क्या भारत के वित्तीय सहयोग से नेपाल में नए स्कूलों का निर्माण होगा?

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क्या भारत के वित्तीय सहयोग से नेपाल में नए स्कूलों का निर्माण होगा?

सारांश

भारत ने नेपाल में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नए स्कूलों के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण भारत की वित्तीय सहायता से किया जाएगा। यह परियोजना न केवल शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय विकास में भी सहयोग करेगी।

Key Takeaways

  • भारत की वित्तीय सहायता से नेपाल में नए स्कूलों का निर्माण हो रहा है।
  • इस परियोजना का क्रियान्वयन स्थानीय नगरपालिकाओं द्वारा किया जाएगा।
  • नए स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं जैसे प्रशासनिक भवन, छात्रावास और शौचालय शामिल होंगे।
  • यह परियोजना नेपाल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
  • भारत और नेपाल के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक है।

काठमांडू, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत की वित्तीय सहायता से नेपाल के रूपंदेही जिले के बुटवल उप-महानगर और बाजहांग जिले की जयापृथ्वी नगरपालिका में स्कूलों के नए बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए शुक्रवार को दो अलग-अलग स्थानों पर शिलान्यास किया गया।

भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि रूपंदेही के बुटवल उप-महानगर में स्थित नयागांव माध्यमिक विद्यालय भवन के निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव सुमन शेखर और बुटवल उप-महानगर के मेयर खेल राज पांडे ने संयुक्त रूप से परियोजना का शिलान्यास किया। दूतावास के अनुसार, इस स्कूल ढांचे के निर्माण के लिए भारत की ओर से लगभग 4.4 करोड़ नेपाली रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

इसी प्रकार, बाजहांग जिले की जयापृथ्वी नगरपालिका के भोजपुर में स्थित श्री सत्यवादी माध्यमिक विद्यालय के प्रशासनिक भवन और छात्रावास के निर्माण के लिए भी शिलान्यास किया गया। इस परियोजना का शिलान्यास भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव नारायण सिंह और जयापृथ्वी नगरपालिका के मेयर चेत राज बजाल ने किया। दूतावास के मुताबिक, इन स्कूल भवनों के निर्माण के लिए भारत सरकार की ओर से लगभग 13.9 करोड़ नेपाली रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

नई सुविधाओं में तीन मंजिला प्रशासनिक भवन, लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग छात्रावास, शौचालय और अन्य सहायक संरचनाएं शामिल होंगी।

दोनों परियोजनाओं को ‘हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स’ (एचआईसीडीपी) के तहत लिया गया है। इनका क्रियान्वयन संबंधित नगरपालिकाओं द्वारा किया जाएगा।

दूतावास ने बताया कि एचआईसीडीपी वर्ष 2003 से भारत-नेपाल विकास साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पहले इन्हें ‘स्मॉल ग्रांट प्रोजेक्ट्स’ के नाम से जाना जाता था। ये परियोजनाएं नेपाल सरकार की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों-जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता, ग्रामीण विद्युतीकरण, जलविद्युत, तटबंध और नदी प्रशिक्षण में स्थानीय निकायों के माध्यम से जमीनी स्तर पर लागू की जाती हैं।

भारतीय दूतावास ने कहा, “करीबी पड़ोसी और विकास साझेदार होने के नाते भारत और नेपाल के बीच बहु-क्षेत्रीय और व्यापक सहयोग है। एचआईसीडीपी का क्रियान्वयन नेपाल सरकार के विकास और प्रगति के प्रयासों को सशक्त बनाने में भारत सरकार के निरंतर समर्थन को दर्शाता है।”

Point of View

बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों को और भी गहरा करेगा।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

नेपाल में स्कूलों के निर्माण के लिए भारत कितनी आर्थिक सहायता कर रहा है?
भारत ने नेपाल के बुटवल उप-महानगर में नयागांव माध्यमिक विद्यालय के लिए लगभग 4.4 करोड़ नेपाली रुपये और बाजहांग जिले के श्री सत्यवादी माध्यमिक विद्यालय के लिए लगभग 13.9 करोड़ नेपाली रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है।
इन स्कूलों के निर्माण का उद्देश्य क्या है?
इन स्कूलों के निर्माण का उद्देश्य शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और स्थानीय समुदायों के विकास में योगदान देना है।
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