क्या बांग्लादेश में क्राइम रिपोर्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों पर हमला हुआ? 10 पत्रकार घायल
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश में प्रेस की स्वतंत्रता को खतरा
- 10 पत्रकार घायल हुए
- पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लिया
- पार्किंग विवाद के चलते हमला हुआ
- हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं
ढाका, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के तहत प्रेस पर बढ़ती हिंसा के बीच, नारायणगंज जिले के नरसिंदी में बांग्लादेश क्राइम रिपोर्टर्स एसोसिएशन (सीआरएबी) के सदस्यों पर हुए हमले में कम से कम 10 पत्रकार घायल हुए हैं। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी है।
यह घटना सोमवार शाम नरसिंदी के माधबदी क्षेत्र में स्थित ड्रीम हॉलिडे पार्क के बाहर हुई, जब सीआरएबी के सदस्य अपने वार्षिक पिकनिक से लौट रहे थे।
पुलिस के अनुसार, ढाका स्थित विभिन्न मीडिया संस्थानों के जुड़े सीआरएबी सदस्यों ने अपनी गाड़ियां पार्क के बाहर एक निजी जमीन पर खड़ी की थीं, जिसे आमतौर पर पार्किंग के लिए उपयोग किया जाता है।
हालांकि दिन में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया गया था, लेकिन शाम को वाहन निकालते समय पार्किंग अटेंडेंट्स ने अतिरिक्त पैसे मांगे। इसी विवाद ने बाद में हिंसक हमले का रूप ले लिया।
हमले में 10 पत्रकार घायल हुए। इनमें से एक को नरसिंदी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य नौ को बेहतर इलाज के लिए ढाका भेजा गया।
माधबदी थाने के प्रभारी (ओसी) कमाल हुसैन ने बताया कि पुलिस ने मौके से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जो पहले भी इसी स्थान पर अवैध रूप से अतिरिक्त पार्किंग शुल्क वसूलने के मामलों में शामिल रहे हैं। यह स्थान पार्क प्रशासन के स्वामित्व में नहीं है।
घटना के बाद, सीआरएबी के अध्यक्ष मिर्जा मेहदी तमाल ने कहा कि हमलावरों ने भीड़ बनाकर हमला किया, जिससे परिवार के समारोह में मौजूद महिलाओं और बच्चों में दहशत फैल गई।
इससे पहले, इस महीने बांग्लादेश की एक प्रमुख मानवाधिकार संस्था ने वर्ष 2025 में देशभर में बढ़ती हिंसा पर गंभीर चिंता जताई थी। इसमें राजनीतिक और चुनावी हिंसा, भीड़ द्वारा हमले और लिंचिंग, पत्रकारों को परेशान करना, न्यायेतर हत्याएं तथा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा शामिल हैं।
ढाका स्थित ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पत्रकारों के खिलाफ हिंसा अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई। रिपोर्ट में बताया गया कि 318 घटनाओं में कुल 539 पत्रकार मारे गए, घायल हुए, उन पर हमला किया गया या उन्हें परेशान किया गया। इनमें तीन पत्रकारों की मौत हुई, 273 घायल हुए, 57 पर हमला किया गया, 83 को धमकियां दी गईं, 17 को गिरफ्तार किया गया, जबकि 34 मामलों में 107 पत्रकारों को आरोपी बनाया गया।
अगस्त 2024 में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से बांग्लादेश में पत्रकारों पर हमलों और कानून-व्यवस्था की स्थिति में लगातार गिरावट देखी जा रही है।