ऑस्ट्रेलिया में नवंबर की असामान्य बर्फबारी: वसंत में थ्रेडबो, मेलबर्न, कैनबरा में पारा 5°C तक लुढ़का
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पूर्वी राज्यों में 8 नवंबर 2026 को वसंत ऋतु के बीच अप्रत्याशित बर्फबारी दर्ज की गई, जिसने न्यू साउथ वेल्स, विक्टोरिया और तस्मानिया के पर्वतीय क्षेत्रों को बर्फ की चादर से ढक दिया। अंटार्कटिका की दिशा से उठी तीव्र शीत लहर के कारण यह मौसमी उलटफेर सामने आया, जिसने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों को चौंका दिया।
कहाँ-कहाँ गिरी बर्फ
न्यू साउथ वेल्स के प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट थ्रेडबो और पेरिशर के साथ-साथ विक्टोरिया के माउंट हॉथम में बर्फबारी हुई। तस्मानिया की राजधानी होबार्ट के निकट कुनानयी/माउंट वेलिंगटन भी बर्फ से ढका रहा। ऑस्ट्रेलिया के मौसम विभाग ने इस बदलाव का पूर्वानुमान पहले ही जारी किया था।
थ्रेडबो में कार्यरत मैडलीन मैकवी ने इसे वसंत में बर्फबारी का हैरान करने वाला नजारा बताया। तस्मानिया के किंग्सटन बीच ओवल का मैदान ओलों से पूरी तरह ढक गया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने बर्फबारी के वीडियो और तस्वीरें बड़े पैमाने पर साझा कीं।
तापमान में भारी गिरावट
ऑस्ट्रेलिया के मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान वास्तविक दर्ज तापमान से भी कम महसूस हुआ। शनिवार दोपहर तक एडिलेड, मेलबर्न, होबार्ट, कैनबरा और सिडनी में अनुभवजन्य तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
एडिलेड में वास्तविक तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, परंतु ठंडी हवाओं के कारण यह 12.3 डिग्री जैसा महसूस हुआ। कैनबरा में अधिकतम तापमान 12.9 डिग्री रहा, जो हवा के साथ 5.3 डिग्री तक ठंडा महसूस हुआ — दिन के लिहाज से असाधारण रूप से कम। इसके विपरीत ब्रिस्बेन, पर्थ और डार्विन में तापमान 20 से 30 डिग्री के बीच सामान्य रहा।
क्या यह पहली बार हुआ
गौरतलब है कि नवंबर में बर्फबारी असामान्य ज़रूर है, लेकिन अभूतपूर्व नहीं। नवंबर 2022 में भी इनमें से कई क्षेत्रों में बर्फ गिरी थी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह इस साल के आखिरी बड़े शीत लहर वाले दौरों में से एक हो सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र और ऑस्ट्रेलियाई मौसम विभाग समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ आने वाले महीनों में शक्तिशाली अल नीनो के प्रभावों को लेकर चेतावनी जारी कर चुकी हैं।
आगे मौसम कैसा रहेगा
मौसम विभाग ने सोमवार से तापमान में सुधार का अनुमान जताया है। मंगलवार तक सभी प्रमुख शहरों में तापमान कम से कम 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की संभावना है।
अल नीनो और जलवायु परिवर्तन का संदर्भ
अल नीनो के प्रभाव से दक्षिणी गोलार्ध में आगामी गर्मी का मौसम सामान्य से अधिक गर्म और शुष्क रहने का अनुमान है। इससे ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी अफ्रीका में सूखे तथा जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। जलवायु परिवर्तन के कारण विश्व के कई हिस्सों में चरम मौसमी घटनाओं की तीव्रता बढ़ रही है — ऑस्ट्रेलिया में एक ओर नवंबर की बर्फबारी और दूसरी ओर अल नीनो का संभावित प्रकोप इसी बदलते मौसमी मिजाज की एक बानगी है।