बांग्लादेश: अवामी लीग समर्थक 200 वकीलों पर बार एसोसिएशन चुनाव में प्रतिबंध, लोकतंत्र पर उठे सवाल

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बांग्लादेश: अवामी लीग समर्थक 200 वकीलों पर बार एसोसिएशन चुनाव में प्रतिबंध, लोकतंत्र पर उठे सवाल

सारांश

बांग्लादेश में जनवरी से अब तक करीब 200 अवामी लीग समर्थक वकीलों को 13 बार एसोसिएशन चुनावों से बाहर रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने 42 नामांकन रद्द किए। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम संघ और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकारों के विरुद्ध है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में जनवरी 2026 से अब तक अवामी लीग समर्थक करीब 200 वकीलों को लगभग 13 बार एसोसिएशन चुनावों में भाग लेने से रोका गया।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने 13-14 मई के चुनावों के लिए 90 में से 42 नामांकन पत्र अवामी लीग से कथित संबंधों के आधार पर रद्द किए।
वकील मंजिल मुर्शिद ने कहा कि प्रतिबंध केवल एक दल तक सीमित नहीं — 14-पार्टी गठबंधन और निर्दलीय उम्मीदवार भी प्रभावित हुए।
चटगांव डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन चुनाव ( 21 मई ) के लिए नामांकन के दौरान 4 मई को बार लाइब्रेरी में धक्का-मुक्की की घटना हुई।
कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।

बांग्लादेश में अवामी लीग से जुड़े करीब 200 वकीलों को जनवरी 2026 से अब तक लगभग 13 बार एसोसिएशन चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित किया जा चुका है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन वकीलों को न केवल नामांकन पत्र लेने से रोका गया, बल्कि कई मामलों में दाखिल नामांकन भी रद्द कर दिए गए। यह मामला बांग्लादेश में पेशेवर निकायों के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

बांग्लादेश के प्रतिष्ठित अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने 13-14 मई को होने वाले दो दिवसीय चुनावों के लिए 90 प्रत्याशियों में से 42 के नामांकन पत्र अवामी लीग से कथित संबंधों के आधार पर खारिज कर दिए। कई वकीलों ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें भी नामांकन प्रक्रिया से बाहर रखा गया।

इसके अलावा, 21 मई को निर्धारित चटगांव डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (सीडीबीए) चुनाव के सिलसिले में 4 मई को बार लाइब्रेरी के प्रवेश द्वार पर एक विवाद हुआ। अवामी लीग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अब्दुर रशीद के नेतृत्व में 'साधारण ऐनजीबी परिषद' के बैनर तले वकीलों का एक समूह नामांकन फॉर्म लेने पहुंचा, जहाँ कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की हुई और उन्हें जानबूझकर रोका गया।

वकीलों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के वकील मंजिल मुर्शिद ने बताया कि अवामी लीग समर्थक वकीलों के साथ-साथ 14-पार्टी गठबंधन से जुड़े वकीलों और कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन पत्र भी रद्द किए गए। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि यह राजनीतिक सफाया व्यवस्थित रूप से हो रहा है। न्यायपालिका से जुड़े पेशेवर निकायों में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का यह क्षरण एक खतरनाक मिसाल कायम करता है — जब वकील ही संघ की स्वतंत्रता से वंचित हों, तो न्यायिक स्वतंत्रता के भविष्य पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में अवामी लीग समर्थक वकीलों पर बार चुनाव प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
बार एसोसिएशनों ने अवामी लीग से कथित संबंधों के आधार पर इन वकीलों के नामांकन पत्र रद्द किए। जनवरी 2026 से अब तक करीब 13 बार एसोसिएशन चुनावों में लगभग 200 वकीलों को भाग लेने से रोका जा चुका है।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) चुनाव में कितने नामांकन रद्द हुए?
एससीबीए ने 13-14 मई के चुनावों के लिए 90 प्रत्याशियों में से 42 के नामांकन पत्र अवामी लीग से कथित संबंधों के आधार पर खारिज कर दिए। इनमें 14-पार्टी गठबंधन से जुड़े और कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल थे।
कानूनी विशेषज्ञों ने इस प्रतिबंध पर क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट की वकील सारा हुसैन ने कहा कि पेशेवर निकायों के चुनाव लड़ने का अधिकार संघ और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से सीधे जुड़ा है। वकील मंजिल मुर्शिद ने इसे पेशेवर निकायों में लोकतांत्रिक माहौल के घटते स्तर की बड़ी चिंता बताया।
चटगांव डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन चुनाव में क्या हुआ?
21 मई को निर्धारित सीडीबीए चुनाव के लिए नामांकन के दौरान 4 मई को बार लाइब्रेरी के प्रवेश द्वार पर विवाद हुआ। अवामी लीग उम्मीदवार अब्दुर रशीद के नेतृत्व में वकीलों के एक समूह को कथित तौर पर रोका गया और धक्का-मुक्की हुई।
यह प्रतिबंध बांग्लादेश के संविधान के किन प्रावधानों के विरुद्ध बताया जा रहा है?
कानूनी जानकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, यह प्रतिबंध एसोसिएशन की स्वतंत्रता और संघ के संवैधानिक अधिकारों के विरुद्ध है। वकील मोहम्मद शिशिर मनीर ने कहा कि भागीदारी वाले चुनाव के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष वातावरण आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस