चीन और सिंगापुर के बीच संवाद: एआई और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ
सारांश
Key Takeaways
- चीन और सिंगापुर के बीच एआई में सहयोग का बढ़ता महत्व।
- सिंगापुर सरकार का एआई को प्राथमिकता देना।
- डीपसीक और सी लॉयन जैसे मॉडल के माध्यम से तकनीकी प्रगति।
- स्मार्ट विनिर्माण और हरित प्रौद्योगिकी में नए अवसर।
- बीजिंग और सिंगापुर के बीच व्यापारिक संबंधों का विस्तार।
बीजिंग, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 23 मार्च को सिंगापुर में चीन-सिंगापुर संवाद का आयोजन किया गया। इस संवाद का विषय था 'चीन के विकास के एक नए अध्याय से सशक्त सिंगापुर के स्थानीय व्यवसाय', जिसे सिंगापुर विनिर्माण महासंघ (एसएमएफ) ने आयोजित किया। इसमें लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा की।
अपने संबोधन में, चीन के राजदूत छाओ चोंगमिंग ने कहा कि जैसे-जैसे चीन एक स्मार्ट अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, दोनों देशों के उद्यमों के बीच सहयोग का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि एआई के क्षेत्र में पहले से ही सहयोग की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
उदाहरण देते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि चीनी कंपनियों द्वारा विकसित 'डीपसीक' मॉडल ने कई सिंगापुर के उपयोगकर्ताओं को आकर्षित किया है। इसके साथ ही, सिंगापुर का राष्ट्रीय स्तर का बड़ा भाषा मॉडल 'सी लॉयन' ने भी अलीबाबा क्लाउड के साथ साझेदारी की है। इस संदर्भ में, दोनों देशों के उद्यमों के बीच सहयोग के नए अवसर निरंतर उभर रहे हैं।
सिंगापुर प्रेस होल्डिंग्स में चीनी भाषा मीडिया समूह की अध्यक्ष ली हुईलिंग ने कहा कि सिंगापुर सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026 के बजट में एआई विकास को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा, सिंगापुर का विनिर्माण क्षेत्र चीन की बुद्धिमान विकास प्रक्रिया में भाग लेने के नए तरीके तलाशने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
एसएमएफ के अध्यक्ष लेनन टैन ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चीन का आर्थिक विकास मॉडल गहरे परिवर्तनों से गुजर रहा है, जिससे एआई, स्मार्ट विनिर्माण और हरित प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)