कनाडा के कार्यवाहक उच्चायुक्त ने सराहा PM मोदी का 25 साल का नेतृत्व, कहा- भारत को मिली स्पष्ट दिशा
सारांश
मुख्य बातें
भारत में कनाडा के कार्यवाहक उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने 13 अक्टूबर 2026 को एक विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक लगातार 25 वर्षों तक इतनी अहम ज़िम्मेदारियाँ निभाना एक 'असाधारण उपलब्धि' है। कूटर ने यह भी कहा कि मोदी ने भारत को वह स्पष्ट दिशा दी है जो पहले नहीं थी।
कनाडाई उच्चायुक्त ने क्या कहा
क्रिस्टोफर कूटर ने बताया कि कनाडा के लिए यह देखना अत्यंत उत्साहजनक है कि भारत इतनी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रधानमंत्री का नेतृत्व मिलना जो द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत बनाने और भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़े संरचनात्मक बदलाव लाने के प्रति प्रतिबद्ध हो, कनाडा के लिए साझेदारी की नई संभावनाएँ खोलता है।
कूटर ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनकी भारत में पहली नियुक्ति 25 साल पहले हुई थी। उस समय देश विकास की राह पर आगे बढ़ना शुरू कर रहा था, लेकिन लाइसेंस राज की व्यवस्था अभी भी काफ़ी हद तक बनी हुई थी। उन्होंने कहा, 'आज जब मैं प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों को सुनता हूँ, तो मुझे विकास की रफ़्तार को और तेज़ करने की मज़बूत प्रतिबद्धता दिखाई देती है।'
अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक व्यापार पर टिप्पणी
वैश्विक व्यापार तनाव और अमेरिकी टैरिफ चेतावनी पर बात करते हुए कूटर ने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देशों के बीच मज़बूत द्विपक्षीय संबंध हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत इन मुद्दों पर बातचीत के ज़रिए कोई रास्ता निकालेगा। यह ऐसे समय में आया है जब कई देश अमेरिकी व्यापार नीतियों से उत्पन्न अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
कूटर ने भारत की विशिष्ट स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया में इतनी बड़ी आबादी वाला कोई दूसरा लोकतंत्र नहीं है, और भविष्य में भारत और भी बड़ा तथा अधिक प्रभावशाली देश बनने की संभावना रखता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर कनाडा का रुख
इस बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध का विषय भी उठा। कूटर ने स्पष्ट किया कि कनाडा यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस की सैन्य कार्रवाई का पूरी तरह विरोध करता है। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन है, जिस पर रूस समेत सभी देशों ने सहमति जताई थी। इस युद्ध में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं — सैकड़ों हज़ारों लोगों की मौत हुई है या वे घायल हुए हैं, जबकि संपत्ति और बुनियादी ढाँचे को अरबों डॉलर का नुक़सान पहुँचा है।
हालाँकि, कूटर ने यह भी स्वीकार किया कि प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव के व्यापक प्रभाव हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा ख़ुद भी प्रतिबंधों से जुड़ी चुनौतियों से गुज़र चुका है और इसलिए इनके आर्थिक असर को समझता है।
भारत-कनाडा संबंधों की बड़ी तस्वीर
गौरतलब है कि भारत और कनाडा के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में कई कूटनीतिक विवादों से गुज़रे हैं। ऐसे माहौल में कनाडाई उच्चायुक्त का मोदी के नेतृत्व की इतनी खुलकर सराहना करना एक उल्लेखनीय कूटनीतिक संकेत है। यह इस बात का भी संकेत है कि दोनों देश संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
कूटर ने अपनी बात समेटते हुए कहा कि वे एक बार फिर प्रधानमंत्री और भारत को पिछले कुछ दशकों में हासिल की गई उपलब्धियों के लिए बधाई देते हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या ये सकारात्मक कूटनीतिक बयान ठोस द्विपक्षीय सहयोग में तब्दील होते हैं।