19 जुलाई 2026
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बांग्लादेश बार एसोसिएशन चुनावों में राजनीतिक दखल के आरोप, मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट में 23 मामले दर्ज

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बांग्लादेश बार एसोसिएशन चुनावों में राजनीतिक दखल के आरोप, मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट में 23 मामले दर्ज

सारांश

फ्रांस स्थित जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस ने रिपोर्ट जारी कर बांग्लादेश के 23 बार एसोसिएशन चुनावों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप, डराने-धमकाने और जबरन निर्विरोध चुनाव कराने के मामले दर्ज किए हैं। इससे 365 वकील प्रभावित हुए और कानून के शासन पर गंभीर सवाल उठे हैं।

मुख्य बातें

जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस (जेएमबीएफ) ने 1 जून 2026 को रिपोर्ट जारी कर बांग्लादेश के बार एसोसिएशन चुनावों में कथित राजनीतिक दखल की चेतावनी दी।
रिपोर्ट में 23 बार एसोसिएशन चुनावों में अनियमितताओं का उल्लेख; 365 वकील और उम्मीदवार प्रभावित, 334 कार्यकारी समिति पद प्रभावित।
सबसे प्रचलित तरीका 'जबरन निर्विरोध चुनाव' — 14 बार एसोसिएशनों में देखा गया, 188 वकील और 181 पद प्रभावित।
अवामी लीग से जुड़े माने जाने वाले वकीलों ने कथित आपराधिक मामलों और धमकियों के कारण चुनाव लड़ने से परहेज किया।
चुनाव बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान 17 फरवरी–30 मई 2026 के बीच हुए।
जेएमबीएफ ने बांग्लादेश सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बार चुनाव सुनिश्चित करने की अपील की।

फ्रांस स्थित मानवाधिकार संगठन जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस (जेएमबीएफ) ने 1 जून 2026 को एक विस्तृत रिपोर्ट जारी कर बांग्लादेश के 23 बार एसोसिएशन चुनावों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप, डराने-धमकाने और बहिष्कार के मामलों पर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन घटनाओं से लगभग 365 वकीलों और उम्मीदवारों पर असर पड़ा और 334 कार्यकारी समिति पदों की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

रिपोर्ट का दायरा और मुख्य निष्कर्ष

जेएमबीएफ की रिपोर्ट का शीर्षक है — 'साइलेंसिंग द लीगल प्रोफेशन: एस्केलेटिंग इंटिमिडेशन, एक्सक्लूशन, एंड ऑब्स्ट्रक्शन ऑफ बार एसोसिएशन इलेक्शन्स इन बांग्लादेश (17 फरवरी–30 मई 2026)'। इसके निष्कर्ष 17 फरवरी से 30 मई 2026 के बीच हुए बार एसोसिएशन चुनावों पर आधारित हैं, जो बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में आयोजित हुए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ये घटनाएँ अलग-थलग नहीं थीं, बल्कि बांग्लादेश की कानूनी संस्थाओं में — यहाँ तक कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन जैसी महत्त्वपूर्ण संस्था में भी — एक सुनियोजित और बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती हैं।

कथित दमन के तरीके

जेएमबीएफ के अनुसार, रिपोर्ट किए गए मामलों में उम्मीदवारों को जबरन चुनाव न लड़ने के लिए मजबूर करना, नामांकन पत्र प्राप्त करने से रोकना, नामांकन दाखिल होने के बाद उसे रद्द करना, तथा डराना-धमकाना और हिंसा की धमकी देना शामिल था। संगठन ने कहा, 'सामूहिक रूप से इन प्रथाओं ने बांग्लादेश के कानूनी पेशे में लोकतांत्रिक भागीदारी को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।'

रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक प्रचलित तरीका 'जबरन निर्विरोध चुनाव' रहा, जो 14 बार एसोसिएशनों में देखा गया। इससे लगभग 188 वकील और उम्मीदवार प्रभावित हुए और 181 कार्यकारी समिति पदों पर असर पड़ा।

