अमेरिकी यूट्यूबर को ‘कम्फर्ट वुमन’ प्रतिमा के अपमान में मिली जेल की सजा
सारांश
Key Takeaways
- जॉनी सोमाली को ‘कम्फर्ट वुमन’ स्मारक के अपमान में जेल हुई।
- यह निर्णय सोशल मीडिया पर असीमित व्यवहार के खिलाफ एक सख्त संदेश है।
- दक्षिण कोरिया में लोगों ने इस घटना के प्रति काफी आक्रोश व्यक्त किया।
- जॉनी सोमाली पहले भी विवादित व्यवहार के लिए चर्चित रहा है।
- संवेदनशील मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
सोल, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आजकल सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए इंफ्लुएंसर और क्रिएटर्स बहुत कुछ ऐसा कर जाते हैं, जो सीमाओं को पार कर जाता है। इसी तरह का एक मामला हाल ही में एक अमेरिकी लाइव स्ट्रीमर के साथ हुआ, जिसने दक्षिण कोरिया में एक ऐसा “स्टंट” किया जो उसे बहुत महंगा पड़ा। जॉनी सोमाली को दक्षिण कोरिया की अदालत ने ‘कम्फर्ट वुमन’ स्मारक के अपमान के आरोप में जेल की सजा सुनाई है।
कोर्ट के आदेश के अनुसार, यूट्यूबर—जिसका असली नाम रामसे खालिद इस्माइल है—को छह महीने की जेल के साथ कठोर श्रम और अन्य दंड भी दिए गए हैं।
यह मामला 2024 का है, जब 25 वर्षीय जॉनी सोमाली (रामसे खालिद इस्माइल) सोल में ‘स्टैच्यू ऑफ पीस’ के पास पहुंचा। यह प्रतिमा उन महिलाओं की स्मृति में बनाई गई है, जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जबरन यौन दासता का शिकार बनाया गया।
हालांकि, यूट्यूबर ने इस संवेदनशील स्मारक के साथ अभद्रता की और इसे लाइव-स्ट्रीम भी किया।
इस घटना ने पूरे दक्षिण कोरिया में गुस्से की लहर पैदा कर दी। लोगों ने इसे केवल एक हरकत नहीं, बल्कि इतिहास और पीड़ितों का अपमान बताया। 2024 में इसके खिलाफ आरोप लगाए गए थे और उसे देश छोड़ने से रोक दिया गया।
मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ। जांच के दौरान यह सामने आया कि जॉनी सोमाली पर और भी कई आरोप हैं—जैसे सार्वजनिक स्थलों पर उत्पात मचाना, लोगों को परेशान करना और व्यवसाय में बाधा डालना। उसने कई मामलों में अपनी गलती भी स्वीकार की।
अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि “वायरल कंटेंट” के नाम पर किसी देश की संस्कृति और इतिहास का अपमान सहन नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय न केवल एक व्यक्ति के लिए, बल्कि उन “न्यूसेन्स स्ट्रीमर्स” के लिए एक चेतावनी है, जो लाइक्स और व्यूज के लिए सीमाएं पार कर जाते हैं।
जॉनी सोमाली पहले भी जापान और अन्य देशों में अपने विवादित व्यवहार के कारण चर्चाओं में रह चुका है।