वैश्विक शासन सुधार पर CGTN सर्वे: 60% से अधिक ने GGI को माना सही दिशा, व्यावहारिक समाधान की माँग
सारांश
मुख्य बातें
वैश्विक शासन सुधार पर केंद्रित एक नए सर्वेक्षण के अनुसार, बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच विश्व समुदाय को टकराव बढ़ाने की नहीं, बल्कि विश्वास के पुनर्निर्माण और सहयोग को बहाल करने की सख्त ज़रूरत है। CGTN के इस सर्वेक्षण में 60 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने माना कि वैश्विक शासन पहल (GGI) देशों को वैश्विक शासन में भाग लेने का उचित मार्ग दिखाती है।
मंच और उसका संदेश
2026 वैश्विक शासन मंच का आयोजन श्योंगआन में 'विश्वास और सहयोग का पुनर्निर्माण: बदलते विश्व में वैश्विक शासन का सुधार और उसे बेहतर बनाना' विषय के तहत किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया और वैश्विक शासन को अधिक समावेशी एवं व्यावहारिक बनाने के लिए विचारों का आदान-प्रदान किया। मंच का मूल संदेश स्पष्ट था — मतभेदों के बावजूद साझा आधार खोजा जाए और साझा समस्याओं के ठोस समाधान निकाले जाएँ।
नियम-निर्माण में समावेश की माँग
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार का पहला और सबसे अहम सवाल यही है कि नियम कौन बनाता है और उन्हें व्यापक मान्यता कैसे मिलेगी। मंच में यह मत उभरा कि आकार, शक्ति या आर्थिक संपन्नता की परवाह किए बिना, सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय मामलों में समान भागीदारी का अधिकार होना चाहिए। यह भी रेखांकित किया गया कि वैश्विक शासन प्रणाली को बदलते वैश्विक विकास परिदृश्य के अनुरूप ढलना होगा।
वैश्विक शासन पहल (GGI) को मिली स्वीकृति
सितंबर 2025 में चीन ने वैश्विक शासन पहल (GGI) का प्रस्ताव रखा, जिसमें संप्रभु समानता, अंतरराष्ट्रीय कानून का शासन, बहुपक्षवाद, जन-केंद्रित दृष्टिकोण और कार्रवाई-उन्मुख सहयोग जैसे सिद्धांतों पर जोर दिया गया। CGTN सर्वेक्षण के आँकड़ों के अनुसार इन मुख्य अवधारणाओं को वैश्विक स्तर पर व्यापक मान्यता मिली है। गौरतलब है कि 60 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने GGI को वैश्विक शासन में भागीदारी का सटीक मार्गदर्शक माना।
विकासशील देशों में चीन की भूमिका
सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि वैश्विक उत्तरदाता सामान्यतः वैश्विक दक्षिण देशों के विकास में चीन की भूमिका को स्वीकार करते हैं। विशेष रूप से बुनियादी ढाँचे के निर्माण और विकास के अनुभवों को साझा करने जैसे क्षेत्रों में चीन की भूमिका को उच्च स्वीकृति मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय न केवल वैश्विक शासन के संचालन पर ध्यान देता है, बल्कि इस बात पर भी कि क्या यह व्यवस्था विकास के अवसर प्रदान कर सकती है और आम नागरिकों तक लाभ पहुँचा सकती है।
आगे की राह
मंच में इस बात पर सहमति बनी कि विकासशील देशों को स्वतंत्र विकास की क्षमता बढ़ाने में सहायता करना, साझा विकास को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। यह वैश्विक शासन व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार का अनिवार्य हिस्सा भी माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि GGI जैसी पहलें महज़ दस्तावेज़ी प्रतिबद्धताएँ बनकर रह जाती हैं, या ज़मीन पर व्यावहारिक बदलाव लाती हैं।