अवामी लीग समर्थक वकीलों पर असर

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अवामी लीग से जुड़े माने जाने वाले कई वकीलों ने कथित झूठे आपराधिक मामलों, गिरफ्तारी की धमकियों, राजनीतिक दबाव और व्यक्तिगत सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण चुनाव लड़ने से परहेज किया। कई मामलों में विपक्षी उम्मीदवारों की अनुपस्थिति के कारण बीएनपी समर्थित उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जिससे वास्तविक चुनावी प्रतिस्पर्धा समाप्त हो गई।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में राजनीतिक संक्रमण के बाद संस्थागत स्वायत्तता को लेकर पहले से ही चिंताएँ जताई जा रही हैं।

जेएमबीएफ की माँगें और चेतावनी

जेएमबीएफ ने बांग्लादेश सरकार, बार एसोसिएशन प्राधिकरणों, न्यायिक संस्थाओं और अन्य संबंधित पक्षों से बार एसोसिएशन चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी बनाने की अपील की है। संगठन ने चेतावनी दी कि बहिष्कार और डराने-धमकाने का यह पैटर्न कानूनी पेशे की स्वतंत्रता, पेशेवर संस्थाओं के लोकतांत्रिक संचालन और बांग्लादेश में कानून के शासन के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।

संगठन ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं, कानूनी संगठनों और लोकतांत्रिक साझेदारों से भी इन घटनाक्रमों पर करीबी नज़र रखने का आग्रह किया है। जेएमबीएफ ने इस बात पर जोर दिया कि वकीलों को बिना किसी डर, भेदभाव या राजनीतिक प्रतिशोध के पेशेवर संस्थाओं में स्वतंत्र रूप से भाग लेने का अधिकार मिलना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न्यायिक स्वतंत्रता के लिए प्रत्यक्ष खतरा है। बांग्लादेश सरकार ने अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की है, जो स्वयं में एक उल्लेखनीय चुप्पी है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएमबीएफ की रिपोर्ट में बांग्लादेश बार चुनावों पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश इन फ्रांस (जेएमबीएफ) की रिपोर्ट में 23 बार एसोसिएशन चुनावों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप, उम्मीदवारों को जबरन हटाने, नामांकन रद्द करने और धमकी देने के मामले दर्ज किए गए हैं। इससे लगभग 365 वकील और उम्मीदवार प्रभावित हुए।
ये बार एसोसिएशन चुनाव कब और किसके शासनकाल में हुए?
ये चुनाव 17 फरवरी से 30 मई 2026 के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में आयोजित हुए। रिपोर्ट के निष्कर्ष इसी अवधि की घटनाओं पर आधारित हैं।
'जबरन निर्विरोध चुनाव' से क्या मतलब है और यह कितने मामलों में हुआ?
रिपोर्ट के अनुसार, 'जबरन निर्विरोध चुनाव' वह स्थिति है जब विपक्षी उम्मीदवारों को दबाव या धमकी के कारण चुनाव न लड़ने पर मजबूर किया गया, जिससे बीएनपी समर्थित उम्मीदवार बिना प्रतिस्पर्धा के जीत गए। यह 14 बार एसोसिएशनों में हुआ और 188 वकील तथा 181 पद प्रभावित हुए।
इन घटनाओं का बांग्लादेश की न्यायपालिका पर क्या असर पड़ सकता है?
जेएमबीएफ ने चेतावनी दी है कि यह पैटर्न कानूनी पेशे की स्वतंत्रता, पेशेवर संस्थाओं के लोकतांत्रिक संचालन और बांग्लादेश में कानून के शासन के लिए गंभीर खतरा है। बार एसोसिएशन न्यायपालिका की स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
जेएमबीएफ ने इस मामले में किससे क्या माँग की है?
जेएमबीएफ ने बांग्लादेश सरकार, बार एसोसिएशन प्राधिकरणों और न्यायिक संस्थाओं से बार चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की अपील की है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं और लोकतांत्रिक साझेदारों से इन घटनाक्रमों पर करीबी नज़र रखने का आग्रह किया है।
राष्ट्र प्रेस
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