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जीरो-फैट का विचार आपके स्वास्थ्य को कर सकता है प्रभावित, जानें वसा की अहमियत

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जीरो-फैट का विचार आपके स्वास्थ्य को कर सकता है प्रभावित, जानें वसा की अहमियत

सारांश

क्या 'जीरो फैट' का कॉन्सेप्ट वास्तव में स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है? जानिए इस लेख में वसा की भूमिका और इसके लाभ।

मुख्य बातें

जीरो-फैट का सिद्धांत स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकता है।
गुड फैट जैसे नट्स और जैतून का तेल महत्वपूर्ण हैं।
वसा विटामिन अवशोषण में सहायक है।
कम वसा का सेवन मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
महिलाओं को प्रजनन स्वास्थ्य के लिए गुड फैट का सेवन करना चाहिए।

नई दिल्ली, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियां बहुत कम हो गई हैं, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के नाम पर 'जीरो फैट' का कॉन्सेप्ट तेजी से फैल रहा है। लोग इसे दूसरों की तरह अपनाने लगे हैं।

वजन कम करने और स्वस्थ रहने के प्रयास में, लोगों ने अपने आहार से तेल और घी को लगभग हटा दिया है। बाजार में भी 'लो-फैट' और 'जीरो-फैट' उत्पादों की भरमार है, लेकिन क्या आपको पता है कि 'जीरो-फैट' का यह विचार आपके शरीर के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है?

आयुर्वेद के अनुसार, 'जीरो-फैट' का यह सिद्धांत शरीर को बीमार कर सकता है। अगर हम वसा का सेवन कम करते हैं, तो इसका नकारात्मक असर हमारे मस्तिष्क और कोशिकाओं पर पड़ता है। वसा केवल ऊर्जा का स्रोत नहीं है, बल्कि यह कोशिकाओं के निर्माण में भी सहायक है। यहाँ हम 'गुड फैट' की बात कर रहे हैं, जिसे देशी घी, कच्चे घानी का तेल (जैसे सरसों, नारियल या तिल), अखरोट, बादाम, अलसी के बीज, एवोकाडो और जैतून के तेल से सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है, न कि समोसे, पिज्जा या प्रोसेस्ड फूड वाले तेल।

इसके विपरीत, यह जानना आवश्यक है कि आहार में तेल का सीमित मात्रा में प्रयोग क्यों जरूरी है। हमारे शरीर में कई ऐसे विटामिन होते हैं, जो वसा में घुलनशील होते हैं। बिना वसा के, विटामिन A, D, E और K का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता। यदि आप अपने आहार में वसा का सेवन नहीं करते हैं, तो इससे विटामिन का स्तर भी प्रभावित होगा।

यह सामान्य धारणा है कि वसा केवल ऊर्जा का स्रोत है, लेकिन यह एक गलत धारणा है। गुड फैट, जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिड, न्यूरॉन्स के बीच संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुड फैट की कमी से मस्तिष्क से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। कम वसा का सेवन करने से अल्जाइमर और डिप्रेशन जैसी बीमारियाँ भी हो सकती हैं।

शरीर के लिए आवश्यक दो महत्वपूर्ण हार्मोन, टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन, के निर्माण के लिए भी वसा की आवश्यकता होती है। खासकर महिलाओं को अगर गुड फैट का सेवन बंद कर देती हैं, तो उन्हें मासिक धर्म और प्रजनन से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या जीरो फैट डाइट से वजन कम होता है?
जीरो फैट डाइट से वजन कम हो सकता है, लेकिन यह शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की कमी भी कर सकती है।
गुड फैट क्या होते हैं?
गुड फैट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, एवोकाडो, जैतून का तेल और नट्स शामिल हैं।
क्या वसा का सेवन जरूरी है?
हां, वसा का सेवन आवश्यक है क्योंकि यह शरीर में कई विटामिनों के अवशोषण में मदद करता है।
क्या कम वसा खाने से मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है?
जी हां, कम वसा खाने से मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ, जैसे डिप्रेशन, हो सकती हैं।
महिलाओं के लिए वसा की क्या भूमिका है?
महिलाओं के लिए वसा हार्मोन के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राष्ट्र प्रेस
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