बांग्लादेश में जमानत के बाद भी रिहाई नहीं: अवामी लीग ने उठाए 'पाँच-स्तरीय भ्रष्टाचार' पर सवाल
सारांश
बांग्लादेश में जमानत मिलना और रिहाई पाना — ये दोनों अब अलग-अलग बातें हो गई हैं। अवामी लीग के अनुसार, ढाका के कम से कम 20 थानों में जमानत के बाद भी लोग बंद हैं, क्योंकि पुलिस की 'पाँच-स्तरीय अदृश्य मंजूरी प्रणाली' और पैसों का खेल रिहाई रोक देता है।
मुख्य बातें
अवामी लीग ने 6 मई 2026 को बांग्लादेश में 'झूठे और बेबुनियाद' मामलों की बाढ़ पर गंभीर चिंता जताई।
पार्टी के अनुसार ढाका के कम से कम 20 थानों में जमानत मिलने के बाद भी रिहाई में देरी के सबूत मिले हैं।
पुलिस में कथित 'पाँच-स्तरीय अदृश्य मंजूरी प्रणाली' और हर स्तर पर रिश्वत माँगे जाने के आरोप हैं।
वकील फरज़ाना यास्मीन राखी के अनुसार, एक केस में छूटते ही आरोपी का नाम किसी दूसरे थाने के केस में जोड़ दिया जाता है।
पार्टी ने डिजिटल ट्रैकिंग और जवाबदेही तय करने की माँग की है।
बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी अवामी लीग ने बुधवार, 6 मई 2026 को देशभर में आम नागरिकों के खिलाफ दर्ज हो रहे 'झूठे और बेबुनियाद' मामलों की बढ़ती संख्या पर गंभीर चिंता जताई। पार्टी ने आरोप लगाया कि अदालत से जमानत मिलने के बावजूद हिरासत में बंद लोगों को रिहाई नहीं मिल पा रही, क्योंकि पुलिस प्रशासन में एक 'पाँच-स्तरीय अदृश्य मंजूरी प्रणाली' और भ्रष्टाचार का जाल फैला हुआ है।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
अवामी लीग ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
तो यह मामला महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी से आगे जाता है। जमानत को 'संवैधानिक अधिकार' से 'बिकाऊ सुविधा' में बदल देने वाली प्रणाली किसी भी लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। बांग्लादेश की न्यायपालिका और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच की माँग करनी चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बांग्लादेश में अवामी लीग ने क्या आरोप लगाए हैं?
अवामी लीग ने आरोप लगाया है कि बांग्लादेश में आम नागरिकों के खिलाफ 'झूठे और बेबुनियाद' मामले दर्ज किए जा रहे हैं और अदालत से जमानत मिलने के बावजूद पुलिस प्रशासन की 'पाँच-स्तरीय अदृश्य मंजूरी प्रणाली' और रिश्वत के कारण रिहाई नहीं हो पाती। पार्टी ने ढाका के कम से कम 20 थानों में इसके सबूत होने का दावा किया है।
'पाँच-स्तरीय अदृश्य मंजूरी प्रणाली' क्या है?
अवामी लीग के अनुसार, अदालत का जमानत आदेश मिलने के बाद डिप्टी कमिश्नर, डिविजनल पुलिस ऑफिस, इंटेलिजेंस ब्रांच और संबंधित थाने — हर स्तर पर जानबूझकर देरी की जाती है और कथित तौर पर रिश्वत माँगी जाती है। यह अनौपचारिक प्रक्रिया जमानत को व्यावहारिक रूप से निष्प्रभावी बना देती है।
वकील फरज़ाना यास्मीन राखी ने क्या कहा?
ढाका जज कोर्ट की वकील फरज़ाना यास्मीन राखी ने कहा कि राजनीतिक या विवादास्पद मामलों में यदि थाने को 'मैनेज' नहीं किया गया, तो रिहाई बेहद मुश्किल हो जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि जैसे ही कोई एक केस में छूटने वाला होता है, उसका नाम किसी दूसरे थाने के केस में जोड़ दिया जाता है।
अवामी लीग ने इस समस्या के समाधान के लिए क्या माँग की है?
पार्टी ने माँग की है कि जमानत प्रक्रिया में डिजिटल ट्रैकिंग लागू की जाए और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए। पार्टी का कहना है कि जमानत एक संवैधानिक अधिकार है और इसे प्रशासनिक भ्रष्टाचार का शिकार नहीं बनने दिया जा सकता।
जुलाई 2024 के विरोध प्रदर्शनों का इससे क्या संबंध है?
अवामी लीग ने आरोप लगाया है कि जाँच अधिकारी जुलाई 2024 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े प्रभावशाली लोगों को पैसे लेकर छोड़ देते हैं, जबकि गरीब और बेगुनाह नागरिक सबसे अधिक प्रताड़ित होते हैं। यह आरोप न्यायिक समानता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।