ब्रिटेन ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए कदम उठाने पर विचार शुरू किया
सारांश
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लंदन, 15 मार्च (आईएएनस)। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, ब्रिटेन ने घोषणा की है कि वह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित और खुला रखने के लिए संभावित उपायों पर "गहनता से विचार" कर रहा है। आईआरजीसी की धमकी के कारण यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग लगभग बंद हो गया है, जिससे तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि हो रही है।
ब्रिटेन के ऊर्जा मंत्री एड मिलिबैंड ने स्काई न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है और सहयोगी देशों के साथ मिलकर यह देख रही है कि इस समुद्री मार्ग को फिर से पूरी तरह से चालू रखने में क्या भूमिका निभाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, और यदि इसमें व्यवधान आता है तो इसका प्रभाव वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ेगा। यही कारण है कि ब्रिटेन अपने साझेदार देशों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ निरंतर संपर्क में है।
इसमें समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए विशेष जहाजों या ड्रोन का उपयोग करने जैसे उपाय भी शामिल हो सकते हैं।
मिलिबैंड ने यह भी कहा कि ब्रिटेन की सेना इतनी सक्षम है कि वह अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ इस संकट का समाधान निकालने में भी सहायता कर सकती है।
खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बढ़ने के कारण इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह जलडमरूमध्य खाड़ी देशों से निकलने वाले तेल और गैस के प्रमुख मार्गों में से एक है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गुजरता है।
ब्रिटिश सरकार का कहना है कि वर्तमान में प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो। इसी उद्देश्य से ब्रिटेन सहयोगी देशों के साथ संभावित कूटनीतिक और सुरक्षा विकल्पों पर चर्चा कर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ता रहा, तो इसका व्यापक प्रभाव वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। यही कारण है कि पश्चिमी देश इस मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए संयुक्त कदमों की संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं।