48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता शांगहाई में शुरू, भारत का अब तक का सबसे बड़ा दल — 70 प्रतिस्पर्धी, 63 इवेंट्स
सारांश
मुख्य बातें
48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता 22 सितंबर 2026 को चीन के शांगहाई में शुरू हो गई है और यह आयोजन 27 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस बार प्रतियोगिता में शामिल देशों, क्षेत्रों और प्रतिस्पर्धियों की संख्या ने इतिहास में नया रिकॉर्ड कायम किया है। भारत ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अपनी अब तक की सबसे बड़ी टीम भेजी है।
रिकॉर्ड भागीदारी, रिकॉर्ड पैमाना
इस वर्ष 68 देशों और क्षेत्रों के कुल 1,385 प्रतिस्पर्धी शांगहाई में एकत्र हुए हैं। आयोजकों के अनुसार, यह अंतर्राष्ट्रीय व्यावसायिक कौशल प्रतियोगिता के इतिहास में भागीदार देशों और प्रतिस्पर्धियों दोनों के लिहाज से अब तक का सर्वाधिक व्यापक आयोजन है। यह प्रतियोगिता दुनिया में सर्वोच्च स्तर, सबसे बड़े पैमाने और सर्वाधिक व्यापक प्रभाव वाले व्यावसायिक कौशल मंच के रूप में मान्यता प्राप्त है।
भारत का ऐतिहासिक दल
भारत ने इस बार 70 प्रतिस्पर्धियों का दल शांगहाई भेजा है, जो देश के विश्व कौशल प्रतियोगिता के इतिहास में सबसे बड़ा दल है। ये प्रतिस्पर्धी कुल 63 इवेंट्स में हिस्सा लेंगे। इस भागीदारी का मुख्य उद्देश्य तकनीकी स्तर, रचनात्मकता, सटीकता, नवाचार क्षमता और शिल्प कौशल के क्षेत्रों में भारत की प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना है।
प्रतियोगिता का महत्व
विश्व कौशल प्रतियोगिता को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 'कौशल का ओलंपिक' भी कहा जाता है। यह मंच युवाओं को न केवल अपनी दक्षता परखने का अवसर देता है, बल्कि विभिन्न देशों के प्रतिस्पर्धियों के बीच विचारों और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान का भी अवसर प्रदान करता है। गौरतलब है कि इस वर्ष की प्रतियोगिता ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपने कौशल विकास कार्यक्रमों को तेज़ी से विस्तार दे रहा है।
आगे क्या होगा
प्रतियोगिता 27 सितंबर 2026 तक चलेगी, जिसके बाद पदक समारोह होगा। भारतीय दल का प्रदर्शन देश की कौशल नीति और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की वैश्विक स्वीकृति का एक महत्वपूर्ण मानदंड माना जाएगा।