणासन के क्या फायदे हैं?
यह आसन जांघों, कूल्हों और रीढ़ को खींचता है, मानसिक शांति देता है और पाचन क्रिया को सुधारता है।
क्या उपविष्ठ कोणासन करना आसान है?
यह देखने में सरल लगता है, लेकिन प्रारंभ में असुविधा हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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