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12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर वियतनाम, लाओस, मंगोलिया और तुर्कमेनिस्तान में भव्य आयोजन

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12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर वियतनाम, लाओस, मंगोलिया और तुर्कमेनिस्तान में भव्य आयोजन

सारांश

21 जून 2026 को वियतनाम, लाओस, मंगोलिया और तुर्कमेनिस्तान में भारतीय दूतावासों ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भव्य आयोजन किए। हजारों प्रतिभागियों ने 'स्वस्थ वृद्धावस्था' थीम के तहत योगाभ्यास किया — यह भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति का जीवंत प्रदर्शन था।

मुख्य बातें

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर 21 जून को चार देशों — वियतनाम, लाओस, मंगोलिया और तुर्कमेनिस्तान — में भारतीय दूतावासों ने भव्य समारोह आयोजित किए।
लाओस की राजधानी विएंतियाने में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने सामूहिक योग सत्र में भाग लिया।
मंगोलिया के पूर्व राष्ट्रपति एन.
एंखबयार उलानबातार समारोह में मुख्य अतिथि रहे; लगभग 150 प्रतिभागी उपस्थित थे।
वियतनाम में तम चुक पगोडा परिसर — जो 1,000 वर्षों से अधिक पुराना है — में भारत-वियतनाम साझा विरासत के प्रतीक स्थल पर योगाभ्यास हुआ।
संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि जैप वैन हाइडर्न ने योग को सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) से जोड़ा।
भारतीय दूतावास द्वारा वर्षभर आईटीईसी प्रशिक्षण कार्यक्रम और नियमित योग कक्षाएँ संचालित की जाती हैं।

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर 21 जून को वियतनाम, लाओस, मंगोलिया और तुर्कमेनिस्तान में भारतीय दूतावासों ने स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से भव्य योग समारोह आयोजित किए। इस वर्ष की थीम 'योग के माध्यम से स्वस्थ वृद्धावस्था' के तहत हजारों प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सा लेकर भारत और इन देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु को और मजबूत किया।

वियतनाम: ऐतिहासिक पगोडा परिसर में योग का संगम

हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने नेशनल वियतनाम बुद्धिस्ट संघ के सहयोग से तम चुक पगोडा परिसर में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया। यह परिसर 1,000 वर्षों से अधिक पुरानी विरासत का प्रतीक है और विश्व के सबसे बड़े बौद्ध परिसरों में गिना जाता है। परिसर में स्थित न्गोक (पर्ल) पगोडा इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहा — इसे भारत और वियतनाम के इंजीनियरों ने मिलकर पत्थरों से निर्मित किया था, जो दोनों देशों के गहरे आध्यात्मिक संबंधों का जीवंत प्रमाण है। सैकड़ों प्रतिभागियों ने इस शांत वातावरण में कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया।

इसके अतिरिक्त, वियतनाम के क्वांग निन्ह प्रांत में भी भारतीय दूतावास ने स्थानीय प्रशासन और योग फेडरेशनों के सहयोग से हजारों योग प्रेमियों के साथ दिवस मनाया। प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता का संदेश दिया।

लाओस: विएंतियाने में एकता और सामंजस्य का संदेश

लाओस की राजधानी विएंतियाने में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने सामूहिक योग सत्र में भाग लिया। 'श्वास में एकता, गति में सामंजस्य और हर उम्र के लिए स्वास्थ्य' की भावना के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने योग की सार्वभौमिकता और इसकी समग्र कल्याणकारी भूमिका को रेखांकित किया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण रहा कि योग अब किसी एक संस्कृति या आयु वर्ग तक सीमित नहीं है।

तुर्कमेनिस्तान: अश्गाबात में भारत-तुर्कमेन मैत्री की झलक

तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात में आयोजित समारोह में उप स्वास्थ्य एवं चिकित्सा उद्योग मंत्री अजात ओवेजोव, भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य और भारत के मित्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर ने भारत और तुर्कमेनिस्तान के बीच सांस्कृतिक और जन-जन संबंधों को और प्रगाढ़ किया। गौरतलब है कि यह क्षेत्र परंपरागत रूप से भारत के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सक्रिय रहा है।

