अफगानिस्तान में आंधी-तूफान का कहर: कंधार, हेरात समेत 4 प्रांतों में 6 मौतें, 11 घायल
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान के कंधार, हेरात, घोर और तखर प्रांतों में 22 मई 2026 की रात तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने से भारी तबाही हुई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। अफगानिस्तान नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एएनडीएमए) के अनुसार, तूफान ने सड़कें, कुएं, कृषि भूमि और सैकड़ों सोलर पैनल तबाह कर दिए।
मुख्य घटनाक्रम
एएनडीएमए के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ हमाद ने बताया, 'कंधार, हेरात, तखर और घोर प्रांतों में आंधी-तूफान, बिजली और बाढ़ की वजह से 6 लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। 20 घर पूरी तरह तबाह हो गए और 10 को आंशिक नुकसान हुआ।'
तूफान ने बिजली के खंभे, पेड़ और खेती की जमीन को व्यापक नुकसान पहुंचाया। हेलमंद निवासी मीर हमजा ने कहा, 'तूफान ने बिजली के खंभों समेत सबकुछ तबाह कर दिया। हम सरकार से इन समस्याओं को दूर करने की अपील करते हैं।'
आम जनता पर असर
बिजली के खंभे टूट जाने से प्रभावित प्रांतों में बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सैकड़ों सोलर पैनल नष्ट होने से उन परिवारों पर सीधा असर पड़ा जो बिजली के लिए इन पर निर्भर थे। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत पहुंचाने की माँग की है।
व्यापक मानवीय संकट
एएनडीएमए के आँकड़ों के अनुसार, 26 मार्च 2026 से अब तक अफगानिस्तान में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से 250 लोग मारे जा चुके हैं, 344 घायल हुए हैं और 17,000 परिवार प्रभावित हुए हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि देश एक के बाद एक प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहा है।
इससे पहले 11 मई को इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) ने बताया था कि नंगरहार प्रांत में आई बाढ़ से करीब 2,000 परिवार प्रभावित हुए थे। प्रभावित परिवारों को आपातकालीन राहत सामग्री वितरित की गई और मानवीय राहत टीमें जरूरतमंद लोगों की पहचान में जुटी हैं।
राहत एवं बचाव की स्थिति
आईओएम के अनुसार, नंगरहार में बाढ़ के बाद कई परिवारों के घर, कृषि भूमि और घरेलू सामान बर्बाद हो गए, जिससे प्रांत के कमजोर तबकों के सामने मानवीय चुनौतियाँ और गहरी हो गई हैं। राहत कार्य जारी हैं और अधिकारियों से अपील की जा रही है कि बुनियादी ढाँचे की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए।
यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान पहले से ही लंबे समय से चले आ रहे मानवीय संकट से जूझ रहा है और आपदा प्रबंधन क्षमताएं सीमित हैं। आने वाले दिनों में और अधिक प्रभावित इलाकों से रिपोर्टें सामने आने की संभावना है।