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अफगानिस्तान के समनगान में 1,000 एकड़ पोस्ता फसल नष्ट, नशा विरोधी अभियान तेज

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अफगानिस्तान के समनगान में 1,000 एकड़ पोस्ता फसल नष्ट, नशा विरोधी अभियान तेज

सारांश

अफगानिस्तान के समनगान प्रांत में पुलिस ने दो दिनों में 1,000 एकड़ पोस्ता फसल नष्ट की। बागलान में 400 एकड़, निमरोज में 55 किलो मेथामफेटामीन जब्त और 80 तस्करों की गिरफ्तारी के साथ यह देशव्यापी अभियान तेज़ होता दिख रहा है।

मुख्य बातें

समनगान प्रांत के दारा-ए-सुफ पायेन जिले में दो दिनों में लगभग 1,000 एकड़ पोस्ता फसल नष्ट की गई।
10 मई को बागलान प्रांत में 400 एकड़ नशीली फसलें नष्ट की गई थीं।
2 मई को निमरोज में 55 किलोग्राम मेथामफेटामीन जब्त किया गया।
26 अप्रैल को देशभर में 80 ड्रग तस्कर गिरफ्तार; हेरोइन, हशीश और अन्य मादक पदार्थ बरामद।
15 अप्रैल को खोस्त प्रांत में 100 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ सार्वजनिक रूप से जलाए गए।

अफगानिस्तान के समनगान प्रांत में पुलिस ने 25 मई 2026 तक के पिछले दो दिनों में लगभग 1,000 एकड़ पोस्ता की फसल नष्ट कर दी है। यह कार्रवाई देशभर में चल रहे व्यापक नशा विरोधी अभियान की कड़ी है, जो उत्तरी अफगानिस्तान के कई प्रांतों में एक साथ संचालित हो रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रांतीय पुलिस प्रवक्ता हशमतुल्लाह रहमानी के अनुसार यह अभियान दारा-ए-सुफ पायेन जिले और उसके आसपास के कई गाँवों में चलाया गया, जहाँ बड़े पैमाने पर पोस्ता की अवैध खेती की जा रही थी। रहमानी ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन या तस्करी में संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि यह कोई अकेली कार्रवाई नहीं है। पिछले कुछ हफ्तों में उत्तरी अफगानिस्तान के बागलान, तखार और बदख्शान प्रांतों में भी सैकड़ों एकड़ पोस्ता की फसल नष्ट की जा चुकी है।

पिछले अभियानों का ब्यौरा

10 मई को बागलान प्रांत में लगभग 400 एकड़ नशीली फसलें नष्ट की गईं। इससे पहले 2 मई को निमरोज में 55 किलोग्राम मेथामफेटामीन जब्त किया गया था। 26 अप्रैल को देशभर में एक साथ 80 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया और हेरोइन, हशीश तथा अन्य मादक पदार्थ बरामद किए गए।

15 अप्रैल को खोस्त प्रांत में 100 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ सार्वजनिक रूप से जलाए गए थे। सरकारी बयान में इसे तस्करों और वितरण नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक ज़रूरी कदम बताया गया।

अधिकारियों की चेतावनी

अधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी को भी अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन या तस्करी की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकारी बयान के अनुसार, देशभर में नशा तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने और अवैध मादक पदार्थों के प्रसार को रोकने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों के सबसे बड़े उत्पादक देशों में गिना जाता रहा है। लगातार बढ़ते इन अभियानों से संकेत मिलता है कि अधिकारी अवैध पोस्ता खेती पर अपना दबाव और तेज़ करने की मंशा रखते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इतिहास बताता है कि एकड़ों में मापी गई फसल नष्टि और वास्तविक उत्पादन में गिरावट के बीच अक्सर बड़ा अंतर रहा है। असली सवाल यह है कि क्या यह अभियान केवल दृश्यमान खेतों तक सीमित है, या आपूर्ति श्रृंखला की जड़ — वित्तपोषण और वितरण नेटवर्क — पर भी प्रहार हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के लिए सत्यापन का अभाव एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, और बिना स्वतंत्र निगरानी के इन दावों की विश्वसनीयता सीमित रहती है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अफगानिस्तान के समनगान में पोस्ता फसल नष्ट करने का अभियान क्या है?
यह अफगानिस्तान में चल रहे देशव्यापी नशा विरोधी अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत समनगान प्रांत के दारा-ए-सुफ पायेन जिले में दो दिनों में लगभग 1,000 एकड़ पोस्ता की अवैध फसल नष्ट की गई। प्रांतीय पुलिस प्रवक्ता हशमतुल्लाह रहमानी ने इसकी पुष्टि की है।
पिछले कुछ हफ्तों में अफगानिस्तान में और कहाँ-कहाँ नशा विरोधी कार्रवाई हुई है?
बागलान, तखार, बदख्शान, निमरोज और खोस्त प्रांतों में भी कार्रवाई हुई है। 10 मई को बागलान में 400 एकड़ फसल नष्ट हुई, 2 मई को निमरोज में 55 किलोग्राम मेथामफेटामीन जब्त हुई और 15 अप्रैल को खोस्त में 100 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ सार्वजनिक रूप से जलाए गए।
अफगान अधिकारियों ने ड्रग तस्करों के बारे में क्या चेतावनी दी है?
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन या तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 26 अप्रैल को देशभर में 80 ड्रग तस्करों की एक साथ गिरफ्तारी इसी नीति का हिस्सा बताई गई।
क्या यह अभियान आगे भी जारी रहेगा?
सरकारी बयान के अनुसार, देशभर में नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और अवैध मादक पदार्थों के प्रसार को रोकने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि तस्करी और वितरण नेटवर्क को खत्म करना इसका प्रमुख लक्ष्य है।
अफगानिस्तान में पोस्ता की खेती इतनी बड़ी समस्या क्यों है?
अफगानिस्तान दशकों से दुनिया के सबसे बड़े अफीम उत्पादक देशों में रहा है और यहाँ से नशीले पदार्थ अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के जरिए कई देशों में पहुँचते हैं। पोस्ता की अवैध खेती से किसानों को आर्थिक लाभ मिलता है, जिससे इसे पूरी तरह रोकना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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