सीजीटीएन सर्वे: बुद्धिमान युग में एआई से बदल रहा है मीडिया का स्वरूप, 78% उत्तरदाताओं ने माना
सारांश
मुख्य बातें
चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) द्वारा 10 जून 2026 को जारी एक वैश्विक सर्वेक्षण के अनुसार, बुद्धिमान युग में मीडिया का स्वरूप तेज़ी से बदल रहा है और 'सब कुछ मीडिया होने तथा इंसान-मशीन के मिलकर काम करने' का पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित हो चुका है। यह सर्वेक्षण पाँचवें सीएमजी फोरम के अवसर पर चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें 24 घंटों के भीतर 7,438 वैश्विक नेटीजनों ने भाग लिया।
समाचार रिपोर्टिंग में गहरा बदलाव
सर्वेक्षण में शामिल 78.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने स्वीकार किया कि बुद्धिमान युग में समाचार रिपोर्टिंग के तरीकों में आमूलचूल परिवर्तन हो रहा है। आँकड़ों के अनुसार, बुद्धिमान सहायता प्राप्त संपादन, एल्गोरिदम आधारित अनुशंसा एवं व्यक्तिगत वितरण, और सामग्री का स्वचालित निर्माण — ये तीन क्षेत्र एआई के सर्वाधिक प्रभावशाली अनुप्रयोग के रूप में उभरे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर के मीडिया संस्थान अपने न्यूज़रूम में एआई उपकरणों को तेज़ी से अपना रहे हैं।
सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत में मीडिया की भूमिका
सर्वेक्षण के अनुसार, 71.7 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि बुद्धिमान युग में सभ्यता की विरासत और प्रसार में मीडिया की भूमिका और अधिक उन्नत होगी। इस संदर्भ में भाषाओं व संस्कृतियों के बीच अप्रतिबंधित संचार, लुप्तप्राय भाषाओं एवं स्थानीय संस्कृतियों की सुरक्षा, और सांस्कृतिक विरासत का डिजिटलीकरण व बुद्धिमान कहानी — ये तीन पहलू शीर्ष पर रहे। गौरतलब है कि एआई-संचालित अनुवाद और संग्रहण तकनीकें अब उन भाषाओं और परंपराओं को डिजिटल रूप में संरक्षित करने में सक्षम हो रही हैं, जो अन्यथा विलुप्त हो सकती थीं।
एआई के संभावित खतरे: उत्तरदाताओं में सतर्कता
सर्वेक्षण में भाग लेने वालों ने एआई तकनीक के संभावित जोखिमों को लेकर भी सावधानी दिखाई। सूचना की सत्यता पर संदेह, मानव नवाचार क्षमता में गिरावट की आशंका, और व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग की चिंता — ये तीन मुद्दे उत्तरदाताओं की प्राथमिक चिंताओं में सबसे ऊपर रहे। आलोचकों का कहना है कि बिना पर्याप्त नियामक ढाँचे के, एआई-जनित सामग्री का प्रसार 'डीपफेक' और भ्रामक सूचनाओं के खतरे को बढ़ा सकता है।
सर्वेक्षण का दायरा और पहुँच
यह सर्वेक्षण सीजीटीएन के अंग्रेज़ी, स्पेनिश, फ्रांसीसी, अरबी और रूसी भाषा प्लेटफॉर्म पर एक साथ जारी किया गया। प्रकाशन के मात्र 24 घंटों के भीतर 7,438 नेटीजनों ने इसमें भागीदारी की, जो इस विषय पर वैश्विक स्तर पर बढ़ती जागरूकता और रुचि को दर्शाता है। आगे चलकर सीएमजी फोरम में इन निष्कर्षों पर विस्तृत विचार-विमर्श अपेक्षित है, जो वैश्विक मीडिया नीति-निर्माण को दिशा दे सकता है।