24 जुलाई 2026
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बांग्लादेश राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन का इस्तीफा, अप्रैल 2028 से दो साल पहले छोड़ा पद

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बांग्लादेश राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन का इस्तीफा, अप्रैल 2028 से दो साल पहले छोड़ा पद

सारांश

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने कार्यकाल से दो साल पहले इस्तीफा दे दिया। स्वास्थ्य कारण आधिकारिक वजह है, लेकिन पूर्व PM शेख हसीना से कथित फोन कॉल और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद बने दबाव ने इस इस्तीफे को बांग्लादेश के जारी राजनीतिक उथल-पुथल का नया अध्याय बना दिया है।

मुख्य बातें

मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 25 जुलाई 2026 को बांग्लादेश के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया — कार्यकाल समाप्ति से करीब दो साल पहले ।
संसद के स्पीकर ने इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार किया; शहाबुद्दीन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया।
रिपोर्टों के अनुसार, मई 2026 में लंदन प्रवास के दौरान पूर्व PM शेख हसीना से फोन कॉल की खुफिया जानकारी मिलने के बाद इस्तीफे का दबाव बना।
BNP के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्तीफे की वजह 'इससे कहीं ज़्यादा जटिल' है।
शहाबुद्दीन जुलाई 2024 के आंदोलन के बाद अवामी लीग सरकार के पतन के बाद भी पद पर बने एकमात्र बड़े संवैधानिक पदाधिकारी थे।
उन्होंने पहले आरोप लगाया था कि मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान उन्हें पद से हटाने की साज़िश रची गई।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया — जो उनके निर्धारित कार्यकाल समाप्ति से करीब दो साल पहले है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ढाका में संसद के स्पीकर ने उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया। अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति पद संभालने वाले शहाबुद्दीन, जुलाई 2024 के ऐतिहासिक जन-आंदोलन के बाद देश के एकमात्र बड़े संवैधानिक पदाधिकारी थे जो अपने पद पर बने हुए थे।

इस्तीफे की आधिकारिक वजह

बांग्लादेश के प्रमुख अखबार 'द डेली स्टार' से बातचीत में शहाबुद्दीन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'मैं कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा हूँ। फिलहाल, मुझे इससे ज़्यादा कुछ नहीं कहना है।' हालाँकि, यह सफाई उस समय आई जब उनके इस्तीफे को लेकर राजनीतिक परिदृश्य में कई अटकलें पहले से ही चल रही थीं।

शेख हसीना से फोन कॉल और खुफिया जानकारी

'द डेली स्टार' ने सूत्रों के हवाले से बताया कि शहाबुद्दीन ने इस साल मई में इलाज के लिए लंदन प्रवास के दौरान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की थी। रिपोर्टों के अनुसार, बाद में खुफिया एजेंसियों को इस संपर्क की जानकारी मिली, जिसके बाद राष्ट्रपति पर इस्तीफे का दबाव बनाया गया। गौरतलब है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक वरिष्ठ नेता ने इस व्याख्या को अधूरा बताया — उनके अनुसार, 'पूरा मामला इससे कहीं ज़्यादा जटिल है।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि और विवाद

जुलाई 2024 के प्रदर्शनों में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद से ही शहाबुद्दीन के पद पर बने रहने को लेकर बांग्लादेश में निरंतर राजनीतिक बहस जारी थी। 'प्रोथोम अलो' सहित कई प्रमुख बांग्लादेशी मीडिया संस्थानों ने इस बहस को प्रमुखता से उठाया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब BNP के नेतृत्व वाली सरकार अवामी लीग से जुड़े नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज़ कर रही है।

शहाबुद्दीन के अपने आरोप

इस्तीफे से पहले शहाबुद्दीन ने बंगाभवन (राष्ट्रपति भवन, ढाका) में बांग्लादेशी अखबार 'कालेर कंथो' को दिए एक इंटरव्यू में गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के डेढ़ वर्षों के दौरान उन्हें किसी भी अहम चर्चा से बाहर रखा गया। उन्होंने कहा, 'इन डेढ़ वर्षों के दौरान मुझे किसी भी चर्चा में शामिल नहीं किया गया। इसके बावजूद मेरे खिलाफ तरह-तरह की साज़िशें रची जा रही थीं। देश की शांति और व्यवस्था को हमेशा के लिए बिगाड़ने और संवैधानिक संकट पैदा करने की कई कोशिशें की गईं।'

आगे क्या होगा

शहाबुद्दीन के जाने के बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद रिक्त हो गया है। तेज़ी से बदलती राजनीतिक स्थिति के बीच यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि BNP सरकार इस संवैधानिक रिक्तता को किस तरह भरती है और नए राष्ट्रपति का चुनाव किस दिशा में जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन शेख हसीना से कथित फोन कॉल और खुफिया दबाव की रिपोर्टें बताती हैं कि यह इस्तीफा स्वैच्छिक कम, राजनीतिक रूप से प्रेरित अधिक था। BNP सरकार का अवामी लीग से जुड़े हर नाम को व्यवस्था से बाहर करने का क्रम अब राष्ट्रपति भवन तक पहुँच गया है। असली सवाल यह है कि नए राष्ट्रपति का चुनाव बांग्लादेश को संवैधानिक स्थिरता देगा या राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा करेगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने इस्तीफा क्यों दिया?
शहाबुद्दीन ने आधिकारिक तौर पर स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया। हालाँकि, रिपोर्टों के अनुसार मई 2026 में लंदन प्रवास के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से उनकी फोन पर बातचीत की जानकारी खुफिया एजेंसियों को मिलने के बाद उन पर इस्तीफे का दबाव बनाया गया।
शहाबुद्दीन का राष्ट्रपति कार्यकाल कब तक था?
मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति पद संभाला था और उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक निर्धारित था। उन्होंने तय समय से करीब दो साल पहले 25 जुलाई 2026 को इस्तीफा दे दिया।
शेख हसीना से फोन कॉल विवाद क्या है?
'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, शहाबुद्दीन ने मई 2026 में लंदन में इलाज के दौरान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बात की थी। बाद में खुफिया एजेंसियों को इस बातचीत की जानकारी मिली, जिसके बाद राष्ट्रपति से इस्तीफे की माँग की गई।
शहाबुद्दीन ने अंतरिम सरकार पर क्या आरोप लगाए थे?
शहाबुद्दीन ने 'कालेर कंथो' अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के डेढ़ वर्षों के दौरान उन्हें किसी भी अहम चर्चा से बाहर रखा गया और उन्हें पद से हटाने तथा संवैधानिक संकट पैदा करने की साज़िशें रची गईं।
शहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद बांग्लादेश में क्या होगा?
राष्ट्रपति पद रिक्त होने के बाद BNP के नेतृत्व वाली सरकार को नए राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। यह निर्णय बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा और अवामी लीग विरोधी कार्रवाइयों के संदर्भ में अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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