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बांग्लादेश में अल-कायदा और आईएस नेताओं की किताबें खुलेआम बिक्री पर, सरकारी मेले में भी उपलब्ध

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बांग्लादेश में अल-कायदा और आईएस नेताओं की किताबें खुलेआम बिक्री पर, सरकारी मेले में भी उपलब्ध

सारांश

बांग्लादेश में सरकारी संस्था इस्लामिक फाउंडेशन के पुस्तक मेले समेत ऑनलाइन बाज़ारों में अल-कायदा और आईएस नेताओं की किताबें खुलेआम बिक रही हैं। रिपोर्ट में हिंसा और सरकार को अस्थिर करने की विचारधारा फैलाने का दावा — और सवाल यह है कि सरकारी छत्रछाया में यह कैसे संभव हुआ।

मुख्य बातें

अल-कायदा और आईएस नेताओं की किताबें कथित तौर पर ढाका में खुलेआम बेची जा रही हैं।
इस्लामिक फाउंडेशन के 12 सितंबर 2026 से शुरू पुस्तक मेले में कम से कम 10 प्रकाशक इन किताबों की बिक्री कर रहे हैं।
उपलब्ध किताबों में ओसामा बिन लादेन , अब्दुल्ला यूसुफ अज़्ज़ाम और AQIS तथा अंसार अल-इस्लाम से जुड़े नेताओं की रचनाएँ शामिल हैं।
पुस्तकों में सरकारी संस्थानों, पुलिस थानों और तेल पाइपलाइनों पर हमले की वकालत होने का दावा रिपोर्ट में किया गया है।
बांग्लादेश जातीयतावादी उलेमा दल के नेता नजरुल इस्लाम तालुकदार ने इसे 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट (आईएस) जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों के नेताओं द्वारा लिखित किताबें कथित तौर पर खुलेआम बेची जा रही हैं — और चिंताजनक बात यह है कि ये किताबें एक सरकारी संस्था द्वारा आयोजित पुस्तक मेले में भी पाई गई हैं। बांग्लादेशी समाचार वेबसाइट 'ढाका स्ट्रीम' की रिपोर्ट के अनुसार, इन पुस्तकों में निर्दोष नागरिकों की हत्या और सरकारों को अस्थिर करने जैसी हिंसक विचारधाराओं का प्रचार किया गया है।

पुस्तक मेले में मिलीं आतंकी विचारधारा की किताबें

रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी संस्था इस्लामिक फाउंडेशन द्वारा 12 सितंबर 2026 से शुरू किए गए एक महीने लंबे पुस्तक मेले में ये किताबें बिकती मिलीं। यह मेला ढाका की बैतुल मुक़र्रम राष्ट्रीय मस्जिद परिसर में आयोजित है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कम से कम 10 प्रकाशक इस मेले में इन किताबों की बिक्री कर रहे हैं।

जिन नेताओं की किताबें कथित तौर पर उपलब्ध पाई गईं, उनमें अल-कायदा के प्रमुख विचारक अब्दुल्ला यूसुफ अज़्ज़ाम और ओसामा बिन लादेन के अलावा अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS), अंसार अल-इस्लाम और तथाकथित इस्लामिक स्टेट से जुड़े नेता शामिल हैं।

ऑनलाइन और बाज़ार में भी उपलब्धता

रिपोर्ट के मुताबिक, ये किताबें केवल पुस्तक मेले तक सीमित नहीं हैं। बंग्लाबाजार की स्टेशनेरी दुकानों और कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी ये उपलब्ध बताई गई हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कुछ ऑनलाइन विक्रेता सोशल मीडिया के ज़रिए इन किताबों का प्रचार भी कर रहे हैं।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेश में आंतरिक राजनीतिक उथल-पुथल के बाद से कट्टरपंथी साहित्य की उपलब्धता और उसके प्रसार पर निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

किताबों में क्या है विचारधारा

रिपोर्ट के अनुसार, इन पुस्तकों में सरकारी संस्थानों, पुलिस थानों, राजमार्गों और तेल पाइपलाइनों पर हमले कर सरकारी सेवाओं को बाधित करने और लोगों में असंतोष फैलाने का समर्थन किया गया है। कुछ पुस्तकों में कथित तौर पर निर्दोष नागरिकों की हत्या को उचित ठहराने और अधिकतम नुकसान पहुँचाकर सरकारों को अस्थिर करने की बात कही गई है।

विशेषज्ञ की प्रतिक्रिया

बांग्लादेश जातीयतावादी उलेमा दल के पूर्व सदस्य सचिव और वर्तमान कार्यकारी समिति सदस्य नजरुल इस्लाम तालुकदार ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी किताबें वास्तव में बेची जा रही हैं, तो यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। तालुकदार के अनुसार, इस प्रकार का साहित्य समाज, राज्य और देश पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है और इसका किसी भी रूप में समर्थन नहीं किया जा सकता।

आगे क्या होगा

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या बांग्लादेश सरकार और इस्लामिक फाउंडेशन इन किताबों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कदम उठाएंगे। आलोचकों का कहना है कि एक सरकारी संस्था द्वारा आयोजित मेले में ऐसे साहित्य का मौजूद होना प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस मामले पर बांग्लादेश सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि AQIS जैसे संगठन भारतीय उपमहाद्वीप को अपना लक्ष्य घोषित करते हैं। बांग्लादेश सरकार की चुप्पी जितनी लंबी होगी, अंतरराष्ट्रीय दबाव उतना ही तेज़ होगा।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में कौन-सी आतंकी किताबें बिक रही हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, अल-कायदा विचारक अब्दुल्ला यूसुफ अज़्ज़ाम, ओसामा बिन लादेन, AQIS, अंसार अल-इस्लाम और आईएस से जुड़े नेताओं की किताबें ढाका में बिकती मिली हैं। इनमें हिंसक विचारधारा और सरकारों को अस्थिर करने के तरीकों का कथित तौर पर प्रचार किया गया है।
ये किताबें कहाँ बेची जा रही हैं?
ये किताबें इस्लामिक फाउंडेशन के पुस्तक मेले (बैतुल मुक़र्रम राष्ट्रीय मस्जिद परिसर, ढाका), बंग्लाबाजार की दुकानों और कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध बताई गई हैं। कम से कम 10 प्रकाशक इस मेले में इन्हें बेच रहे हैं।
इस्लामिक फाउंडेशन का पुस्तक मेला क्या है?
यह बांग्लादेश सरकार की संस्था इस्लामिक फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक महीने लंबा पुस्तक मेला है, जो 12 सितंबर 2026 से ढाका में शुरू हुआ है। एक सरकारी आयोजन में ऐसी किताबों की उपलब्धता ने इसे विवादास्पद बना दिया है।
इन किताबों में किस तरह की विचारधारा है?
रिपोर्ट के मुताबिक, इन पुस्तकों में सरकारी संस्थानों, पुलिस थानों, राजमार्गों और तेल पाइपलाइनों पर हमले की वकालत की गई है। कुछ पुस्तकों में कथित तौर पर निर्दोष नागरिकों की हत्या को उचित ठहराने और अधिकतम नुकसान पहुँचाकर सरकारें अस्थिर करने की बात है।
बांग्लादेश सरकार ने इस पर क्या कदम उठाए हैं?
अब तक बांग्लादेश सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बांग्लादेश जातीयतावादी उलेमा दल के नेता नजरुल इस्लाम तालुकदार ने इसे अस्वीकार्य बताया है और ऐसे साहित्य पर रोक लगाने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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