बांग्लादेश के गृह मंत्री का बयान: पूर्व राष्ट्रपति शाहाबुद्दीन की गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने 27 जुलाई 2025 को स्पष्ट किया कि पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन की गिरफ्तारी का फिलहाल कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि शाहाबुद्दीन को कानून के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएँ और सुरक्षा प्रदान की जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब 24 जुलाई को शाहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद उनकी गिरफ्तारी की माँग को लेकर ढाका में प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन ने 24 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा सौंपा। हालाँकि, कथित तौर पर वर्तमान सरकार का दबाव भी इस्तीफे के पीछे एक प्रमुख कारण बताया गया। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से उनकी कथित मुलाकात को लेकर भी चर्चाएँ तेज़ हो गई थीं, जिसने सियासी माहौल को और गर्म किया।
इस्तीफे के बाद से ही विभिन्न समूह उनकी गिरफ्तारी की माँग को लेकर सड़कों पर उतर आए। गृह मंत्री ने ढाका सचिवालय में पुलिसकर्मियों को वीरता और उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित करने के एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बयान दिया।
गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, 'ऐसा कोई आधार नहीं है, जिसके चलते पूर्व राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया जाए। उन्हें कानून के अनुसार मिलने वाली सभी सुविधाएँ और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।' उन्होंने बताया कि शाहाबुद्दीन को छह महीने तक स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) और प्रेसिडेंशियल गार्ड रेजिमेंट (पीजीआर) की सुरक्षा मिलेगी।
गृह मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि लोगों को अपनी राय रखने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार को अब तक ऐसा कोई तथ्य या बयान नहीं मिला है जिस पर कानूनी कार्रवाई आवश्यक हो।
संवैधानिक संरक्षण और कार्यकाल का मूल्यांकन
सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि शाहाबुद्दीन ने अपने कार्यकाल के दौरान संविधान के अनुरूप राष्ट्रपति की जिम्मेदारियाँ निभाईं। उन्होंने तत्कालीन सरकार के अंतिम चरण, अंतरिम सरकार और मौजूदा सरकार — तीनों के दौरान संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए शाहाबुद्दीन को संविधान के तहत कानूनी संरक्षण प्राप्त था। यदि उनके आधिकारिक दायित्वों से इतर किसी अवधि से जुड़ा कोई आरोप सामने आता है, तो उस पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग पर सरकार का रुख
पूर्व राष्ट्रपति से जुड़ी एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने इसके बारे में केवल अखबारों में पढ़ा है और सरकार के पास ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, 'आज के इंटरनेट युग में यह मानना कि किसी से बात करने के लिए लंदन जाना पड़े, मुझे यथार्थवादी नहीं लगता।' यह टिप्पणी उन अटकलों के संदर्भ में आई जिनमें शाहाबुद्दीन के विदेश में किसी से संपर्क की बात कही जा रही थी।
आगे क्या होगा
गृह मंत्री के बयान के बाद भी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शनकारी समूह अपनी माँग वापस लेंगे या नहीं। बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के इस दौर में शाहाबुद्दीन का भविष्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि उनके आधिकारिक कार्यकाल के बाहर की किसी गतिविधि से जुड़ा कोई ठोस आरोप सामने आता है या नहीं। फिलहाल सरकार ने संकेत दिया है कि वह कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगी।