बेनजीर अहमद दुबई में गिरफ्तार: इंटरपोल की मदद से पकड़े गए बांग्लादेश के पूर्व आईजीपी
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) बेनजीर अहमद को 12 जून 2026 को दुबई में हिरासत में लिया गया है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने संसद में बताया कि यह कार्रवाई इंटरपोल की सहायता से संभव हुई। बेनजीर अहमद भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में वांछित थे और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) में सह-आरोपी भी हैं।
दुबई में गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
12 जून को दुबई पुलिस ने नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के माध्यम से ईमेल भेजकर बांग्लादेश सरकार को सूचित किया कि बेनजीर अहमद को हिरासत में ले लिया गया है। गृह मंत्री ने इसे बांग्लादेश पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि उन्हें जल्द ही स्वदेश वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि बेनजीर मई 2024 में भ्रष्टाचार जांच शुरू होते ही अपनी पत्नी और तीन बेटियों सहित देश छोड़कर फरार हो गए थे।
भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
दिसंबर 2024 में बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। जांच में कथित तौर पर लगभग 11.4 करोड़ टका की अघोषित संपत्ति का पता चला। आरोपों में अवैध संपत्ति अर्जित करना, संपत्तियों की जानकारी छिपाना और धन शोधन शामिल हैं।
3 मई 2026 को अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय किए और 13 मई से गवाहों के बयान दर्ज होने शुरू हुए। इसी मामले में इंटरपोल की सहायता से उनकी गिरफ्तारी अमल में लाई गई।
मानवता के विरुद्ध अपराधों का मामला
बेनजीर अहमद एक अन्य गंभीर मामले में भी आरोपी हैं, जिसमें रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) की पूछताछ इकाई से जुड़े कथित जबरन गुमशुदगी और मानवता के खिलाफ अपराधों की जांच हो रही है। इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सहित 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है। बेनजीर इस मामले में पहले से फरार घोषित थे।
यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में शेख हसीना के कार्यकाल से जुड़े कई पूर्व अधिकारियों पर कानूनी शिकंजा कस रहा है। दिसंबर 2021 से अमेरिकी वित्त विभाग ने कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों के चलते उन पर वैश्विक मैग्निट्स्की प्रतिबंध कार्यक्रम के तहत प्रतिबंध लगा रखा है।
संपत्तियाँ जब्त, अंतर्राष्ट्रीय खाते फ्रीज
अदालत के आदेश पर बांग्लादेश में बेनजीर और उनके परिवार की 621 बीघा जमीन, बैंक खाते और शेयर जब्त किए जा चुके हैं। इसके अलावा अमेरिका और मलेशिया में उनकी संपत्तियों और खातों को फ्रीज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उनके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस भी जारी था।
बेनजीर अहमद का कार्यकाल
बेनजीर अहमद अप्रैल 2020 से सितंबर 2022 तक बांग्लादेश के आईजीपी रहे। इससे पहले वे 2015 से 2020 तक आरएबी के महानिदेशक थे — वही अवधि जब आरएबी पर मानवाधिकार उल्लंघन के सबसे गंभीर आरोप लगे। उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।