ब्रिटिश कोलंबिया ने ओपनएआई पर किया मुकदमा: टंबलर रिज स्कूल गोलीकांड में 8 मौतें, चेतावनी न देने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कनाडाई प्रांत ब्रिटिश कोलंबिया ने 22 सितंबर 2026 को सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में ओपनएआई और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि 10 फरवरी 2026 को टंबलर रिज सेकेंडरी स्कूल में हुए गोलीकांड — जिसमें 8 लोगों की जान गई और 27 घायल हुए — को रोका जा सकता था, यदि कंपनी ने हमलावर की चैटजीपीटी गतिविधियों की जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को समय रहते दी होती। यह मुकदमा किसी सरकार द्वारा एआई कंपनी पर दायर उन शुरुआती कानूनी कार्रवाइयों में से एक है, जिनमें सार्वजनिक सुरक्षा की जवाबदेही सीधे एआई प्लेटफॉर्म पर डाली गई हो।
गोलीकांड का घटनाक्रम
10 फरवरी 2026 को ब्रिटिश कोलंबिया के टंबलर रिज कस्बे के एक माध्यमिक विद्यालय में 18 वर्षीय जेसी वैन रूटसेलार ने गोलीबारी की, जिसमें पाँच बच्चों और एक शिक्षक सहित 8 लोगों की मौत हो गई और 27 लोग घायल हुए। हमलावर की भी बाद में मृत्यु हो गई। इस हादसे ने कनाडा को हिलाकर रख दिया और स्कूल की इमारत को बाद में गिराकर नया विद्यालय बनाने की आवश्यकता पड़ी।
प्रांतीय सरकार के अनुसार, घटना के बाद समुदाय में राहत कार्य, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ और पुनर्निर्माण पर भारी खर्च हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए ओपनएआई से मुआवजे की माँग की जा रही है।
ओपनएआई पर मुख्य आरोप
मुकदमे में दावा किया गया है कि ओपनएआई की सुरक्षा टीम ने हमलावर की चैटजीपीटी पर की गई बातचीत में जून 2025 में ही बंदूक हिंसा से जुड़ी चिंताजनक गतिविधि चिन्हित कर ली थी — यानी हमले से करीब आठ महीने पहले। आरोप है कि सुरक्षा टीम के सदस्यों ने पुलिस को सूचित करने की सिफारिश की थी, लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया।
मुकदमे के अनुसार, संबंधित अकाउंट को बाद में निष्क्रिय तो कर दिया गया, परंतु हमलावर ने एक अन्य अकाउंट बनाकर चैटजीपीटी का इस्तेमाल जारी रखा। ब्रिटिश कोलंबिया सरकार का कहना है कि कंपनी के पास ऐसे सुरक्षा उपाय लागू करने के विकल्प मौजूद थे, जिनसे हिंसक गतिविधियों के जोखिम को कम किया जा सकता था।
सरकार और ओपनएआई की प्रतिक्रिया
ब्रिटिश कोलंबिया की अटॉर्नी जनरल निकी शर्मा ने कहा, 'प्रांत यह जानना चाहता है कि क्या ओपनएआई ने हिंसा के खतरे की जानकारी मिलने के बाद पर्याप्त कदम उठाए थे।' प्रांत ने अदालत से यह भी माँग की है कि कैलिफोर्निया स्थित चैटजीपीटी को उन बातचीतों से निपटने के तरीके में बदलाव का आदेश दिया जाए, जिनमें हिंसा की योजना के संकेत मिल सकते हैं।
दूसरी ओर, ओपनएआई के प्रवक्ता ड्रू पुसाटेरी ने टंबलर रिज गोलीकांड को 'बेहद दुखद घटना' बताया और कहा, 'ओपनएआई सरकार और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ सहयोग करने तथा अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।' हालाँकि, उन्होंने आरोपों की सच्चाई पर सीधी टिप्पणी नहीं की।
पीड़ितों के मुकदमे और व्यापक प्रभाव
गौरतलब है कि ब्रिटिश कोलंबिया सरकार के मुकदमे से पहले ही टंबलर रिज गोलीकांड के पीड़ित परिवारों, बचे हुए लोगों और अन्य प्रभावित व्यक्तियों ने ओपनएआई के खिलाफ 30 से अधिक मुकदमे दायर किए हैं। इन सभी में कंपनी पर यही आरोप है कि उसने हमलावर की गतिविधियों को लेकर पर्याप्त हस्तक्षेप नहीं किया।
यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में एआई प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो रही है। यह मुकदमा उन नज़ीरों में से एक बन सकता है, जो यह तय करें कि एआई कंपनियाँ अपने उपयोगकर्ताओं की खतरनाक गतिविधियों की सूचना देने के लिए कानूनी रूप से कितनी बाध्य हैं। सभी आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं और इन पर अंतिम न्यायिक फैसला नहीं हुआ है।
आगे क्या होगा
यह मामला सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में चलेगा। अदालत का फैसला न केवल ओपनएआई के लिए, बल्कि समूचे एआई उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण नज़ीर स्थापित कर सकता है — खासकर इस सवाल पर कि क्या एआई कंपनियाँ अपने प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध हिंसक बातचीत की जानकारी अधिकारियों को देने के लिए कानूनन जिम्मेदार हैं।