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सीजीटीएन सर्वेक्षण: 41 देशों के 63.9% उत्तरदाताओं ने चीन की तरक्की का श्रेय सीपीसी नेतृत्व को दिया

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सीजीटीएन सर्वेक्षण: 41 देशों के 63.9% उत्तरदाताओं ने चीन की तरक्की का श्रेय सीपीसी नेतृत्व को दिया

सारांश

सीजीटीएन के सर्वेक्षण में 41 देशों के 63.9% उत्तरदाताओं ने चीन की तरक्की का श्रेय सीपीसी को दिया। भारत समेत पाँच देशों में यह समर्थन 80% से ऊपर रहा। सर्वेक्षण चीन की सरकारी मीडिया संस्था ने कराया — एक तथ्य जो इसके निष्कर्षों के संदर्भ को समझने के लिए अहम है।

मुख्य बातें

सीजीटीएन ने 41 देशों के 11,521 प्रतिभागियों के बीच सर्वेक्षण कराया, जो चाइना मीडिया ग्रुप के अधीन एक सरकारी संस्था है।
वैश्विक स्तर पर 63.9% उत्तरदाताओं ने चीन की आधुनिकीकरण उपलब्धियों को सीपीसी के शासन से जोड़ा।
ग्लोबल साउथ में यह समर्थन 71.4% रहा; केन्या, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, भारत और वियतनाम में 80% से अधिक।
14वीं पंचवर्षीय योजना (2021–2025) में चीन का GDP 1,400 खरब युआन पार, 6.242 करोड़ नए शहरी रोजगार सृजित।
61.3% वैश्विक उत्तरदाताओं ने पश्चिमी बहुदलीय प्रणालियों को अल्पकालिक नीतियों और सामाजिक विभाजन का शिकार माना।

बीजिंग में 1 जुलाई 2026 को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ के अवसर पर जारी एक अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 63.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि चीन की आधुनिकीकरण उपलब्धियाँ सीपीसी के शासन से अविभाज्य हैं। यह सर्वेक्षण सीजीटीएन (चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क) द्वारा 41 देशों के 11,521 प्रतिभागियों के बीच कराया गया।

सर्वेक्षण की पृष्ठभूमि और दायरा

सीजीटीएन ने यह सर्वेक्षण इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए किया कि सीपीसी अपने वादों को लगातार पूरा करने में सक्षम क्यों रही है। सर्वेक्षण में शामिल 41 देश एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका में फैले हैं, जिससे इसे व्यापक भौगोलिक प्रतिनिधित्व मिला है। गौरतलब है कि यह सर्वेक्षण चाइना मीडिया ग्रुप के अधीन एक सरकारी मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित किया गया है, जो इसके निष्कर्षों को पढ़ते समय ध्यान में रखा जाना चाहिए।

चीन की विकास उपलब्धियाँ

14वीं पंचवर्षीय योजना (2021–2025) के दौरान चीन ने उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति दर्ज की। देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 1,400 खरब युआन से अधिक हो गया। इसी अवधि में प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय में औसतन 5.4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई और कुल 6.242 करोड़ नए शहरी रोजगार सृजित हुए।

इसके अलावा, औसत जीवन प्रत्याशा बढ़कर 79 वर्ष से अधिक हो गई — जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण में सुधार का संकेत है।

ग्लोबल साउथ में सबसे अधिक समर्थन

सर्वेक्षण के अनुसार, ग्लोबल साउथ के देशों में सीपीसी के प्रति समर्थन का स्तर वैश्विक औसत से काफी अधिक रहा — वहाँ 71.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सहमति जताई। विशेष रूप से, केन्या, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, भारत और वियतनाम के उत्तरदाताओं ने 80 प्रतिशत से अधिक की स्वीकृति दर दर्ज की, जो सर्वेक्षण में शामिल सभी देशों में सर्वोच्च रही।

पश्चिमी बहुदलीय प्रणाली पर वैश्विक राय

सर्वेक्षण में शामिल 41 में से 30 देशों के उत्तरदाताओं का मानना था कि सीपीसी, जो व्यापक जनसमूह के मूलभूत हितों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है, दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों की रक्षा के मामले में पश्चिमी दलों से बेहतर स्थिति में है।

वैश्विक स्तर पर 61.3 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मत था कि पश्चिमी बहुदलीय प्रणालियाँ दूरदर्शिता की कमी और सामाजिक विभाजन की शिकार होती हैं। भारत, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया में यह आँकड़ा 70 प्रतिशत से अधिक रहा। विकसित देशों में भी, ब्रिटेन (62.5%) और अमेरिका (61.5%) के उत्तरदाताओं ने इस विचार का समर्थन किया।

आगे क्या

सीपीसी की 105वीं वर्षगांठ पर जारी यह सर्वेक्षण वैश्विक शासन मॉडलों पर बहस को नई ऊर्जा देता है। आने वाले समय में चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026–2030) की रूपरेखा पर दुनिया की नज़र रहेगी, जो यह तय करेगी कि क्या यह विकास की गति बनाए रखी जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नमूना चयन पद्धति और प्रश्नों की संरचना सार्वजनिक नहीं की गई है। पश्चिमी बहुदलीय प्रणालियों की आलोचना को जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, वह एकतरफा तुलना का आभास देती है — जबकि सीपीसी शासन में नागरिक स्वतंत्रता, प्रेस की आज़ादी और राजनीतिक विरोध पर पाबंदियों जैसे पहलुओं को सर्वेक्षण के दायरे से बाहर रखा गया है।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजीटीएन सर्वेक्षण क्या है और इसमें किसने भाग लिया?
यह सर्वेक्षण चीनी सरकारी मीडिया संस्था सीजीटीएन (चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क) द्वारा कराया गया, जिसमें 41 देशों के 11,521 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य सीपीसी के नेतृत्व और चीन की विकास उपलब्धियों पर वैश्विक राय जानना था।
सर्वेक्षण में भारत की क्या स्थिति रही?
सर्वेक्षण के अनुसार, भारत उन पाँच देशों में शामिल रहा जहाँ 80 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने सीपीसी के नेतृत्व को चीन की विकास उपलब्धियों का श्रेय दिया। भारत के साथ केन्या, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और वियतनाम भी इस सूची में थे।
चीन की 14वीं पंचवर्षीय योजना में क्या हासिल हुआ?
2021 से 2025 के बीच चीन का GDP 1,400 खरब युआन से अधिक हो गया, प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय में औसतन 5.4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई और 6.242 करोड़ नए शहरी रोजगार सृजित हुए। औसत जीवन प्रत्याशा भी बढ़कर 79 वर्ष से अधिक हो गई।
पश्चिमी बहुदलीय प्रणाली पर सर्वेक्षण में क्या राय सामने आई?
वैश्विक स्तर पर 61.3 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि पश्चिमी बहुदलीय प्रणालियाँ अल्पकालिक नीतियों और सामाजिक विभाजन की शिकार होती हैं। ब्रिटेन में 62.5 प्रतिशत और अमेरिका में 61.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस विचार का समर्थन किया।
क्या इस सर्वेक्षण के निष्कर्ष निष्पक्ष माने जा सकते हैं?
यह सर्वेक्षण चीन की सरकारी मीडिया संस्था द्वारा कराया गया है, इसलिए इसकी स्वतंत्रता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। नमूना चयन पद्धति और प्रश्नों की संरचना का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे इसके निष्कर्षों की तुलना स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षणों से करना ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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