₹5,000 डॉलर से उगे 50 हजार पेड़: चीन-अमेरिका जन-मैत्री की जीवंत मिसाल
सारांश
मुख्य बातें
इनर मंगोलिया के ऑर्डोस हवाई अड्डे पर 20 से अधिक वर्षों बाद हुई एक भावुक मुलाकात ने पूरे सोशल मीडिया को झकझोर दिया — जब अमेरिकी नागरिक रोनाल्ड साकोल्स्की (चीनी उपनाम: साईकाओस) और चीन के मरुस्थल संरक्षण अभियान के नायक यिन यूजन दशकों बाद गले मिले। यह पुनर्मिलन चीन-अमेरिका लोक स्तरीय मैत्री का सबसे ताज़ा और सबसे मर्मस्पर्शी प्रतीक बन गया है।
कहानी की शुरुआत: 1999 में बोया गया बीज
इस असाधारण मित्रता की जड़ें 1999 में जाती हैं, जब साईकाओस चीन में अध्यापन कार्य कर रहे थे। माओउसू रेगिस्तान में बसकर वनीकरण की मुहिम चला रहे यिन यूजन की कहानी ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने विशेष प्रयास कर 5,000 अमेरिकी डॉलर एकत्र किए और उस राशि को वनीकरण कार्य के लिए समर्पित कर दिया। दो दशक से भी अधिक समय बाद, उस छोटी-सी सहायता से लगाए गए पौधे आज 50,000 से अधिक विशाल, हरे-भरे पेड़ों में तब्दील हो चुके हैं।
इंटरनेट पर 'पुराने मित्र की तलाश'
इस वर्ष मई में यिन यूजन ने सोशल मीडिया पर अपने बिछड़े अमेरिकी मित्र को खोजने की अपील की। यह खोज सफल रही और प्रशांत महासागर पार फैली यह कृतज्ञता की कहानी वायरल हो गई। चीनी और अमेरिकी दोनों देशों के नेटिजन इस अंतर्राष्ट्रीय स्नेह की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं। संबंधित पोस्ट के कमेंट सेक्शन में 'यही वह संबंध हैं जो मानव जाति के लिए होने चाहिए' जैसे संदेश भरे पड़े हैं।
चीन-अमेरिका लोक संपर्क का ऐतिहासिक संदर्भ
दो देशों के बीच संबंध अंततः उनकी जनता के बीच के संबंध ही होते हैं। इतिहास गवाह है कि फ्लाइंग टाइगर्स के जापानी आक्रमण के खिलाफ संयुक्त संघर्ष से लेकर, द्विपक्षीय संपर्क का द्वार खोलने वाली पिंग-पांग कूटनीति और प्रसिद्ध गूलिंग मैत्री कथा तक — जनता की सद्भावना हमेशा दोनों देशों के संबंधों को तूफानों से पार ले जाने वाली सबसे मज़बूत कड़ी रही है।
जन-स्तरीय मैत्री की बढ़ती लहर
वर्तमान में चीन-अमेरिका लोक संपर्क की गर्माहट लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में अमेरिकी नेटिजन चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शिआओहोंगशू पर आकर चीनी उपयोगकर्ताओं से दैनिक जीवन की बातें साझा कर रहे हैं। इससे पहले '5 वर्षों में 50,000 अमेरिकी युवाओं को चीन आमंत्रित करने' का लक्ष्य ढाई साल पहले ही पूरा हो गया था।
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने कई अवसरों पर अमेरिकी नागरिकों से चीन जाकर स्वयं देखने का आग्रह किया है। उनकी माँ मेये मस्क ने 5 महीनों के भीतर दो बार चीन की यात्रा की और कहा कि 'चीन हर जगह जोश से भरा है।'
सर्वेक्षण क्या कहते हैं
प्यू रिसर्च सेंटर के इस वर्ष अप्रैल में प्रकाशित सर्वेक्षण के अनुसार, चीन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वाले अमेरिकी नागरिकों की संख्या 3 वर्षों में लगभग दोगुनी हो गई है। शिकागो काउंसिल ऑन ग्लोबल अफेयर्स के आँकड़े भी यह दर्शाते हैं कि लगभग 60 प्रतिशत अमेरिकी युवा पीढ़ी चीन के साथ मित्रवत संपर्क का समर्थन करती है।
पुनर्मिलन के बाद साईकाओस और यिन यूजन दोनों एक साथ माओउसू रेगिस्तान लौटे और मिलकर तीन सदाबहार 'मैत्री के पेड़' लगाए। जैसे बूंद-बूंद मिलकर नदी बनती है, वैसे ही यह जन-स्तरीय सद्भावना की धारा दोनों देशों के बीच मैत्री के सघन वन को पोषित करती रहेगी।