सीजीटीएन सर्वे: 41 देशों के 11,521 लोगों ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को बताया 'मजबूत नेतृत्व' का प्रतीक
सारांश
मुख्य बातें
चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) के एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में 41 देशों के 11,521 उत्तरदाताओं ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की सबसे गहरी छाप के रूप में 'एक मजबूत नेता' को चुना। यह सर्वे चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के तत्वावधान में आयोजित किया गया और इसके नतीजे 2 जुलाई को सामने आए।
सर्वे की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि आज से लगभग 90 वर्ष पूर्व, 1936 में, अमेरिकी पत्रकार एडगर स्नो ने अपने लेखों और तस्वीरों के माध्यम से पश्चिमी दुनिया को सीपीसी से पहली बार विस्तार से परिचित कराया था। उस ऐतिहासिक कड़ी को ध्यान में रखते हुए सीजीटीएन ने यह सर्वेक्षण आयोजित किया, जो वैश्विक जनमत में सीपीसी की छवि का आकलन करता है।
मुख्य निष्कर्ष
सर्वे के अनुसार, सीपीसी की पहचान के तीन शीर्ष बिंदु रहे — 'एक मजबूत नेता', 'वैश्विक स्थिरता बनाए रखने की सकारात्मक शक्ति', और 'विकासशील देशों के हितों का प्रतिनिधि'। ये तीनों धारणाएँ वैश्विक उत्तरदाताओं के बीच सबसे अधिक उभरकर सामने आईं।
वैश्विक दक्षिण में व्यापक समर्थन
शासन प्रदर्शन के मामले में, सर्वे में शामिल 'वैश्विक दक्षिण' देशों के 57.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सीपीसी की शासन प्रभावशीलता की सराहना की — जो विकसित देशों के उत्तरदाताओं की तुलना में 22.8 प्रतिशत अधिक है। विशेष रूप से पाकिस्तान, नाइजीरिया और वियतनाम के उत्तरदाताओं में यह मान्यता दर 70 प्रतिशत से अधिक रही।
किन क्षेत्रों को मिली सर्वाधिक सराहना
वैश्विक नेटिज़न्स की नज़र में सीपीसी के शासन के तीन सबसे सराहनीय पहलू रहे — बुनियादी ढाँचे में सुधार, शिक्षा में प्रगति और रोज़गार के अवसरों में वृद्धि। ये तीनों क्षेत्र वैश्विक उत्तरदाताओं के मूल्यांकन में शीर्ष पर रहे।
सर्वे की सीमाएँ और संदर्भ
यह ध्यान देना आवश्यक है कि यह सर्वेक्षण सीएमजी — जो चीन का राज्य-नियंत्रित मीडिया समूह है — द्वारा संचालित किया गया था। आलोचकों का कहना है कि राज्य-प्रायोजित सर्वेक्षणों की पद्धति और नमूना चयन स्वतंत्र शोध से भिन्न हो सकता है, इसलिए इन आँकड़ों को उनके स्रोत के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या स्वतंत्र शोध संस्थाएँ इन निष्कर्षों की पुष्टि करती हैं।