मंगोलिया: उलानबातार में पूर्व राष्ट्रपति की उपस्थिति

उलानबातार में भारतीय दूतावास और मंगोलियन योग फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में मंगोलिया के पूर्व राष्ट्रपति एन. एंखबयार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने योग को दैनिक जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस कार्यक्रम में लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि जैप वैन हाइडर्न ने योग को शांति, स्वास्थ्य और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण बताया। मंगोलियन योग फेडरेशन की अध्यक्ष बी. तूल ने भारत सरकार और दूतावास के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। ब्रह्माकुमारी संस्था की देश प्रतिनिधि इन्ना किम ने ध्यान की विधि का मार्गदर्शन किया, जबकि भारतीय संस्कृति शिक्षक विवेक कुमार मधेशिया ने कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया।

भारतीय राजदूत का संदेश और वर्षभर की पहल

उलानबातार में भारतीय राजदूत ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग ने वैश्विक स्तर पर व्यापक लोकप्रियता अर्जित की है और यह व्यक्ति को 'योग्य' से 'सुयोग्य' बनाने की शक्ति रखता है। दूतावास द्वारा पूरे वर्ष राजनयिकों, सरकारी अधिकारियों, पुलिस कर्मियों, विश्वविद्यालय छात्रों और योग स्टूडियो के लिए नियमित कक्षाएँ तथा आईटीईसी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। यह निरंतर प्रयास भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति का एक सशक्त उदाहरण है और आने वाले वर्षों में इन देशों के साथ सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा करने का मार्ग प्रशस्त करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनयिक गलियारों तक पहुँच चुका है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत मध्य एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को विस्तार दे रहा है। हालाँकि, इन आयोजनों की दीर्घकालिक कूटनीतिक उपयोगिता तभी सिद्ध होगी जब सांस्कृतिक जुड़ाव को ठोस द्विपक्षीय नीतिगत परिणामों में बदला जाए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 कब और किस थीम पर मनाया गया?
12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 को 'योग के माध्यम से स्वस्थ वृद्धावस्था' थीम के तहत मनाया गया। इस अवसर पर दुनिया भर में भारतीय दूतावासों ने स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से भव्य आयोजन किए।
मंगोलिया के उलानबातार में योग दिवस समारोह में कौन मुख्य अतिथि थे?
मंगोलिया के पूर्व राष्ट्रपति एन. एंखबयार उलानबातार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने योग को दैनिक जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और इस कार्यक्रम में लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
वियतनाम में योग दिवस का आयोजन किस विशेष स्थान पर हुआ और इसका क्या महत्व है?
हनोई में भारतीय दूतावास ने तम चुक पगोडा परिसर में योग सत्र आयोजित किया, जो 1,000 वर्षों से अधिक पुरानी विरासत का प्रतीक है। इस परिसर में स्थित न्गोक (पर्ल) पगोडा को भारत और वियतनाम के इंजीनियरों ने मिलकर बनाया था, जो दोनों देशों के आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक है।
लाओस में योग दिवस 2026 में कितने लोगों ने भाग लिया?
लाओस की राजधानी विएंतियाने में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने सामूहिक योग सत्र में भाग लिया। यह आयोजन 'श्वास में एकता, गति में सामंजस्य और हर उम्र के लिए स्वास्थ्य' की भावना के साथ संपन्न हुआ।
भारतीय दूतावास इन देशों में योग को बढ़ावा देने के लिए वर्षभर क्या करता है?
भारतीय दूतावास द्वारा राजनयिकों, सरकारी अधिकारियों, पुलिस कर्मियों, विश्वविद्यालय छात्रों और योग स्टूडियो के लिए नियमित योग कक्षाएँ तथा आईटीईसी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। यह पहल भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का अभिन्न हिस्सा है।
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