क्यूबा पर अमेरिकी धमकियों के बीच ब्राजील का आग्रह: अंतरराष्ट्रीय कानून और बातचीत को प्राथमिकता दें
सारांश
मुख्य बातें
ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने 26 मई 2026 को क्यूबा के विरुद्ध अमेरिकी धमकियों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि मतभेदों को सुलझाने का एकमात्र स्वीकार्य रास्ता कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान है। उन्होंने कहा कि क्यूबा में संभावित अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की नौबत न आए, इसके लिए 'बातचीत और संवाद' सर्वोत्तम विकल्प है।
ब्राजील का आधिकारिक रुख
विदेश मंत्री विएरा ने सोमवार को कहा कि ब्राजील कैरेबियन द्वीप के विरुद्ध किसी भी प्रकार की विदेशी धमकी को अस्वीकार करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने वाशिंगटन की अपनी हालिया यात्रा के दौरान क्यूबा की संप्रभुता के सम्मान का आग्रह किया था।
राष्ट्रपति लूला के शब्दों को उद्धृत करते हुए विएरा ने कहा, 'क्यूबा एक ऐसा समाज है जो सम्मान का पात्र है। हम चाहते हैं कि क्षेत्र में संतुलन के साथ सभी मतभेदों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से सुलझाया जाए।'
लैटिन अमेरिका को संवाद का क्षेत्र बनाए रखने की अपील
विएरा ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भू-राजनीतिक तनावों को बढ़ने से रोकने के लिए लैटिन अमेरिका को संवाद और सहयोग के क्षेत्र के रूप में संरक्षित रखना आवश्यक है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारियों की ओर से क्यूबा पर दबाव बढ़ाने के संकेत मिल रहे हैं।
क्यूबा के राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल ने इससे पहले अमेरिका पर बिना किसी सबूत के क्यूबा को 'आतंकवाद का प्रायोजक' करार देने के लिए 'खोखली बयानबाजी' का सहारा लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन सैन्य आक्रामकता को उचित ठहराने के लिए मीडिया में एक विशेष कहानी को बढ़ावा दे रहा है।
डियाज़-कैनेल ने शुक्रवार को दावा किया कि 'क्यूबा अमेरिका के लिए खतरा है' — यह धारणा केवल वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के कुछ अधिकारियों की 'बीमार मानसिकता' में ही जीवित है। उनके अनुसार इन अधिकारियों ने वाशिंगटन की क्यूबा नीति का 'अपहरण' कर लिया है।
क्यूबा का ऐतिहासिक पक्ष और आरोप
डियाज़-कैनेल ने कहा कि क्यूबा ने अपनी क्रांति की विजय के बाद से शांतिपूर्वक रहने का प्रयास किया है, जबकि लगातार अमेरिकी प्रशासनों ने इस अधिकार को 'बार-बार' खतरे में डाला है। उन्होंने कहा, 'अब वे इसे चरम स्तर पर कर रहे हैं, जिसमें बेतुके झूठ को सैन्य धमकियों और क्यूबा के लोगों को उनके दैनिक जीवनयापन के लिए सबसे बुनियादी संसाधनों और सेवाओं से वंचित करने के साथ जोड़ा जा रहा है।'
आगे क्या
ब्राजील का यह रुख लैटिन अमेरिकी देशों के बीच एक व्यापक सहमति को दर्शाता है कि क्षेत्र में सैन्य हस्तक्षेप के बजाय कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दी जाए। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नज़र अब अमेरिकी प्रशासन की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी है।