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मलेरिया से बचाव: WHO ने बताए ज़रूरी उपाय, जानें क्या करें और क्या न करें

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मलेरिया से बचाव: WHO ने बताए ज़रूरी उपाय, जानें क्या करें और क्या न करें

सारांश

विश्व मलेरिया दिवस पर WHO ने मलेरिया से बचाव की व्यावहारिक गाइडलाइन जारी की। जमा पानी हटाएं, मच्छरदानी लगाएं, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से मिलें — यही है मलेरिया से बचाव का सबसे आसान और कारगर तरीका।

मुख्य बातें

विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) पर WHO ने मलेरिया बचाव की व्यापक गाइडलाइन जारी की।
घर के आसपास जमा पानी को हटाना मच्छरों को पनपने से रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच पूरी बाजू के कपड़े, मच्छरदानी और जाली का उपयोग करें।
बुखार, ठंड, सिरदर्द, थकान और मतली मलेरिया के प्रारंभिक लक्षण हैं — तुरंत डॉक्टर से मिलें।
WHO की विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2023 के अनुसार, प्रतिवर्ष 24 करोड़ से अधिक मलेरिया मामले और 6 लाख मौतें दर्ज होती हैं।
भारत ने 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो मानसून से पहले जागरूकता को और जरूरी बनाता है।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्पष्ट किया है कि मलेरिया एक रोकथाम योग्य और पूरी तरह इलाज योग्य बीमारी है — बशर्ते सही समय पर सही कदम उठाए जाएं। संगठन ने मलेरिया उन्मूलन के अपने संकल्प को दोहराते हुए आम नागरिकों के लिए एक व्यावहारिक गाइडलाइन जारी की है, जिसमें बताया गया है कि मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना जरूरी है।

मच्छरों को पनपने से रोकना सबसे पहला कदम

WHO के अनुसार, मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज मच्छर रुके हुए पानी में अंडे देते हैं। इसलिए घर के आसपास गमलों, पुराने टायरों, बाल्टियों और छतों पर जमा पानी को तुरंत हटाना सबसे प्रभावी निवारक उपाय है। यह छोटा-सा कदम मच्छरों की पूरी एक पीढ़ी को पनपने से रोक सकता है।

संगठन ने यह भी सलाह दी है कि सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच के समय में — जब मच्छर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं — पूरी बाजू के कपड़े पहनें। इसके साथ ही मच्छरदानी का नियमित उपयोग और खिड़की-दरवाजों पर महीन जाली लगाना भी जरूरी है।

मलेरिया के लक्षण पहचानें — देरी पड़ सकती है भारी

WHO ने मलेरिया के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान को जीवनरक्षक बताया है। बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगना, थकान, सिरदर्द और मतली — ये सामान्य लक्षण हैं जो संक्रमण के शुरुआती चरण में दिखते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण नजर आते ही बिना देर किए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

यदि स्थिति गंभीर हो जाए और भ्रम की स्थिति, सांस लेने में कठिनाई, दौरे पड़ना या गहरे पीले रंग का पेशाब जैसे लक्षण सामने आएं, तो यह मेडिकल इमरजेंसी है। ऐसी स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचना अनिवार्य है।

जल्दी टेस्ट और तुरंत इलाज — WHO की मुख्य सलाह

WHO ने जोर देकर कहा है कि मलेरिया का शीघ्र परीक्षण और तत्काल उपचार ही इस बीमारी से बचने का सबसे कारगर तरीका है। समय पर पकड़ में आने पर मलेरिया का इलाज सरल और प्रभावी होता है, लेकिन देरी होने पर यह जानलेवा भी बन सकता है।

संगठन ने व्यक्तिगत सावधानी के साथ-साथ सामुदायिक स्तर पर जागरूकता को भी अनिवार्य बताया है। मच्छर नियंत्रण, स्वच्छता और सामूहिक प्रयास मिलकर इस बीमारी की रोकथाम में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

भारत और वैश्विक संदर्भ में मलेरिया की स्थिति

गौरतलब है कि WHO की विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2023 के अनुसार, दुनिया भर में प्रतिवर्ष 24 करोड़ से अधिक मलेरिया के मामले सामने आते हैं और लगभग 6 लाख लोगों की मौत होती है — जिनमें अधिकांश अफ्रीकी देशों के बच्चे हैं। भारत में भी ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी राज्य मलेरिया के उच्च-जोखिम क्षेत्रों में शामिल हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार ने 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जमीनी स्तर पर जागरूकता और स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती के बिना यह लक्ष्य चुनौतीपूर्ण रहेगा।

WHO की यह गाइडलाइन आने वाले मानसून सीजन से पहले जारी होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप कई गुना बढ़ जाता है और मलेरिया के मामलों में तेज उछाल देखा जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

WHO गाइडलाइन जारी करता है, और अगले दिन सब भूल जाते हैं — यही सबसे बड़ी विडंबना है। भारत ने 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा है, लेकिन ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पूर्व के आदिवासी इलाकों में आज भी बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं नदारद हैं। जब तक जागरूकता अभियान शहरी मध्यवर्ग तक सीमित रहेंगे और ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक ये संकल्प महज कागजी दस्तावेज बनकर रह जाएंगे। असली सवाल यह नहीं कि WHO ने क्या कहा — असली सवाल यह है कि सरकारें इसे जमीन पर उतारने के लिए क्या ठोस कदम उठा रही हैं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मलेरिया से बचाव के लिए WHO ने क्या सलाह दी है?
WHO ने घर के आसपास जमा पानी हटाने, पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरदानी लगाने और खिड़कियों पर जाली लगाने की सलाह दी है। इसके साथ ही लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से मिलने और जल्दी टेस्ट कराने पर जोर दिया गया है।
मलेरिया के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?
मलेरिया के शुरुआती लक्षणों में बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान और मतली शामिल हैं। ये लक्षण दिखते ही बिना देरी किए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
मलेरिया के गंभीर लक्षण कौन से हैं जिनमें तुरंत अस्पताल जाना चाहिए?
भ्रम की स्थिति, सांस लेने में तकलीफ, दौरे पड़ना और गहरे पीले रंग का पेशाब मलेरिया के गंभीर लक्षण हैं। इन लक्षणों में तत्काल अस्पताल पहुंचना जरूरी है, क्योंकि यह जानलेवा स्थिति हो सकती है।
मच्छर कहां अंडे देते हैं और इसे कैसे रोकें?
मलेरिया फैलाने वाले मच्छर रुके हुए पानी में अंडे देते हैं। गमलों, टायरों, बाल्टियों और छतों पर जमा पानी को नियमित रूप से हटाकर मच्छरों को पनपने से रोका जा सकता है।
विश्व मलेरिया दिवस कब मनाया जाता है और इसका उद्देश्य क्या है?
विश्व मलेरिया दिवस हर साल 25 अप्रैल को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मलेरिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर इस बीमारी को जड़ से समाप्त करने के प्रयासों को गति देना है।
राष्ट्र प्रेस
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