बांग्लादेश राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन का इस्तीफा आसन्न, 31 जुलाई तक पद छोड़ने की रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन जल्द ही अपना पद छोड़ सकते हैं। ढाका से आ रही मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कई सूत्रों ने दावा किया है कि राष्ट्रपति पद से इस्तीफे की प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 तक पूरी हो सकती है। यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति पहले से ही अत्यंत अस्थिर बनी हुई है।
इस्तीफे की पृष्ठभूमि
मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में बांग्लादेश के राष्ट्रपति का पदभार संभाला था। जुलाई 2024 के व्यापक जन-प्रदर्शनों के बाद भी वे देश के एकमात्र शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारी के रूप में अपने पद पर बने रहे। बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक समाचार पत्र 'द डेली स्टार' ने सूत्रों के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति इस वर्ष मई में चिकित्सा उपचार के लिए लंदन गए थे, जहाँ उनकी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत हुई।
रिपोर्टों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को इस बातचीत की जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रपति पर पद छोड़ने का दबाव बनाया गया। हालाँकि, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया कि यह फोन बातचीत इस्तीफे का एकमात्र कारण नहीं है और पूरा मामला कहीं अधिक जटिल है।
31 जुलाई की समय-सीमा
'टाइम्स ऑफ बांग्लादेश' के अनुसार, राष्ट्रपति के करीबी एक सूत्र ने दावा किया है कि शहाबुद्दीन 31 जुलाई तक इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद वे ढाका के गुलशन स्थित अपने निजी आवास पर स्थानांतरित हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि स्वयं राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने फोन पर बातचीत में इस्तीफे से इनकार नहीं किया, परंतु इस विषय पर अधिक जानकारी देने से मना कर दिया।
राष्ट्रपति के अपने आरोप
यह घटनाक्रम राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के उन हालिया बयानों के बाद आया है जिनमें उन्होंने कहा था कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने उन्हें असंवैधानिक तरीकों से पद से हटाने के कई प्रयास किए। बांग्लादेशी अखबार कालेर कांठो को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि अंतरिम सरकार के लगभग डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान उन्हें महत्वपूर्ण चर्चाओं से दूर रखा गया।
उन्होंने कहा था, "उन डेढ़ वर्षों के दौरान मुझे किसी भी चर्चा में शामिल नहीं किया गया, फिर भी मेरे खिलाफ कई साजिशें रची गईं। देश की शांति और व्यवस्था को खत्म करने तथा संवैधानिक शून्यता पैदा करने के कई प्रयास हुए।" जब उनसे पूछा गया कि क्या वे प्रयास सफल हुए, तो राष्ट्रपति ने कहा कि वे अपने फैसले पर अडिग रहे, इसलिए कोई साजिश सफल नहीं हो सकी।
राजनीतिक संकट की गहराती छाया
राष्ट्रपति के संभावित इस्तीफे की खबर ऐसे समय सामने आई है जब BNP नेतृत्व वाली सरकार अवामी लीग से जुड़े नेताओं पर कार्रवाई तेज कर रही है। गौरतलब है कि शहाबुद्दीन स्वयं अवामी लीग की सरकार के दौरान नियुक्त हुए थे, जो उनकी स्थिति को वर्तमान राजनीतिक संदर्भ में और अधिक संवेदनशील बनाता है।
यदि शहाबुद्दीन इस्तीफा देते हैं, तो बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार और नए राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया को लेकर संवैधानिक प्रश्न उठना तय है। देश में राजनीतिक अनिश्चितता का यह दौर आने वाले हफ्तों में और अधिक निर्णायक मोड़ ले सकता है।