क्यूबा के राष्ट्रपति डियाज-कैनेल पर अमेरिकी प्रतिबंध, चीन ने कड़े शब्दों में निंदा की
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार, 6 जून को क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका ने क्यूबा के विरुद्ध अपनी नाकेबंदी और दबाव की नीति को और अधिक कठोर बना दिया है तथा सार्वजनिक रूप से क्यूबा के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया है। बीजिंग ने इसे 'अमेरिकी बदमाशी और उत्पीड़न' की नीति का नया उदाहरण करार दिया।
चीन की आधिकारिक प्रतिक्रिया
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह एक बार फिर अमेरिकी बदमाशी, उत्पीड़न और दबाव की नीति को उजागर करता है। चीन इसका दृढ़ता से विरोध करता है।' उन्होंने यह भी कहा कि क्यूबा में स्थिरता बनाए रखना अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की साझा अपेक्षा है और क्यूबा को अस्थिर करने की कोशिशें अंततः विफल होंगी।
चीन ने अमेरिका से माँग की कि वह क्यूबा पर लगाई गई नाकेबंदी और हर प्रकार का दबाव तत्काल समाप्त करे। प्रवक्ता ने दोहराया कि चीन हमेशा क्यूबा की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और बाहरी हस्तक्षेप के विरोध में उसके साथ खड़ा रहेगा।
अमेरिकी प्रतिबंधों का विवरण
अमेरिकी वित्त विभाग ने गुरुवार, 5 जून को जारी एक आधिकारिक बयान में क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल, उनकी पत्नी, सौतेले बेटे तथा क्यूबा के पूर्व नेता राउल कास्त्रो के बेटे और पोते को प्रतिबंध सूची में शामिल किया। यह कदम क्यूबा के सर्वोच्च नेतृत्व को सीधे निशाना बनाने की अब तक की सबसे स्पष्ट कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
क्यूबा की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने इन प्रतिबंधों को क्यूबा के विरुद्ध नाकेबंदी को और मज़बूत करने की कोशिश बताया और कहा कि क्यूबा साम्राज्यवादी आक्रमण का डटकर सामना करेगा। क्यूबा के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कदम को 'आर्थिक आक्रमण' करार देते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका इसे बहाना बनाकर क्यूबा के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई की कोशिश कर सकता है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-क्यूबा संबंध दशकों से तनावपूर्ण बने हुए हैं और छह दशक से अधिक पुरानी अमेरिकी नाकेबंदी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर लगातार विवाद का विषय रही है। गौरतलब है कि चीन और क्यूबा के बीच वैचारिक और राजनयिक निकटता ऐतिहासिक रही है, और बीजिंग नियमित रूप से हवाना के पक्ष में अमेरिकी नीतियों की आलोचना करता आया है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के व्यक्तिगत प्रतिबंध वास्तविक नीति परिवर्तन के बजाय प्रतीकात्मक दबाव के रूप में अधिक काम करते हैं।
आगे की स्थिति
चीन और क्यूबा दोनों ने अमेरिकी प्रतिबंधों को अस्वीकार करने की अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नज़र अब इस पर होगी कि क्या अन्य देश भी इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखते हैं और क्या यह मामला संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर उठाया जाता है।