30 जुलाई 2026
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बेनजीर अहमद दुबई में गिरफ्तार: इंटरपोल की मदद से पकड़े गए बांग्लादेश के पूर्व आईजीपी

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बेनजीर अहमद दुबई में गिरफ्तार: इंटरपोल की मदद से पकड़े गए बांग्लादेश के पूर्व आईजीपी

सारांश

बांग्लादेश के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक बेनजीर अहमद — जिन पर 11.4 करोड़ टका की अघोषित संपत्ति और मानवता के विरुद्ध अपराधों के आरोप हैं — इंटरपोल की मदद से दुबई में पकड़े गए। मई 2024 से फरार बेनजीर पूर्व PM शेख हसीना के साथ आईसीटी में भी सह-आरोपी हैं।

मुख्य बातें

बांग्लादेश के पूर्व आईजीपी बेनजीर अहमद को 12 जून 2026 को दुबई में इंटरपोल की सहायता से हिरासत में लिया गया।
गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने संसद को बताया कि उन्हें जल्द बांग्लादेश वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जांच में कथित तौर पर 11.4 करोड़ टका की अघोषित संपत्ति का पता चला; दिसंबर 2024 में एसीसी ने मामला दर्ज किया था।
बेनजीर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सहित 17 आरोपियों वाले आईसीटी मामले में भी सह-आरोपी हैं।
बांग्लादेश में 621 बीघा जमीन , बैंक खाते और शेयर जब्त; अमेरिका व मलेशिया में संपत्तियाँ फ्रीज।
दिसंबर 2021 से अमेरिकी मैग्निट्स्की प्रतिबंध कार्यक्रम के तहत उन पर प्रतिबंध लागू है।

बांग्लादेश के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) बेनजीर अहमद को 12 जून 2026 को दुबई में हिरासत में लिया गया है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने संसद में बताया कि यह कार्रवाई इंटरपोल की सहायता से संभव हुई। बेनजीर अहमद भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में वांछित थे और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) में सह-आरोपी भी हैं।

दुबई में गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

12 जून को दुबई पुलिस ने नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के माध्यम से ईमेल भेजकर बांग्लादेश सरकार को सूचित किया कि बेनजीर अहमद को हिरासत में ले लिया गया है। गृह मंत्री ने इसे बांग्लादेश पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि उन्हें जल्द ही स्वदेश वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि बेनजीर मई 2024 में भ्रष्टाचार जांच शुरू होते ही अपनी पत्नी और तीन बेटियों सहित देश छोड़कर फरार हो गए थे।

भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

दिसंबर 2024 में बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। जांच में कथित तौर पर लगभग 11.4 करोड़ टका की अघोषित संपत्ति का पता चला। आरोपों में अवैध संपत्ति अर्जित करना, संपत्तियों की जानकारी छिपाना और धन शोधन शामिल हैं।

3 मई 2026 को अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय किए और 13 मई से गवाहों के बयान दर्ज होने शुरू हुए। इसी मामले में इंटरपोल की सहायता से उनकी गिरफ्तारी अमल में लाई गई।

मानवता के विरुद्ध अपराधों का मामला

बेनजीर अहमद एक अन्य गंभीर मामले में भी आरोपी हैं, जिसमें रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) की पूछताछ इकाई से जुड़े कथित जबरन गुमशुदगी और मानवता के खिलाफ अपराधों की जांच हो रही है। इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सहित 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है। बेनजीर इस मामले में पहले से फरार घोषित थे।

यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में शेख हसीना के कार्यकाल से जुड़े कई पूर्व अधिकारियों पर कानूनी शिकंजा कस रहा है। दिसंबर 2021 से अमेरिकी वित्त विभाग ने कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों के चलते उन पर वैश्विक मैग्निट्स्की प्रतिबंध कार्यक्रम के तहत प्रतिबंध लगा रखा है।

संपत्तियाँ जब्त, अंतर्राष्ट्रीय खाते फ्रीज

अदालत के आदेश पर बांग्लादेश में बेनजीर और उनके परिवार की 621 बीघा जमीन, बैंक खाते और शेयर जब्त किए जा चुके हैं। इसके अलावा अमेरिका और मलेशिया में उनकी संपत्तियों और खातों को फ्रीज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उनके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस भी जारी था।

बेनजीर अहमद का कार्यकाल

बेनजीर अहमद अप्रैल 2020 से सितंबर 2022 तक बांग्लादेश के आईजीपी रहे। इससे पहले वे 2015 से 2020 तक आरएबी के महानिदेशक थे — वही अवधि जब आरएबी पर मानवाधिकार उल्लंघन के सबसे गंभीर आरोप लगे। उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि दुबई और बांग्लादेश के बीच औपचारिक प्रत्यर्पण संधि की स्थिति स्पष्ट नहीं है। आरएबी प्रमुख से आईजीपी तक की उनकी यात्रा और फिर अमेरिकी मैग्निट्स्की प्रतिबंध — यह दर्शाता है कि अंतर्राष्ट्रीय जवाबदेही का दबाव घरेलू राजनीतिक बदलाव से पहले ही बन चुका था। असली परीक्षा अब अदालत में होगी, जहाँ साक्ष्य और प्रक्रिया दोनों की विश्वसनीयता दाँव पर होगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेनजीर अहमद को दुबई में क्यों गिरफ्तार किया गया?
बेनजीर अहमद को भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और मानवता के विरुद्ध अपराधों के आरोपों में इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर दुबई में हिरासत में लिया गया। वे मई 2024 से फरार थे और बांग्लादेश की अदालत में उनके खिलाफ आरोप तय हो चुके थे।
बेनजीर अहमद पर कितनी संपत्ति की अघोषित रखने का आरोप है?
जांच में कथित तौर पर लगभग 11.4 करोड़ टका की अघोषित संपत्ति का पता चला है। इसके अलावा बांग्लादेश में 621 बीघा जमीन, बैंक खाते और शेयर जब्त किए जा चुके हैं, और अमेरिका व मलेशिया में उनकी संपत्तियाँ फ्रीज की गई हैं।
बेनजीर अहमद का शेख हसीना से क्या संबंध है?
बेनजीर अहमद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) में सह-आरोपी हैं। यह मामला आरएबी की पूछताछ इकाई से जुड़े कथित जबरन गुमशुदगी और मानवता के विरुद्ध अपराधों से संबंधित है, जिसमें कुल 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
बेनजीर अहमद पर अमेरिकी प्रतिबंध क्यों लगे हैं?
दिसंबर 2021 से अमेरिकी वित्त विभाग ने कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों के चलते उन पर वैश्विक मैग्निट्स्की प्रतिबंध कार्यक्रम के तहत प्रतिबंध लगाए हुए हैं। यह प्रतिबंध उनके आरएबी महानिदेशक के कार्यकाल (2015-2020) से जुड़े आरोपों पर आधारित हैं।
बेनजीर अहमद को बांग्लादेश कब वापस लाया जाएगा?
गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने संसद में बताया कि उन्हें जल्द ही बांग्लादेश वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, हालांकि कोई निश्चित तिथि नहीं बताई गई। प्रत्यर्पण की समयसीमा दुबई और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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